एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (इंडिया) के आह्वान पर दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड में 26 अक्टूबर को वितरकों का प्रदर्शन निर्धारित किया गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी लंबे समय से लंबित मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। इस घटनाक्रम से देश की राजधानी समेत विभिन्न क्षेत्रों में रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
एलपीजी वितरकों के बीच इस आंदोलन को लेकर एकराय नहीं है। फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ इंडिया (FLDI) ने इस विरोध प्रदर्शन से खुद को अलग कर लिया है। FLDI ने अपने सभी सदस्य वितरकों से सामान्य रूप से एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी जारी रखने की अपील की है। इस आंतरिक मतभेद के कारण फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हड़ताल का जमीनी स्तर पर और कुल आपूर्ति पर कितना व्यापक प्रभाव पड़ेगा।
वितरकों की प्रमुख मांगें और कमीशन का मुद्दा
प्रदर्शन कर रहे एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (इंडिया) की मुख्य मांग एलपीजी सिलेंडरों पर मिलने वाले कमीशन में बढ़ोतरी करना है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएस शर्मा का कहना है कि पिछली बार कमीशन बढ़ाए जाने के बाद से वितरक काफी समय से नई बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा, प्रशासनिक खर्चों और घर-घर तक सिलेंडर पहुंचाने के पारिश्रमिक भुगतान के ढांचे में भी बदलाव की मांग की जा रही है। इससे पहले जुलाई महीने में भोपाल में आयोजित संगठन के सम्मेलन में डिलीवरी कमीशन बढ़ाकर 75 रुपये प्रति सिलेंडर करने का प्रस्ताव रखा गया था।
पीएनजी क्षेत्रों में एलपीजी प्रतिबंध और तेल कंपनियों पर आरोप
एसोसिएशन ने उन शहरी और आवासीय क्षेत्रों में एलपीजी कनेक्शन और आपूर्ति पर रोक लगाने की सरकारी नीति का भी कड़ा विरोध किया है, जहां पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी की सुविधा पहुंचाई जा चुकी है। संगठन का तर्क है कि इस नीति से एलपीजी वितरकों के कारोबार और आय पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। दूसरी ओर, सरकार की इस नीति का घोषित उद्देश्य उन क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडर पहुंचाना है जहां पाइपलाइन नहीं है, जबकि पाइप वाले इलाकों में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देना है।
इसके अतिरिक्त, एसोसिएशन ने सरकारी तेल कंपनियों के कुछ स्थानीय अधिकारियों पर यह गंभीर आरोप भी लगाया है कि वे वितरकों पर चूल्हे, रबर ट्यूब, लाइटर और एप्रन जैसे अतिरिक्त सामान खरीदने का दबाव बनाते हैं। संगठन का यह भी दावा है कि कई मामलों में वितरकों द्वारा दिए गए बुकिंग ऑर्डर में बदलाव करके उन्हें घरेलू की बजाय कमर्शियल और फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर भेज दिए जाते हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों और मांगों पर पेट्रोलियम मंत्रालय तथा संबंधित तेल कंपनियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया आनी अभी बाकी है।
आसानी से सिलेंडर मिलने की क्या है स्थिति?
वर्तमान स्थिति के अनुसार केवल प्रदर्शन का ऐलान किया गया है और देशव्यापी स्तर पर एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति पूरी तरह रोकने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। चूँकि FLDI जैसे दूसरे बड़े संगठन ने अपने सदस्यों से काम जारी रखने को कहा है, इसलिए सभी जगह आपूर्ति बाधित होने की संभावना कम है। हालांकि, यदि आने वाले दिनों में प्रदर्शन का दायरा बढ़ता है और अधिक संख्या में वितरक हड़ताल में शामिल होते हैं, तो उपभोक्ताओं को सिलेंडर की बुकिंग और होम डिलीवरी में कुछ देरी का सामना करना पड़ सकता है। आंदोलन के अगले चरण और सरकारी रुख के बाद ही वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।