साइबर सिटी गुरुग्राम की सड़कों पर आए दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से जूझने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। मिलेनियम सिटी के नाम से मशहूर इस शहर की रफ्तार को और तेज करने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है। शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में गिने जाने वाले सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने वाली है, जिसके लिए प्रशासनिक स्तर पर पुख्ता तैयारियां कर ली गई हैं।
776 करोड़ रुपये की लागत से होगा कायाकल्प
यातायात के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने और सफर को सुगम बनाने के लिए जीएमडीए ने एसपीआर के करीब 4.2 किलोमीटर लंबे हिस्से को एलिवेटेड (ऊपर उठा हुआ) बनाने का कड़ा फैसला लिया है। इस मेगा प्रोजेक्ट पर कुल 776 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्राधिकरण की तरफ से इस परियोजना के लिए आधिकारिक तौर पर टेंडर भी जारी कर दिया गया है। जैसे ही टेंडर से जुड़ी कागजी और कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी, वैसे ही ज़मीन पर निर्माण कार्य का श्रीगणेश कर दिया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना न सिर्फ स्थानीय स्तर पर ट्रैफिक को सुधारेगी बल्कि राष्ट्रीय स्तर के बड़े हाईवे नेटवर्क को भी आपस में जोड़ने में एक मजबूत कड़ी साबित होगी। इस पूरे प्रोजेक्ट को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए अधिकारियों ने कमर कस ली है और इसे आगामी 30 महीनों के भीतर जनता को समर्पित करने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कैसी होगी इस एलिवेटेड रोड की बनावट?
यातायात को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए इस परियोजना की डिजाइनिंग बेहद आधुनिक तरीके से की गई है। प्लान के मुताबिक, मुख्य एलिवेटेड सड़क तीन-तीन लेन की होगी, जिससे बिना ट्रैफिक सिग्नल के वाहन सरपट दौड़ सकेंगे। इसके साथ ही, स्थानीय ट्रैफिक और आसपास की सोसायटी या बाजारों में आने-जाने वाले लोगों की सुविधा के लिए एलिवेटेड रोड के दोनों तरफ दो-दो लेन की सर्विस रोड भी विकसित की जाएंगी।
जीएमडीए के मुख्य अभियंता प्रवीण चौधरी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि निर्माण कार्य के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि रोजाना सफर करने वाले आम नागरिकों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। निर्माण की हर एक चरण की रूपरेखा पहले ही तैयार की जा चुकी है ताकि ट्रैफिक डायवर्जन वैज्ञानिक तरीके से किया जा सके।
वाटिका चौक और घाटा क्षेत्र के ट्रैफिक से मिलेगी मुक्ति
मौजूदा समय में वाटिका चौक और उससे जुड़े इलाकों का हाल किसी से छिपा नहीं है। पीक ऑवर्स में यहां वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे, एसपीआर, गुरुग्राम-सोहना मार्ग और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की तरफ जाने वाले वाहनों का भारी दबाव एक ही चौराहे पर आ जाने के कारण स्थिति विकट हो जाती है।
इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर के साथ-साथ वाटिका चौक पर एक भव्य क्लोवरलीफ इंटरचेंज भी विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, वाटिका चौक से लेकर घाटा तक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का भी प्रस्ताव है। इन अत्याधुनिक संरचनाओं के बन जाने के बाद अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहन बिना किसी मुख्य चौराहे पर फंसे अपने रास्ते पर आगे निकल सकेंगे।द्वारका एक्सप्रेसवे से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक सीधा सफर
इस एलिवेटेड रोड के निर्माण से केवल गुरुग्राम के भीतर का ट्रैफिक ही ठीक नहीं होगा, बल्कि लंबी दूरी के यात्रियों को भी अभूतपूर्व लाभ मिलेगा। इस सड़क के जरिए द्वारका एक्सप्रेसवे और गुरुग्राम-सोहना हाईवे के बीच एक सीधा और अबाध संपर्क स्थापित हो जाएगा।
सेक्टर-46 के रहने والے और पेशे से इंजीनियर नरेश वर्मा का कहना है कि शहर की बुनियादी संरचना को सुधारने की दिशा में यह एक बेहद सराहनीय कदम है। उनके मुताबिक, परियोजना पूरी होने के बाद कई बड़े और प्रमुख मार्गों की कनेक्टिविटी आपस में इस तरह जुड़ जाएगी कि सफर का समय काफी हद तक कम हो जाएगा।
किन-किन इलाकों के लोगों को मिलेगा सीधा फायदा?
- दिल्ली और फरीदाबाद: गांव घाटा के पास यह रोड गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से जुड़ी हुई है, जिससे दक्षिणी दिल्ली और फरीदाबाद से आने वाले वाहन भी इसी रास्ते का रुख करते हैं। उन्हें अब जाम से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी।
- सोहना और अलवर: एलिवेटेड रोड के जरिए दिल्ली और गुरुग्राम से आने वाले वाहन बिना किसी बाधा के सीधे सोहना और आगे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे।
- रेवाड़ी और आसपास के जिले: इस पूरे कॉरिडोर के विकसित होने से रेवाड़ी, नूंह और अलवर की तरफ आने-जाने वाले कमर्शियल और पर्सनल वाहनों को भी एक वैकल्पिक और तेज रफ्तार रास्ता मिल जाएगा।
जाम के जंजाल से मिलेगी स्थायी राहत
फिलहाल स्थिति यह है कि दिन के 24 घंटे इस रूट पर भारी वाहनों और निजी कारों का दबाव बना रहता है। रेजिडेंट्स और डेली कम्यूटर्स लंबे समय से इस मार्ग को चौड़ा करने या एलिवेटेड बनाने की मांग कर रहे थे। अब जबकि जीएमडीए ने वित्तीय मोर्चे पर टेंडर जारी कर अपनी प्रतिबद्धता दिखा दी है, तो उम्मीद जताई जा रही है कि अगले ढाई साल में गुरुग्राम की ट्रैफिक व्यवस्था में एक ऐतिहासिक सुधार देखने को मिलेगा। शहरवासियों की नजरें अब जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू होने पर टिकी हुई हैं।