केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जिससे यह 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गया है। इस संशोधन का सीधा लाभ देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा। बढ़ी हुई दरें जुलाई से दिसंबर 2026 की अवधि के लिए लागू की गई हैं।
भत्ते में हुई इस वृद्धि का असर कर्मचारियों के मासिक वेतन पर पड़ेगा। हालांकि, यह बढ़ोतरी हर कर्मचारी के लिए एक समान नहीं होगी, बल्कि यह पूरी तरह से उनके मूल वेतन (बेसिक सैलरी) पर निर्भर करती है। वेतन मैट्रिक्स में स्तर (लेवल) जितना अधिक होगा, महंगाई भत्ते के रूप में मिलने वाली अतिरिक्त राशि भी उतनी ही अधिक होगी। इसके साथ ही कर्मचारियों को जुलाई से लागू इस बढ़ोतरी का बकाया एरियर भी मिलने की उम्मीद है, जिसे नवंबर के आखिर तक वेतन के साथ दिए जाने की संभावना है।
लेवल 1 से लेवल 10 तक मासिक वेतन में कितना इजाफा?
महंगाई भत्ते की गणना कर्मचारियों की बेसिक पे के आधार पर की जाती है। न्यूनतम मूल वेतन वाले शुरुआती स्तर से लेकर उच्च स्तर तक के कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त मिलने वाली राशि का गणित इस प्रकार है:
- लेवल 1: इस स्तर पर न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। पहले 60% की दर से 10,800 रुपये DA मिलता था, जो अब 63% के हिसाब से बढ़कर 11,340 रुपये हो जाएगा। इससे कर्मचारियों को प्रति माह 540 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
- लेवल 2: इस श्रेणी के कर्मचारियों को हर महीने 597 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
- लेवल 3: इस स्तर पर मासिक बढ़ोतरी 651 रुपये तय की गई है।
- लेवल 4: इस वेतनमान के कर्मचारियों को प्रति माह 765 रुपये अतिरिक्त DA मिलेगा।
- लेवल 5 और 6: लेवल 5 के कर्मचारियों के लिए यह बढ़ोतरी 876 रुपये प्रति माह और लेवल 6 के कर्मचारियों के लिए 1,062 रुपये प्रति माह होगी।
- लेवल 7 से 10: उच्च मध्यम स्तर पर, लेवल 7 के कर्मचारी को 1,347 रुपये, लेवल 8 को 1,428 रुपये, लेवल 9 को 1,593 रुपये और लेवल 10 के कर्मचारी को हर महीने 1,683 रुपये तक का अतिरिक्त महंगाई भत्ता प्राप्त होगा।
ये सभी आंकड़े संबंधित पे मैट्रिक्स के न्यूनतम मूल वेतन के आधार पर तैयार किए गए हैं। कुल मिलाकर, न्यूनतम बेसिक सैलरी के दायरे में आने वाले इन कर्मचारियों को 540 रुपये से लेकर 1,683 रुपये तक का मासिक लाभ मिलेगा।
वेतन का व्यावहारिक गणित और एरियर की स्थिति
कर्मचारियों को मिलने वाले कुल वेतन में महंगाई भत्ते के अलावा बेसिक पे, मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य स्वीकृत भत्ते शामिल होते हैं। यहां बताई गई राशि केवल डीए में होने वाली मासिक वृद्धि को दर्शाती है, न कि कुल इन-हैंड सैलरी में होने वाले संपूर्ण बदलाव को। वास्तविक वेतन में अंतर कर्मचारी की पोस्टिंग के शहर, विशेष भत्तों और वैधानिक कटौतियों के आधार पर अलग हो सकता है।
चूंकि यह बढ़ोतरी जुलाई 2026 से प्रभावी है, इसलिए कर्मचारियों को जुलाई से अक्टूबर तक के महीनों का बकाया एरियर भी मिलेगा। आधिकारिक उम्मीदों के अनुसार, यह एरियर नवंबर के अंत में मिलने वाले वेतन के साथ जुड़कर आ सकता है। पेंशनभोगियों को भी इसी अनुपात में महंगाई राहत (DR) में वृद्धि का लाभ मिलेगा।
कैसे तय होता है महंगाई भत्ता?
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते की दरें तय करने में श्रम मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़े मुख्य आधार होते हैं। जुलाई 2025 से जून 2026 तक के 12 महीनों के सूचकांक का औसत 148.65 दर्ज किया गया था। इन प्रमाणित आंकड़ों के आधार पर डीए की गणना लगभग 63.76 प्रतिशत आई थी, जिसे नियमानुसार संशोधित करके 63 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।