हरियाणा के लाखों राशन कार्ड धारकों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत दिए जाने वाले सरसों के तेल के वितरण नियमों और पैकिंग प्रारूप में एक अहम बदलाव किया है। इस नए बदलाव के बाद अब गरीब परिवारों को बाजार जैसी सुविधा और पारदर्शिता के साथ रसोई की जरूरत का यह अहम हिस्सा मिलने जा रहा है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय की तरफ से जारी किए गए नए निर्देशों के अनुसार, अब बीपीएल (BPL) और अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत आने वाले परिवारों को खुले या पुराने निर्धारित पैक्स के बजाय बिल्कुल नए और सुविधाजनक 500 मिलीलीटर (एमएल) और 1 लीटर के पैक में सरसों का तेल उपलब्ध कराया जाएगा। आइए जानते हैं इस नई व्यवस्था की पूरी रूपरेखा और इससे जुड़ी हर एक खास बात को विस्तार से।
करीब 39.89 लाख परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ
प्रदेश सरकार के इस बड़े कदम से हरियाणा के लगभग 39.89 लाख गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सीधा फायदा पहुंचेगा। प्रशासन की कोशिश है कि राज्य के हर पात्र नागरिक तक खाद्य सामग्री पूरी शुद्धता और तय समय पर पहुंचे। इसी उद्देश्य के साथ अगले कुछ महीनों के लिए तेल की आपूर्ति और वितरण का एक ठोस चक्र तैयार किया गया है, ताकि किसी भी डिपो पर किसी तरह की किल्लत का सामना न करना पड़े।
खाद्य विभाग ने हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन लिमिटेड (एचएआइसी) के प्रबंध निदेशक को आधिकारिक पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके तहत अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के महीनों के लिए सरसों के तेल की आपूर्ति और वितरण प्रक्रिया के सभी चरणों को तय कर दिया गया है। भुगतान प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए गए हैं, जिसके तहत सप्लाई के शुरुआती 15 दिनों के भीतर एचएआइसी को 174 रुपये प्रति लीटर की दर से भुगतान किया जाएगा, जबकि इसके बाद के रूटीन चक्र में भुगतान 180 रुपये प्रति लीटर की दर से होगा।
अक्टूबर में डिपुओं तक पहुंचेगा तेल, 21 तारीख से बंटेगा
वितरण व्यवस्था को लेकर विभाग ने टाइमलाइन भी जारी कर दी है। इसके मुताबिक, अक्टूबर महीने के दौरान अगस्त, सितंबर और तीनों महीनों का पेंडिंग व तय कोटा समय पर लाभार्थियों तक पहुंचाया जाएगा।
- 10 से 15 अक्टूबर 2026: इस समयावधि के भीतर सभी जिलों में करीब 104 लाख लीटर सरसों का तेल कानफेड के सभी फोकल प्वाइंट्स पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। 15 से 20 अक्टूबर 2026: इसके बाद परिवहन ठेकेदारों की जिम्मेदारी होगी कि वे इस तेल को सुरक्षित रूप से राज्य के सभी राशन डिपुओं तक पहुंचाएं। 21 अक्टूबर 2026 से वितरण शुरू: सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 21 अक्टूबर से आम जनता और लाभार्थियों को डिपुओं के माध्यम से तेल का वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
मासिक मांग और बोतलों का पूरा गणित
विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इन तीन महीनों में अलग-अलग मात्रा में सरसों के तेल की आवश्यकता होगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बोतलों की संख्या का सटीक हिसाब भी तैयार किया गया है:
- अगस्त महीना: इस दौरान कुल 30 लाख लीटर सरसों तेल की जरूरत है, जिसके लिए करीब 8 लाख बोतलें 500 एमएल की और 26 लाख बोतलें 1 लीटर की तैयार की जा रही हैं। सितंबर महीना: इस माह में मांग बढ़कर 37 लाख लीटर हो जाती है, जिसके लिए करीब 10 लाख बोतलें 500 एमएल और 32 लाख बोतलें 1 लीटर की बांटी जाएंगी। अक्टूबर महीना: इस माह भी 37 लाख लीटर तेल की खपत का अनुमान है, जिसके तहत लगभग 10 लाख बोतलें 500 एमएल और 32 लाख बोतलें 1 लीटर के पैक में डिपुओं को भेजी जाएंगी।
भविष्य के लिए तय किया गया नया सिस्टम
सरकार ने केवल आगामी महीनों का ही नहीं, बल्कि भविष्य की व्यवस्थाओं को भी पूरी तरह से दुरुस्त कर दिया है। आने वाले समय में हर महीने के लिए सरसों तेल की मांग पिछले महीने की 20 से 25 तारीख के बीच जिलों के कानफेड फोकल प्वाइंट को भेज दी जाएगी। इसके बाद परिवहन ठेकेदार 25 से 30 तारीख के बीच डिपुओं पर डिलीवरी सुनिश्चित करेंगे, ताकि हर महीने की पहली तारीख से बिना किसी रुकावट के लाभार्थियों को राशन और तेल का वितरण शुरू किया जा सके।
विभाग ने यह भी कड़ी चेतावनी दी है कि डिपो पर सप्लाई के समय कोई भी बोतल खुली या क्षतिग्रस्त नहीं होनी चाहिए। सील बंद बोतलों के माध्यम से वितरण होने से कालाबाजारी और मिलावट जैसी समस्याओं पर भी प्रभावी ढंग से लगाम लगेगी।
राशन कार्ड धारकों के लिए एक और बड़ा अपडेट
सरसों तेल के इस नए शेड्यूल के अलावा हरियाणा के राशन कार्ड धारकों के लिए एक और बड़ी खबर यह है कि अक्टूबर के महीने में पारंपरिक बाजरे के वितरण के स्थान पर पात्र परिवारों को 35 किलो गेहूं उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार के इन लगातार और त्वरित फैसलों से यह साफ है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता-अनुकूल बनाया जा रहा है, जिससे सीधे तौर पर राज्य के आम नागरिकों का जीवन आसान हो रहा है।