चक्रवात मुरासु ने आंध्र प्रदेश के ओंगोल के पास तट से टकराना शुरू किया। भारी बारिश, 120 किमी/घंटा हवा की रफ्तार और 18 उड़ानें रद्द।
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ ने बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में ओंगोल के पास तट से टकराना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने बताया कि लैंडफॉल की प्रक्रिया रात करीब 1 बजे शुरू हुई। चक्रवात के प्रभाव से तटीय इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है, जबकि तेज झोंकों के साथ यह 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की जा रही है।
लैंडफॉल और भौगोलिक स्थिति
भारतीय समयानुसार रात 1 बजे चक्रवात के लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान तूफान के ‘वॉल क्लाउड’ यानी तूफानी बादलों के घेरे का अगला हिस्सा तट में प्रवेश कर रहा था और पूरा बादल क्षेत्र तट के बेहद करीब था। रात 1:30 बजे तक चक्रवात दक्षिण आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में केंद्रित था। उस समय इसका केंद्र ओंगोल से लगभग 40 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, कावली से 60 किलोमीटर उत्तर-पूर्व और बापटला से 70 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था।
हवा की रफ्तार और तटीय क्षेत्रों पर प्रभाव
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि चक्रवात मुरासु नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के आसपास के क्षेत्रों से टकरा रहा है। बुधवार सुबह तक तटीय क्षेत्रों में 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं और झोंकों के दौरान इनकी गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है। IMD के मुताबिक, अगले 12 घंटों के दौरान दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। बुधवार सुबह तक समुद्र में सामान्य ज्वार के स्तर से 1 से 1.5 मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई गई है, जिससे दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों में इस चक्रवात का प्रभाव सबसे अधिक रहने की संभावना है।
परिवहन पर असर और उड़ानों की रद्दीकरण
खराब मौसम और चक्रवात के खतरे के चलते विमान सेवाओं पर भी गहरा असर पड़ा है। चक्रवात मुरासु के कारण विजयवाड़ा (VGA) से जुड़ी इंडिगो की आठ उड़ानें बुधवार को रद्द कर दी गई हैं। इससे पहले खराब मौसम के चलते 10 अन्य उड़ानें भी रद्द की जा चुकी थीं, जिससे अब तक कुल 18 उड़ानें प्रभावित होकर रद्द हो चुकी हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह चक्रवात पिछले सप्ताह आए चक्रवात अर्नब की तुलना में कुछ कमजोर है, लेकिन इसके बावजूद इसका व्यापक प्रभाव आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और ओडिशा के कई हिस्सों में पड़ने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।