छत्रपति संभाजीनगर जिले से खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के वैजापुर इलाके में स्थित 'नेचुरल डेयरी' पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। डेयरी में हो रही भारी अनियमितताओं और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री की शिकायतों के बाद जब प्रशासन की टीम ने औचक निरीक्षण किया, तो वहां की तस्वीर देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। गुणवत्ता मानकों की कड़ी जांच में यह डेयरी पूरी तरह फिसड्डी साबित हुई और इसे 100 में से मात्र 15 अंक ही मिल सके।
जांच में खुली पोल: 94 में से मिले सिर्फ 15 अंक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने वैजापुर स्थित इस डेयरी का भौतिक सत्यापन किया था। कुल 94 मानकों पर इस डेयरी की कार्यप्रणाली और साफ-सफाई की परफॉर्मेंस जांची गई। हैरानी की बात यह है कि नेचुरल डेयरी इनमें से अधिकांश पैमानों पर खरी नहीं उतर पाई और उसे केवल 15 अंक ही नसीब हुए। हाइजीन की भयंकर कमी, स्टोरेज में लापरवाही और नियमों की अनदेखी को देखते हुए एफडीए ने तत्काल प्रभाव से कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया।
जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्रशासन अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। अधिकारियों का कहना है कि डेयरी परिसर में जिस तरह का माहौल पाया गया, वह सीधे तौर पर आम नागरिकों की सेहत के लिए एक बड़ा खतरा था।
59 किलोग्राम पनीर और अन्य सामग्री मौके पर नष्ट
निरीक्षण के दौरान एफडीए की टीम ने डेयरी के भीतर रखे गए खाद्य उत्पादों की गहनता से पड़ताल की। इस दौरान भारी मात्रा में संदिग्ध और अमानक सामग्री पाई गई। अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 59 किलोग्राम पनीर और अन्य खाद्य उत्पादों को मौके पर ही जब्त कर लिया।
- कुल नष्ट किया गया माल: 59 किलोग्राम संदिग्ध पनीर व अन्य उत्पाद
- कुल वित्तीय मूल्य: 42,880 रुपये
- कार्रवाई का तरीका: जनता के बीच वितरण रोकने के लिए मौके पर ही विनष्टीकरण
जब्त किए गए इन उत्पादों की कुल कीमत 42,880 रुपये आंकी गई है। अधिकारियों ने संक्रमण और बीमारी फैलने के अंदेशे को ध्यान में रखते हुए इस पूरे माल को मौके पर ही नष्ट करवा दिया, ताकि यह किसी भी स्थिति में बाजार में उपभोक्ताओं तक न पहुंच सके।
लाइसेंस निलंबित, आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी
केवल माल नष्ट करने तक ही यह कार्रवाई सीमित नहीं रही, बल्कि एफडीए ने नेचुरल डेयरी के खिलाफ प्रशासनिक रूप से सबसे बड़ा कदम उठाते हुए उसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। लाइसेंस रद्द होने के बाद अब यह डेयरी वैजापुर या आसपास के क्षेत्र में वैध रूप से अपने उत्पादों की बिक्री नहीं कर सकेगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में डेयरी संचालक को नोटिस जारी किया गया है और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट (FSSA) के नियमों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब या सुधार नहीं दिखाया गया, तो लाइसेंस को हमेशा के लिए रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
त्योहारी सीजन से पहले प्रशासन की कड़ी चेतावनी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई आने वाले दिनों में अन्य मिलावटखोरों और लापरवाह कारोबारियों के लिए एक कड़ा संदेश है। बाजार में दूध, पनीर, मावा और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स की मांग हमेशा बनी रहती है, और अक्सर इसी का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व घटिया या मिलावटी सामान बाजार में खपाने की कोशिश करते हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि छत्रपति संभाजीनगर जिले में फूड सेफ्टी के नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में ऐसी चेकिंग और अधिक तेज की जाएगी ताकि आम जनता की थाली तक केवल शुद्ध और सुरक्षित भोजन ही पहुंचे।
आम जनता के लिए सलाह
एफडीए ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी भी खाद्य प्रतिष्ठान में साफ-सफाई की कमी या मिलावट का संदेह हो, तो वे तुरंत विभाग को इसकी सूचना दें। आपकी एक छोटी सी जागरूकता कई लोगों की जिंदगी और सेहत बचा सकती है।