मुंबई महानगर क्षेत्र, पुणे और नागपुर में मेट्रो, उपनगरीय रेलवे और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के एकीकरण के लिए बनी विशेष समिति, छह महीने में सौंपेगी अपनी रिपोर्ट।
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के शहरी परिवहन तंत्र को आधुनिक और वैश्विक स्तर का बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। इस विशेष टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य 'विकसित महाराष्ट्र 2047' की परिकल्पना के तहत मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) सहित पुणे, नागपुर और अन्य प्रमुख शहरी इलाकों में रेलवे नेटवर्क, मेट्रो कॉरिडोर और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के विस्तार के लिए एक व्यापक ढांचा और मास्टर प्लान तैयार करना है। सरकार द्वारा इस संबंध में आधिकारिक सरकारी संकल्प (GR) जारी कर दिया गया है।
टास्क फोर्स का गठन और समयसीमा
इस टास्क फोर्स के गठन का निर्णय 7 अक्टूबर को अतिरिक्त मुख्य सचिव (शहरी विकास-1) की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया था। सरकार के निर्देशानुसार, इस टास्क फोर्स को आगामी छह महीनों के भीतर अपनी रणनीतिक सिफारिशें और विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी। यह समिति परिवहन प्रणालियों के बीच बेहतर तालमेल और सुचारू एकीकरण के लिए नीतिगत सुझाव देगी।
प्रमुख जिम्मेदारियां और कार्यक्षेत्र
टास्क फोर्स के जिम्मे कई महत्वपूर्ण कार्य सौंपे गए हैं, जिनमें सार्वजनिक परिवहन के विभिन्न साधनों को आपस में जोड़ना मुख्य है। यह समिति तय करेगी कि विशिष्ट क्षेत्रों में किस प्रकार की परिवहन प्रणाली लागू की जानी चाहिए। इसके लिए वह विभिन्न प्रणालियों की व्यवहार्यता, उपयुक्तता और आर्थिक पहलुओं का गहन मूल्यांकन करेगी। इसके अलावा, उपनगरीय रेलवे नेटवर्क के विस्तार, मेट्रो कॉरिडोर, RRTS के कार्यान्वयन और प्रमुख शहरों को सेमी-हाई स्पीड रेल (अर्ध-उच्च गति रेल) से जोड़ने की योजनाओं की भी समीक्षा की जाएगी।
विशेषज्ञ अधिकारियों की टीम
इस उच्च स्तरीय टास्क फोर्स की कमान मुंबई रेलवे विकास निगम (MRVC) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक को सौंपी गई है। वहीं, MRVC के मुख्य प्रबंधक (योजना) को इस समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। इस टीम में शहरी विकास विभाग के संयुक्त सचिव, नागपुर एवं पुणे महा-मेट्रो के परियोजना निदेशक, मुंबई मेट्रो रेल निगम (MMRCL) के योजना निदेशक और मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) के परिवहन एवं संचार प्रमुख शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सिडको (नवी मुंबई), पीएमआरडीए (पुणे), एनएमआरडीए (नासिक) और छत्रपति संभाजीनगर विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधियों को भी इस समिति में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
दैनिक यात्रियों को मिलेगा लाभ
मुंबई महानगर क्षेत्र का सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क देश के सबसे विशाल और व्यस्त तंत्रों में से एक है, जो प्रतिदिन करोड़ों लोगों को सेवाएं देता है। विशेषकर, मुंबई लोकल ट्रेन का उपनगरीय रेल नेटवर्क एशिया के सबसे पुराने और व्यस्त रेल नेटवर्कों में शुमार है। यह नेटवर्क 435 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है और वेस्टर्न लाइन, सेंट्रल लाइन तथा हार्बर लाइन के जरिए दक्षिण मुंबई से लेकर दूरदराज के उपनगरों और पड़ोसी जिलों तक अपनी सेवाएं प्रदान करता है, जिस पर रोजाना लगभग 75 लाख यात्री सफर करते हैं। सेंट्रल रेलवे, वेस्टर्न रेलवे और MRVC द्वारा क्षमता उन्नयन और आधुनिकीकरण के कार्य पहले से ही चलाए जा रहे हैं, जिन्हें इस नई टास्क फोर्स की सिफारिशों से और अधिक गति मिलने की उम्मीद है।