Breaking
► पटना स्नातक चुनाव: अनंत सिंह के विरोध पर विजय सिन्हा का पलटवार, कहा- जनता तय करेगी परिणाम ► घरेलू गैस सिलेंडर बुकिंग में बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती ► राहुल गांधी का आरोप, अंकिता भंडारी के माता-पिता को इंडिया गेट से हिरासत में लिया गया ► उत्तर प्रदेश में तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराना हुआ मुश्किल ► पूर्णिया में दुर्गा पूजा और रावण वध को लेकर पुलिस अलर्ट, SSP ने किया पंडालों का निरीक्षण ► बाराबंकी: एमएलसी चुनाव और सीएम योगी की रैली को लेकर भाजपा ने कसी कमर ► विकसित महाराष्ट्र 2047: परिवहन विस्तार के लिए उच्च स्तरीय टास्क फोर्स गठित ► देवप्रयाग में बड़ा हादसा: खाई में गिरी कार, चालक समेत दो की मौत ► IVRI में इंटर्न डॉक्टरों का 10 दिन का आंदोलन खत्म, 13 हजार स्टाइपेंड पर बनी सहमति ► बिहार: गलत अनुसंधान और फर्जी मुकदमे पर कोर्ट सख्त, डीएसपी और थानाध्यक्ष पर कार्रवाई का आदेश ► पटना स्नातक चुनाव: अनंत सिंह के विरोध पर विजय सिन्हा का पलटवार, कहा- जनता तय करेगी परिणाम ► घरेलू गैस सिलेंडर बुकिंग में बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती ► राहुल गांधी का आरोप, अंकिता भंडारी के माता-पिता को इंडिया गेट से हिरासत में लिया गया ► उत्तर प्रदेश में तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराना हुआ मुश्किल ► पूर्णिया में दुर्गा पूजा और रावण वध को लेकर पुलिस अलर्ट, SSP ने किया पंडालों का निरीक्षण ► बाराबंकी: एमएलसी चुनाव और सीएम योगी की रैली को लेकर भाजपा ने कसी कमर ► विकसित महाराष्ट्र 2047: परिवहन विस्तार के लिए उच्च स्तरीय टास्क फोर्स गठित ► देवप्रयाग में बड़ा हादसा: खाई में गिरी कार, चालक समेत दो की मौत ► IVRI में इंटर्न डॉक्टरों का 10 दिन का आंदोलन खत्म, 13 हजार स्टाइपेंड पर बनी सहमति ► बिहार: गलत अनुसंधान और फर्जी मुकदमे पर कोर्ट सख्त, डीएसपी और थानाध्यक्ष पर कार्रवाई का आदेश

नेताजी का वीआईपी शौक! 25 किमी दूर भेजी सरकारी फायर ब्रिगेड, फिर बंगले पर चला पानी

नेताजी का वीआईपी शौक! 25 किमी दूर भेजी सरकारी फायर ब्रिगेड, फिर बंगले पर चला पानी

भारतीय राजनीति में वीआईपी कल्चर (VIP Culture) और सत्ता के रुतबे के किस्से अक्सर सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन कई बार ऐसे मामले सामने आ जाते हैं जो आम जनता को सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि आखिर प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल किस हद तक निजी फायदों के लिए किया जा सकता है। वर्तमान में सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। मामला गुजरात के दाहोद जिले का है, जहां एक पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक के घर की साफ-सफाई के लिए जो हुआ, उसने हर किसी को हैरान कर दिया है।

25 किलोमीटर दूर भेजी गई आपातकालीन सेवा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला दाहोद जिले के देवगढ़ बारिया तालुका का है। यहां के विधायक और गुजरात सरकार के पूर्व राज्य मंत्री बचूभाई खाबड़ पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने आगामी त्योहार की तैयारियों के चलते अपने निजी बंगले को चमकाने के लिए नगर पालिका की फायर ब्रिगेड (Fire Brigade) की गाड़ी का इस्तेमाल किया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह दमकल गाड़ी नगर पालिका की सीमा के भीतर किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए नहीं, बल्कि सीमा पार कर करीब 24 से 25 किलोमीटर दूर स्थित धानपुर-पीपेरो क्षेत्र में उनके निजी आवास पर भेजी गई थी।

वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे नगर पालिका का हाई-प्रेशर वाटर फाइटर वाहन और उसके कर्मचारी किसी आग बुझाने के बजाय, एक आलीशान बंगले के फर्श और दीवारों को धोने में जुटे हुए हैं। आपातकालीन सेवाओं के इस तरह के खुलेआम दुरुपयोग ने स्थानीय नागरिकों और विपक्ष के नेताओं को गुस्से से भर दिया है।

सोशल मीडिया पर फूटा जनता का गुस्सा

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुआ, नेटिज़न्स और स्थानीय जनता ने तीखी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं। लोगों का कहना है कि एक तरफ जहां भीषण गर्मी या अन्य दिनों में आम नागरिक पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसते हैं और नगर पालिका के टैंकरों के लिए घंटों कतारों में खड़े रहते हैं, वहीं दूसरी तरफ सत्ता के गलियारों में बैठे नुमाइंदे सरकारी पानी और महंगे वाहनों से अपने महलनुमा बंगले साफ करवा रहे हैं।

  • जनता के सवाल: क्या आपातकालीन वाहन सिर्फ वीआईपी लोगों की सेवा के लिए होते हैं?
  • संसाधनों की बर्बादी: इस पूरे ऑपरेशन में खर्च हुआ सरकारी डीजल और कर्मचारियों का समय क्या जनता के टैक्स के पैसों की बर्बादी नहीं है?
  • जवाबदेही का अभाव: इस तरह के आदेश देने वाले स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों पर गाज कब गिरेगी?

प्रशासनिक अमले में हड़कंप, बैकफुट पर अधिकारी

मामले के तूल पकड़ने और राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बनने के बाद देवगढ़ बारिया नगर पालिका प्रशासन और दमकल विभाग पूरी तरह से बैकफुट पर आ गया है। इस पूरे प्रकरण पर सफाई देते हुए नगर पालिका के मुख्य अधिकारी और अध्यक्ष ने बताया कि जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, तुरंत कड़े कदम उठाए गए।

अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर भेजी गई दमकल गाड़ी को तुरंत वापस बुलाने के निर्देश दे दिए गए हैं। इसके साथ ही, सरकारी वाहन के निजी उपयोग के एवਜ में नियमों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शुरुआती दौर में वाहन के इस्तेमाल के एवज में नियमानुसार शुल्क और पेनल्टी जोड़कर लगभग 2,750 रुपये से अधिक की रिकवरी किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि जनता के बीच यह संदेश दिया जा सके कि नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं जनप्रतिनिधियों की छवि को तो धूमिल करती ही हैं, साथ ही देश के करदाताओं (Taxpayers) के मन में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास भी पैदा करती हैं। लोकतंत्र में चुने गए प्रतिनिधियों से यह उम्मीद की जाती है कि वे जनता के सेवक के रूप में काम करें, न कि वे खुद को किसी रियासत के राजा की तरह समझें।

बचूभाई खाबड़ का यह कोई पहला विवाद नहीं है, इससे पहले भी वे कई बार अपने बयानों और कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। हालांकि, इस ताज़ा मामले ने एक बार फिर से इस बात पर बहस छेड़ दी है कि क्या देश में वीआईपी कल्चर पर लगाम लगाने के लिए और ज्यादा कठोर कानून की आवश्यकता नहीं है? अब देखना यह होगा कि इस मामले में केवल जुर्माने की खानापूर्ति होती है या फिर भविष्य के लिए कोई कड़ा प्रशासनिक उदाहरण पेश किया जाता है।

About the Author

रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

Writer

रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →