Breaking
► सुकमा में आईईडी डिफ्यूज करते वक्त बड़ा धमाका, सीआरपीएफ के 4 जवान घायल ► चंदौली में दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार बाइक ने राहगीर को मारी जोरदार टक्कर ► राजेश मसाले पर बड़ा एक्शन: असुरक्षित घोषित होने के बाद यूपी में बिक्री पर रोक ► रेलवे का मेगा एक्शन: डीडीयू मंडल में ट्रैक्शन पावर मजबूत, बदली गई तारों की लंबाई ► चन्दौली पुलिस की अनूठी पहल: विश्व दृष्टि दिवस पर एसपी आकाश पटेल ने दृष्टिबाधित बच्चों के साथ बिताए खास पल ► निशा बांगरे का राजनीति से मोहभंग, SDM पद वापसी की गुहार ► विधानसभास्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का रोमांचक समापन, 120 टीमों ने दिखाया दम ► राजस्थान में एसआईआर के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा सियासी संग्राम, सड़कों पर उतरा विपक्ष ► किसानों के लिए बड़ी राहत: फसल नुकसान पर सर्वे तेज, रबी में मिलेंगे मुफ्त बीज और मिनीकिट ► समस्तीपुर में पुलिस पर भारी पड़ा आरोपी, कीचड़ में लोटकर काटा गदर - VIDEO ► सुकमा में आईईडी डिफ्यूज करते वक्त बड़ा धमाका, सीआरपीएफ के 4 जवान घायल ► चंदौली में दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार बाइक ने राहगीर को मारी जोरदार टक्कर ► राजेश मसाले पर बड़ा एक्शन: असुरक्षित घोषित होने के बाद यूपी में बिक्री पर रोक ► रेलवे का मेगा एक्शन: डीडीयू मंडल में ट्रैक्शन पावर मजबूत, बदली गई तारों की लंबाई ► चन्दौली पुलिस की अनूठी पहल: विश्व दृष्टि दिवस पर एसपी आकाश पटेल ने दृष्टिबाधित बच्चों के साथ बिताए खास पल ► निशा बांगरे का राजनीति से मोहभंग, SDM पद वापसी की गुहार ► विधानसभास्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का रोमांचक समापन, 120 टीमों ने दिखाया दम ► राजस्थान में एसआईआर के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा सियासी संग्राम, सड़कों पर उतरा विपक्ष ► किसानों के लिए बड़ी राहत: फसल नुकसान पर सर्वे तेज, रबी में मिलेंगे मुफ्त बीज और मिनीकिट ► समस्तीपुर में पुलिस पर भारी पड़ा आरोपी, कीचड़ में लोटकर काटा गदर - VIDEO

हल्द्वानी एमबीपीजी कॉलेज चुनाव: खूनी संघर्ष, सिर फटा और फाड़े गए मतपत्र

हल्द्वानी एमबीपीजी कॉलेज चुनाव: खूनी संघर्ष, सिर फटा और फाड़े गए मतपत्र

उत्तराखंड के शिक्षा जगत में शुमार हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज का छात्रसंघ चुनाव इस बार राजनीति के बजाय किसी रणक्षेत्र में तब्दील नजर आया। मतदान की प्रक्रिया समाप्त होने के साथ ही कॉलेज परिसर और बाहर का माहौल ऐसा बिगड़ा कि पुलिस प्रशासन के भी पसीने छूट गए। तीखी नोकझोंक से शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया, जहां समर्थकों के सिर फोड़े गए, बैरिकेड्स तोड़े गए और बात मतगणना स्थल तक पहुंचकर मतपत्र फाड़ने तक जा पहुंची।

मतदान खत्म होते ही सड़क पर बह गया खून

मंगलवार को सुबह से ही कॉलेज के बाहर भारी गहमागहमी का माहौल था। नैनीताल रोड से लेकर ठंडी सड़क और आसपास के इलाकों में छात्र संगठनों के समर्थक बड़ी संख्या में जुटे हुए थे। दोपहर दो बजे जैसे ही मतदान की प्रक्रिया समाप्त हुई, वैसे ही कॉलेज के गेट के बाहर तनाव ने हिंसक रूप ले लिया। सचिव पद के प्रत्याशी सार्थक रस्तोगी के समर्थक राधे गुप्ता को प्रतिद्वंद्वी गुट के कुछ लोगों ने घेर लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने कथित तौर पर लोहे की रॉड से राधे गुप्ता के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे वह गंभीर रूप से लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच भयंकर भगदड़ मच गई। आक्रोशित भीड़ ने सड़क पर रखे प्लास्टिक के बैरिकेड एक-दूसरे पर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे राहगीरों और स्थानीय नागरिकों में भी दहशत फैल गई।

पुलिस को संभालनी पड़ी कमान, छावनी में बदला परिसर

बवाल इतना बढ़ गया था कि पुलिस बल को तुरंत एक्शन लेते हुए लाठीचार्ज करना पड़ा। एसपी सिटी मनोज कत्याल और एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र खुद मोर्चा संभाले हुए थे और सुबह से शाम तक कॉलेज के भीतर से लेकर बाहर सड़कों तक लगातार गश्त कर रहे थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस अधिकारियों को लाउडस्पीकर के जरिए लगातार हिदायतें और नियमों का पाठ पढ़ाना पड़ रहा था।

हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कॉलेज के आसपास की सभी गलियों को पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर पूरी तरह सील कर दिया था। इसके बावजूद, नवाबी रोड के पास बैरिकेडिंग पर दो गुटों की भिड़ंत हो गई, जिसमें अध्यक्ष प्रत्याशियों के समर्थन में उतरीं छात्राएं भी आपस में भिड़ गईं। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग किया और खदेड़ा।

विधायक का जुलूस भी रुका, सड़कों पर लगा लंबा जाम

चुनावी सरगर्मी के बीच राजनीतिक हस्तियों की एंट्री ने माहौल को और गर्मा दिया। नैनीताल रोड से ठंडी सड़क होते हुए एमबीपीजी कॉलेज की ओर आ रहे विधायक सुमित और एनएसयूआई प्रत्याशी मेहुल शाह के समर्थकों के जुलूस को पुलिस ने बीच रास्ते में ही बैरिकेड लगाकर रोक लिया। आगे बढ़ने की जिद को लेकर पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी धक्का-मुक्की भी हुई। हालांकि, कड़ी सुरक्षा के बीच रैली आगे तो बढ़ी, लेकिन तनाव को देखते हुए वह दोबारा लौटकर नहीं आई।

इस पूरे ड्रामे के दौरान आम जनता को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा। तिकोनिया से नैनीताल रोड की ओर वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था थी, लेकिन रैलियों और भारी भीड़ के कारण सड़कों पर वाहनों का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह 11 बजे के बाद हालात ऐसे बिगड़े कि स्कूली बच्चों से भरी बसें, ऑटो, कार और अन्य वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को कुछ समय के लिए तिकोनिया पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकनी पड़ी।

मतगणना के दौरान फूटा गुस्सा, एबीवीपी प्रत्याशी ने फाड़े मतपत्र

दिनभर की हिंसा के बाद जब शाम को मतगणना का दौर शुरू हुआ, तो ड्रामा एक नए मोड़ पर पहुंच गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी धीरज बिष्ट ने मतगणना में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाया। उनका और उनके समर्थकों का दावा था कि निर्दलीय प्रत्याशियों के मुकाबले उनके वैध वोटों की गिनती जानबूझकर नहीं की जा रही है, जो कि एक बड़ी साजिश का हिस्सा है।

आरोप-प्रत्यारोप के बीच गुस्साए एबीवीपी प्रत्याशी धीरज बिष्ट ने अचानक आपा खो दिया और मतगणना स्थल पर रखे मतपत्रों को फाड़ डाला। इस अप्रत्याशित हरकत से वहां हड़कंप मच गया। स्थिति को बेकाबू होते देख बनभूलपुरा थानाध्यक्ष डीएस फर्त्याल ने तुरंत सख्ती दिखाते हुए प्रत्याशी का गिरेबान पकड़ा और उन्हें मतगणना स्थल से बाहर खदेड़ दिया।

इसके बाद धीरज बिष्ट के समर्थक भी बड़ी संख्या में मौके पर आ धमके और पुलिस के साथ तीखी बहस करने लगे। कुछ देर के लिए मतगणना स्थल पर भारी तनाव और अफरातफरी का माहौल बन गया। हालांकि, पुलिस और कॉलेज प्रशासन ने तुरंत अतिरिक्त बल बुलाकर स्थिति को संभाला और अनावश्यक भीड़ को मतगणना परिसर से बाहर खदेड़ते हुए माहौल को शांत किया।

प्रशासन की सख्त चेतावनी

एमबीपीजी कॉलेज के इन छात्रसंघ चुनावों ने एक बार फिर कॉलेज परिसरों में बढ़ती हिंसा और आक्रामकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी छात्र या बाहरी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वीडियो फुटेज और तस्वीरों के आधार पर हिंसा में शामिल उपद्रवियों की पहचान की जा रही है, ताकि उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।

About the Author

निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

Writer

निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

Read More

ज़रूर पढ़ें (You May Also Like)

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →