पूर्णिया में दुर्गा पूजा और रावण वध कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने स्वयं मैदानी स्तर पर उतरकर निरीक्षण किया है।
बिहार के पूर्णिया जिले में आगामी दुर्गा पूजा और रावण वध समारोह को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। किसी भी अप्रिय घटना, हुड़दंग या सुरक्षा में चूक की आशंका को पूरी तरह खारिज करने के लिए एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन लगातार पूजा पंडालों और मुख्य आयोजन स्थलों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार की रात एसएसपी ने धमदाहा अनुमंडल के भवानीपुर, धमदाहा और मीरगंज क्षेत्रों का दौरा किया।
रात के वक्त प्रशासनिक समीक्षा और सुरक्षा का जायजा
निरीक्षण अभियान के दौरान एसएसपी ने विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों के साथ-साथ रावण वध कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्व और त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा प्रबंधों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस निरीक्षण के दौरान एसएसपी के साथ धमदाहा के डीएसपी अजित प्रताप सिंह चौहान, सर्किल इंस्पेक्टर तथा संबंधित थानों के थानाध्यक्ष भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। अधिकारियों ने संयुक्त रूप से पंडालों में प्रवेश और निकास मार्गों, भीड़ नियंत्रण के उपायों और आपातकालीन रास्तों की समीक्षा की।
हुड़दंगियों पर रहेगी पैनी नजर, बल को मुस्तैद रहने के निर्देश
पूर्णिया पुलिस प्रमुख ने सभी संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि त्योहार के दिनों में पुलिस बल पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद रहे। विशेष तौर पर भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए ताकि महिलाओं, बच्चों और आम श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों या हुड़दंग मचाने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।
पूर्णिया पुलिस का मुख्य उद्देश्य दुर्गा पूजा और विजय दशमी पर होने वाले रावण वध का आयोजन पूरी तरह सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना है। इसके लिए स्थानीय थानों की पुलिस को लगातार गश्त करने और अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। प्रशासन के इन सख्त कदमों से स्पष्ट है कि पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी।