उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां पुरानी इमारत पर नई मंजिल के निर्माण के दौरान छत की स्लैब गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। प्रशासन और बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मिलान गार्डन इलाके में यह हादसा हुआ। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, एक पुराने मकान के ऊपर नई मंजिल बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान पुरानी छत का एक हिस्सा अचानक भरभरा कर ढह गया, जिससे उसके ऊपर डाली गई नई स्लैब भी नीचे आ गिरी। इस हादसे की चपेट में आने से एक ही परिवार के दो सदस्य मलबे के नीचे दब गए।
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के मुताबिक, इस घटना की सूचना रविवार शाम करीब 6:40 बजे मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना की गईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और सिविल डिफेंस के जवानों को भी राहत और बचाव कार्य में लगाया गया। मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए भारी मशीनरी तथा विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। बचाव दल ने पूरी रात घटनास्थल पर राहत कार्य जारी रखा।
मलबे से दोनों पीड़ितों को बाहर निकालकर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्थानीय अधिकारियों ने इस दुर्घटना के कारणों की तकनीकी जांच शुरू कर दी है, हालांकि पीड़ितों और हादसे की विस्तृत परिस्थितियों के बारे में अभी और अधिक आधिकारिक जानकारी आना बाकी है।
मंत्रियों ने लिया स्थिति का जायजा
घटना की सूचना मिलने के बाद दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा और आशीष सूद ने हर्ष विहार स्थित मिलान गार्डन पहुंचकर दुर्घटना स्थल का जायजा लिया। उन्होंने वहां चल रहे बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों से पूरी स्थिति की जानकारी ली।
दिल्ली में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
राजधानी दिल्ली में निर्माण कार्यों और पुरानी इमारतों के जर्जर होने के कारण इस तरह के हादसे पहले भी सामने आ चुके हैं। इससे पहले बीते अक्टूबर महीने में उत्तरी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में एक बहुमंजिला इमारत का हिस्सा ढह गया था, जिसमें मलबे में दबने से एक बच्चे की मौत हो गई थी, हालांकि बचाव दल ने सात अन्य लोगों को सुरक्षित बचा लिया था। सीमापुरी की वह घटना सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला इमारत ढहने के कुछ समय बाद हुई थी, जिसमें पांच छात्रों समेत कुल सात लोगों की जान चली गई थी।