स्वदेशी जागरण मंच ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सरकारी निगरानी में बाधा का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक को देश में प्रतिबंधित करने का आग्रह किया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े संगठन स्वदेशी जागरण मंच (SJM) ने यह तीखा रुख दिल्ली में हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में अपनाया है। संगठन का मानना है कि स्टारलिंक जैसी अत्याधुनिक उपग्रह संचार तकनीक के आने से देश में इंटरनेट सेवाओं पर नियंत्रण रखना और सुरक्षा से जुड़ी निगरानी करना अत्यंत कठिन हो जाएगा, जो कि आंतरिक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पारंपरिक ब्रॉडबैंड और मोबाइल नेटवर्क के मुकाबले सैटेलाइट इंटरनेट सीधे उपग्रहों के माध्यम से संचालित होता है, जिससे स्थानीय स्तर पर इंटरनेट शटडाउन या डेटा प्रवाह को विनियमित करना प्रशासनिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसी तकनीकी विशेषता को आधार बनाते हुए स्वदेशी जागरण मंच ने सरकार से इस पर रोक लगाने की वकालत की है।
वर्तमान में भारत सरकार देश में कमर्शियल सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के लिए लाइसेंस और स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया पर विचार कर रही है, जिसमें स्टारलिंक भी बाजार में उतरने की तैयारी में है। हालांकि, इस मांग के बाद नियामक स्तर पर एलन मस्क की कंपनी की राह और अधिक जटिल हो सकती है। सरकार या स्टारलिंक की ओर से इस नए घटनाक्रम पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।