झारखंड के गुमला जिले के कामडारा थाना क्षेत्र में हाथियों के झुंड को भगाने के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। हाथियों के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई, जिसके बाद से पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल है।
घटना गुमला जिले के कामडारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सरिता पंचायत के बुरुहातु गांव स्थित सुकरा टांड़ की है। सोमवार की देर रात करीब एक बजे हाथियों के एक झुंड ने ग्रामीण इलाके में दस्तक दी। मृतक की पहचान बुरुहातु गांव निवासी 40 वर्षीय निकोलस तोपनो के रूप में की गई है। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है।
हाथियों के झुंड ने किया था हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन दिनों संबंधित क्षेत्र में लगभग 15 हाथियों का एक झुंड विचरण कर रहा है। सोमवार की रात जब हाथियों का यह झुंड बुरुहातु गांव के पास पहुंचा, तो अपनी फसलों और घरों की सुरक्षा के लिए ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए। ग्रामीणजतन करके हाथियों के झुंड को गांव से दूर भगाने का प्रयास कर रहे थे।
इसी गहमागहमी के दौरान निकोलस तोपनो अचानक हाथियों के करीब पहुंच गए और एक हाथी की चपेट में आ गए। हमलावर हाथी ने उन्हें अपनी सूंड़ में लपेट लिया और खींचते हुए करीब आधा किलोमीटर दूर ले गया। वहां हाथी ने उन्हें कुचलकर मार डाला और शव को क्षत-विक्षप्त कर दिया। इस भयावह घटना से ग्रामीणों में कोहराम मच गया।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा और वन विभाग की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि तुरंत मौके पर पहुंचे और वस्तुस्थिति की जानकारी ली। इसके बाद सोमवार की सुबह वन विभाग के कर्मी भी घटनास्थल पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की तरफ से मृतक के परिजनों को तत्काल राहत के रूप में एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। साथ ही विभाग ने आश्वस्त किया है कि एक सप्ताह के भीतर मुआवजे की शेष राशि भी परिजनों को सौंप दी जाएगी।
हालांकि, इस घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा वन विभाग के कर्मियों पर फूट पड़ा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से हाथियों का यह झुंड इलाके में डेरा डाले हुए था, इसके बावजूद वन विभाग ने उन्हें सुरक्षित खदेड़ने या भगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। हाथियों की लगातार मौजूदगी से आसपास के अन्य गांवों में भी भारी भय का माहौल बना हुआ है।
इस पूरी घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों के लिए परामर्श जारी किया है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे हाथियों के अत्यधिक करीब जाने का जोखिम न उठाएं और उन्हें खुद भगाने का प्रयास न करें। वन विभाग हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है और ग्रामीणों को भी पूरी तरह सतर्क रहने की सलाह दी गई है.