फौज की वर्दी भले ही उतर जाए, लेकिन सीने में धड़कने वाला देशप्रेम कभी रिटायर नहीं होता। इस बात का जीवंत उदाहरण उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में देखने को मिला, जहां 26 एयर डिफेंस (AD) बटालियन के पूर्व सैनिकों ने अपने इस मुकाम के 86वें स्थापना दिवस पर एक भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया। दूर-दराज के इलाकों से पहुंचे इन पूर्व सैनिकों का उत्साह और ऊर्जा देखने लायक थी, जिसे देखकर यह अहसास आसानी से हो जाता है कि देश की रक्षा की शपथ लेने वाला जवान कभी बूढ़ा नहीं होता, वह हमेशा राष्ट्र की एक अमूल्य धरोहर रहता है।
यादों का कारवां और पुरानी यादें ताजा
कार्यक्रम की शुरुआत बेहद आत्मीय माहौल में हुई, जहां बरसों बाद मिले साथियों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। फौज के दिनों के किस्से, सरहद की मुस्तैदी और बटालियन के साथ बिताए गए स्वर्णिम पलों को याद कर सभी की आंखें चमक उठीं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वह एकता और भाईचारा था, जो सिर्फ और सिर्फ भारतीय सेना के अनुशासन और संस्कृति में ही देखने को मिलता है।
सभा का बेहद शानदार और ऊर्जावान संचालन पूर्व सैनिक वीरेंद्र प्रताप यादव द्वारा किया गया। उनके संचालन ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए और हर एक पूर्व सैनिक के भीतर देशभक्ति की अलख को और अधिक प्रज्वलित कर दिया।
पर्दे के पीछे के नायकों को सलाम
किसी भी बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए मंच पर दिखने वाले चेहरों के साथ-साथ उन लोगों की मेहनत भी अहम होती है जो पर्दे के पीछे रहकर काम संभालते हैं। 26 AD बटालियन के इस 86वें 'राइजिंग डे' (Raising Day) को ऐतिहासिक सफलता दिलाने में कई साथियों ने अपना बहुमूल्य योगदान दिया।
आयोजकों ने विशेष रूप से उन सभी पर्दे के पीछे के नायकों को दिल से सलाम और धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनकी अथक मेहनत के बिना इस भव्य कार्यक्रम की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। इस प्रकार के आयोजन न केवल पुराने रिश्तों को मजबूत करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भी सेना के अनुशासन और एकजुटता का पाठ पढ़ाते हैं।
भविष्य के लिए प्रेरणा और उम्मीद
कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी इस तरह के यादगार और सार्थक आयोजनों का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा। पूर्व सैनिकों ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे मिलन समारोहों के जरिए वे न केवल आपस में जुड़े रहते हैं, बल्कि सामाजिक सरोकारों और देशहित के कार्यों में भी अपना योगदान देते रहते हैं।
एक बार फिर 26 AD के 86वें 'राइजिंग डे' के इस पावन अवसर पर सभी पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई और ढेरों शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम का समापन 'जय हिन्द' के गगनभेदी नारों के साथ हुआ, जिससे पूरा माहौल देशभक्ति के रंगों में रंग गया।