झारखंड की राजधानी रांची में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया गया है। कांके रोड स्थित प्रतिष्ठित कैंब्रियन पब्लिक स्कूल में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 'असीमो' कंपोजिट स्किल लैब का भव्य उद्घाटन किया गया। इस हाई-टेक प्रयोगशाला का उद्घाटन राज्य के उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव और सीसीएल की महाप्रबंधक (सिस्टम) विभा उरांव ने संयुक्त रूप से किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी दुनिया से निकालकर व्यावहारिक और भविष्य की तकनीकों से रूबरू कराना है, ताकि वे आने वाले समय की चुनौतियों का सामना आसानी से कर सकें।
भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार हो रहे झारखंड के नौनिहाल
आज का दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और एडवांस टेक्नोलॉजी का है। ऐसे में स्कूली स्तर पर ही बच्चों को इन आधुनिक तकनीकों से जोड़ना बेहद जरूरी हो गया है। कैंब्रियन पब्लिक स्कूल में शुरू की गई यह 'असीमो' कंपोजिट स्किल लैब पूरी तरह से रोबोटिक्स, नवाचार (Innovation) और भावी प्रौद्योगिकी (Future Technology) पर आधारित है। यहाँ छात्र-छात्राएं केवल थ्योरी नहीं पढ़ेंगे, बल्कि अपने हाथों से रोबोट्स बनाएंगे और तकनीकी समस्याओं का समाधान ढूंढेंगे।
उद्घाटन समारोह के दौरान उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने अपने संबोधन में कहा कि तकनीकी शिक्षा आज के समय की सबसे बड़ी मांग है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार की आधुनिक प्रयोगशालाएं झारखंड के बच्चों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाएंगी। मंत्री ने कहा, "जब हमारे राज्य के बच्चे तकनीकी रूप से दक्ष होंगे, तो इससे न केवल उनका व्यक्तिगत विकास होगा, बल्कि पूरे प्रदेश में रोजगार और प्रगति के नए रास्ते खुलेंगे। बच्चों की सफलता ही शिक्षकों और समाज की असली पूंजी है।"
स्कूल प्रबंधन का बड़ा कदम:ताकि तकनीक से अछूता न रहे कोई छात्र
बदलते वक्त के साथ शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए विद्यालय की निदेशक सह प्राचार्या परमजीत कौर ने कहा कि छात्रों की छिपी हुई प्रतिभा और कौशल को सही दिशा देना संस्थान का मुख्य दायित्व है।
"असीमो कंपोजिट स्किल लैब हमारे छात्र-छात्राओं के लिए नवाचार के नए द्वार खोलेगी। यह लैब आने वाले कल की टेक्नोलॉजी के लिए अभी से जमीन तैयार कर रही है, ताकि हमारा कोई भी बच्चा तकनीकी दुनिया की रेस में पीछे न छूटे।" - परमजीत कौर, निदेशक सह प्राचार्या
वहीं, विद्यालय प्रबंधन के सचिव कुणाल कुमार सिंह ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह स्किल लैब बच्चों में व्यावहारिक शिक्षा (Practical Education) को बढ़ावा देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। किताबी ज्ञान के साथ-साथ जब छात्रों को प्रैक्टिकल एक्सपोजर मिलता है, तो उनका कॉन्फिडेंस लेवल कई गुना बढ़ जाता है।
दिग्गजों की मौजूदगी ने बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा
इस उद्घाटन समारोह में शिक्षा जगत और उद्योग से जुड़ी कई जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से आईआईएम रांची के फैकल्टी प्रोफेसर (डॉ) अमित सचान उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि स्कूली शिक्षा और उच्च प्रबंधन संस्थानों के बीच का यह सेतु बच्चों के भविष्य को संवारने में कितना अहम है।
इसके अलावा कार्यक्रम में निम्नलिखित गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे:
- आनंदमयी सिंह
- विद्यालय प्रबंधन के सचिव कुणाल कुमार सिंह
- पूर्णेन्दु शंकर (इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल)
- मंजू बग्गा (आइडल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल)
- संगीता सिंह (इन्फोबेल्ज प्ले स्कूल)
स्कूली शिक्षा में स्किल डेवलपमेंट का बढ़ता महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक शिक्षा पद्धति अब धीरे-धीरे पीछे छूट रही है और स्किल-बेस्ड एजुकेशन (Skill-Based Education) ही भविष्य है। रांची के इस स्कूल में स्थापित कंपोजिट स्किल लैब इस बात का प्रमाण है कि झारखंड के शिक्षण संस्थान अब वैश्विक मानकों के अनुरूप खुद को ढाल रहे हैं। रोबोटिक्स और कोडिंग जैसी स्किल्स जब बच्चों को शुरुआती कक्षाओं में ही सीखने को मिलेंगी, तो वे भविष्य के स्टार्टअप फाउंडर्स, इंजीनियर और वैज्ञानिक बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ेंगे।
इस पहल से न केवल कैंब्रियन पब्लिक स्कूल के बच्चों को फायदा मिलेगा, बल्कि यह आसपास के अन्य स्कूलों के लिए भी एक मिसाल बन गया है कि किस तरह संसाधनों का सही इस्तेमाल करके छात्रों को 21वीं सदी की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया जा सकता है। उद्घाटन के बाद से ही छात्रों और अभिभावकों में इस नई लैब को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।