गुरुग्राम की शैक्षणिक और सांस्कृतिक धरती पर हाल ही में एक भव्य आयोजन का गवाह बनी, जहां समाज को नई दिशा दिखाने वाले गुरुओं का अभिनंदन किया गया। सेक्टर-7 स्थित प्रतिष्ठित आर्य कन्या विद्या मंदिर ऑडिटोरियम में 'संस्कृति के सारथी' संस्था द्वारा एक विशेष गुरु सम्मान समारोह एवं संस्कृति के सारथी सम्मान 2026 का आयोजन किया गया। इस शानदार कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन शिक्षकों को सम्मानित करना था, जिन्होंने शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों को भी सहेजने और आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
गुरुग्राम के 400 विद्यालयों के शिक्षक हुए सम्मानित
इस महाकुंभ जैसे आयोजन में गुरुग्राम जिले के करीब 400 विभिन्न विद्यालयों से आए उत्कृष्ट शिक्षकों को 'गुरु सम्मान' से अलंकृत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के अध्यक्ष राम बहादुर सिंह और पूरी कार्यसमिति द्वारा मुख्य अतिथियों के गर्मजोशी भरे स्वागत के साथ हुई। पिछले एक दशक से लगातार शिक्षकों को सम्मानित करने का यह सिलसिला इस बात का गवाह है कि समाज में गुरुओं का स्थान सर्वोपरि है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री सुरेंद्र जैन ने शिक्षकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि वे हमारी संस्कृति के असली संवाहक होते हैं। उन्होंने विशेष रूप से मातृशक्ति की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि जब एक शिक्षिका या माता के रूप में नारी शक्ति आगे आती है, तो उसमें पूरे युग को बदलने की अद्भुत क्षमता होती है।
कला और संस्कृति का अनूठा संगम
इस समारोह की भव्यता में चार चांद लगाने का काम हरियाणा कला परिषद ने किया, जो इस पूरे आयोजन की सांस्कृतिक सहभागी रही। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने मनमोहक हरियाणवी और शास्त्रीय लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया। इसके अलावा, अमन द्वारा प्रस्तुत सामाजिक समरसता के गीतों और सुनील झा की मंत्रमुग्ध कर देने वाली तबला प्रस्तुति ने सभागार में बैठे हर शख्स को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष महेश जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में कला के माध्यम से समाज को जागरूक करना सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने पिछले दस वर्षों से लगातार 400 शिक्षकों को सम्मानित करने के इस कार्य को किसी 'महायज्ञ' से कम नहीं बताया।
परंपरा और आधुनिकता का सुंदर मेल
आरएसएस हरियाणा से जुड़े पवन जिंदल ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से शिक्षकों में एक नई ऊर्जा का संचार होता है। इससे उन्हें अपनी प्राचीन परंपराओं और संस्कृति को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने की गहरी प्रेरणा मिलती है। शिक्षक समाज की नींव होते हैं, और जब उनकी मेहनत को इस प्रकार राष्ट्रीय मंच पर सराहा जाता है, तो उनका हौसला कई गुना बढ़ जाता है।
इन प्रतिष्ठित हस्तियों को मिला 'संस्कृति के सारथी सम्मान'
समारोह के दौरान शिक्षा, कला और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली कई दिग्गज हस्तियों को विशेष रूप से 'संस्कृति के सारथी सम्मान' से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल हैं:
- ग्रुप कैप्टन विजय कुकरेजा
- डॉ. राजवीर सिंह
- जयंत अरोड़ा
- आदर्श वर्मा
- रचना अरोड़ा
- देवेंद्र हंस
- डॉ. ए.के. भाटी
- शरद चहल
- डॉ. अलका शर्मा
- रजनी सूद
- स्वाति सिंह
गरिमामयी उपस्थिति
यह आयोजन न केवल शिक्षकों के सम्मान का पर्व रहा, बल्कि शहर के प्रबुद्ध नागरिकों के मिलने का एक बेहतरीन मंच भी साबित हुआ। कार्यक्रम के दौरान जगदीश ग्रोवर, कर्नल कुंवर प्रताप सिंह, और डॉ. विजय सिंह चौहान सहित शिक्षा और प्रशासन जगत की कई जानी-मानी हस्तियां उपस्थित रहीं। सभी ने एक स्वर में इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का समावेश ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।
अंत में, संस्था के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और कलाकारों का आभार व्यक्त किया। गुरुग्राम में हुआ यह भव्य आयोजन आने वाले समय में शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बनेगा, जो शिक्षा और संस्कृति के धागे को और अधिक मजबूत करेगा।