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Ghazipur 308 Wheel Truck: गाजीपुर में थमी 308 पहियों वाले महाट्रक की रफ्तार, पूरे दिन केवल 10 KM चला

Ghazipur 308 Wheel Truck: गाजीपुर में थमी 308 पहियों वाले महाट्रक की रफ्तार, पूरे दिन केवल 10 KM चला

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश की सड़कों पर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना 308 पहियों वाला विशाल मल्टी-एक्सल ट्रेलर रविवार को गाजीपुर में बेहद धीमी रफ्तार से आगे बढ़ पाया। करीब 200 टन से अधिक वजनी औद्योगिक बॉयलर लेकर चल रहा यह विशेष वाहन शनिवार को जिले में करीब 50 किलोमीटर तक आगे बढ़ा था, लेकिन रविवार को रास्ते में आई तकनीकी और ढांचागत बाधाओं के कारण पूरे दिन में लगभग 10 किलोमीटर का सफर ही तय कर सका।

विशाल बॉयलर को लेकर चल रहा काफिला रविवार को देवकठिया क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए बिरनो की ओर पहुंचा। रास्ते में ग्रीनफील्ड हाईवे के फ्लाईओवर और आगे बिरनो के मिर्जापुर टोल प्लाजा पर पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बन गया है।

बिरनो टोल प्लाजा पर बनाया जा रहा विशेष रास्ता

विशाल ट्रेलर को सामान्य टोल लेन से निकालना आसान नहीं है। इसके आकार और चौड़ाई को देखते हुए बिरनो क्षेत्र के मिर्जापुर टोल प्लाजा के किनारे रास्ते को समतल करने का काम किया जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर मशीनों की मदद से मिट्टी डालकर ऐसा रास्ता तैयार किया जा रहा है, जिससे ट्रेलर बिना किसी नुकसान के टोल क्षेत्र को पार कर सके। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह इसे टोल प्लाजा से आगे निकालने की तैयारी है।

इस पूरे अभियान में केवल वाहन चलाना ही चुनौती नहीं है। ट्रेलर के आगे तकनीकी और सिविल टीम लगातार रास्ते की जांच करती चल रही है। जहां ऊंचाई या चौड़ाई कम पड़ती है, वहां पहले रास्ता तैयार किया जाता है और उसके बाद ही भारी वाहन को आगे बढ़ाया जाता है।

शनिवार को 50 किमी, रविवार को सिर्फ 10 किमी

गाजीपुर पहुंचने के बाद शनिवार इस यात्रा के लिए अपेक्षाकृत बेहतर दिन रहा था। विशेष ट्रेलर कैथी क्षेत्र से आगे बढ़कर देवकठिया के आसपास तक पहुंचा और एक दिन में करीब 50 किलोमीटर की दूरी तय करने में सफल रहा।

रविवार को स्थिति अलग रही। ग्रीनफील्ड हाईवे और आसपास के ढांचों को सुरक्षित तरीके से पार कराने में काफी समय लगा। इसके बाद बिरनो टोल प्लाजा के पास रास्ता तैयार करने का काम भी चलता रहा।

यही कारण है कि रविवार को वाहन की वास्तविक आगे बढ़ने की दूरी लगभग 10 किलोमीटर तक सीमित रह गई।

आखिर 308 पहियों की जरूरत क्यों?

यह कोई सामान्य मालवाहक ट्रक नहीं है। अत्यधिक भारी औद्योगिक उपकरणों के परिवहन के लिए मल्टी-एक्सल हाइड्रोलिक मॉड्यूलर ट्रेलर का इस्तेमाल किया जाता है।

इसके सैकड़ों पहिये वजन को सड़क पर एक ही स्थान पर पड़ने देने के बजाय कई हिस्सों में बांटते हैं। इससे भारी मशीन को अपेक्षाकृत सुरक्षित तरीके से सड़क मार्ग से ले जाना संभव होता है।

इस ट्रेलर पर लदा औद्योगिक उपकरण करीब 100 फीट लंबा बताया गया है। भारी वजन, लंबाई और चौड़ाई की वजह से वाहन को सामान्य ट्रैफिक की तरह नहीं चलाया जा सकता।

बेल्जियम से समुद्र के रास्ते पहुंची मशीन

ट्रेलर पर रखी विशाल औद्योगिक मशीन बेल्जियम से भारत लाई गई है। समुद्री रास्ते से इसे ओडिशा के पारादीप बंदरगाह तक पहुंचाया गया और इसके बाद सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश की ओर रवाना किया गया।

रास्ते में ओडिशा, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों से गुजरते हुए काफिला वाराणसी के बाद गाजीपुर पहुंचा है।

इतने बड़े उपकरण के कारण कई स्थानों पर पहले से मार्ग का सर्वे किया जा रहा है। बिजली के तार, साइनेज, फुट ओवरब्रिज और कम चौड़ाई वाली सड़कें इस यात्रा की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल हैं।

लखीमपुर खीरी के बड़े प्रोजेक्ट में इस्तेमाल होगी मशीन

इस विशाल औद्योगिक उपकरण का गंतव्य बलरामपुर चीनी मिल्स की उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित कुंभी इकाई है।

कंपनी यहां बड़े स्तर पर PLA यानी Polylactic Acid आधारित बायोप्लास्टिक निर्माण परियोजना विकसित कर रही है। PLA एक प्रकार का बायोपॉलिमर है, जिसे पारंपरिक पेट्रोलियम आधारित प्लास्टिक के विकल्प के तौर पर देखा जाता है।

बलरामपुर चीनी मिल्स की Bioyug परियोजना में गन्ने जैसे नवीकरणीय कच्चे माल से PLA तैयार करने की योजना है। कंपनी के अनुसार यह औद्योगिक स्तर की बड़ी बायोप्लास्टिक परियोजना है।

यही वजह है कि विदेश से आए भारी औद्योगिक उपकरणों को विशेष ट्रेलर के जरिए परियोजना स्थल तक पहुंचाया जा रहा है।

रास्ते में पहले हटाए जा चुके हैं कई अवरोध

308 पहियों वाले इस ट्रेलर की यात्रा पिछले कई दिनों से चर्चा में है। वाराणसी क्षेत्र में इसके गुजरने से पहले भी सड़क किनारे मौजूद कई अवरोधों को अस्थायी रूप से हटाने की व्यवस्था की गई थी।

फुट ओवरब्रिज, बिजली की लाइन, साइनेज और संकरी सड़क वाले स्थानों पर तकनीकी टीम को पहले काम करना पड़ रहा है। इसके बाद ही काफिला आगे बढ़ पा रहा है।

यात्रा की रफ्तार इसलिए केवल वाहन की क्षमता पर निर्भर नहीं करती। हर अगले हिस्से में सड़क और आसपास के ढांचे की स्थिति तय करती है कि वाहन कितनी तेजी से आगे जा पाएगा।

गाजीपुर में देखने वालों की जुट रही भीड़

308 पहियों और विशाल बॉयलर के साथ गुजर रहे ट्रेलर को देखने के लिए गाजीपुर में जगह-जगह लोगों की भीड़ भी दिखाई दे रही है। सड़क किनारे खड़े लोग मोबाइल फोन से इसकी तस्वीरें और वीडियो बना रहे हैं।

सामान्य सड़क पर इतने बड़े औद्योगिक उपकरण का परिवहन रोज देखने को नहीं मिलता। यही कारण है कि जिस इलाके से यह काफिला गुजर रहा है, वहां यह चर्चा का विषय बन रहा है।

अब सबसे ज्यादा नजर बिरनो के मिर्जापुर टोल प्लाजा पर है। यहां तैयार किया जा रहा विशेष रास्ता पूरा होने के बाद काफिले को आगे रवाना किया जाएगा। इसके बाद भी लखीमपुर खीरी स्थित अंतिम गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा सफर बाकी है।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

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निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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