दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली आयोजित। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई नेता शामिल। सुरक्षा के कड़े इंतजाम।
दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को कांग्रेस और 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और मतदाता सूची में बदलाव तथा एसआईआर (SIR) जैसे मुद्दों को लेकर हो रही इस रैली में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक भारी संख्या में दिल्ली पहुंच रहे हैं।
रैली की शुरुआत से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर गठबंधन के सांसद और प्रमुख नेता एकत्रित हुए। तय कार्यक्रम के अनुसार, सभी नेता खरगे के आवास से ओपन जीप में सवार होकर मिंटो रोड और मिंटो ब्रिज की ओर रवाना हुए। इस मेगा रैली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी और अभिजीत दिपके सहित INDIA गठबंधन के तमाम दिग्गज नेता और कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं। महाराष्ट्र से ही करीब 5000 कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दिल्ली पहुंचने की सूचना है। हिमाचल भवन सहित विभिन्न स्थानों पर भी समर्थक बड़ी संख्या में जुटे हैं।
व्यापार और परिवहन पर संभावित असर को लेकर चिंता
इस महारैली के कारण राजधानी के व्यापारिक और परिवहन तंत्र पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने चिंता व्यक्त की है। CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चौथा पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि इस आयोजन के चलते लगभग 2.5 लाख दुकानें बंद रह सकती हैं। साथ ही, रामलीला मैदान के 10 किलोमीटर के दायरे में परिवहन सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है, जिससे 10,000 से 12,000 करोड़ रुपये तक का कारोबार खतरे में पड़ सकता है।
सुरक्षा के कड़े और व्यापक प्रबंध
रैली को ध्यान में रखते हुए नई दिल्ली और मध्य दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ दीन दयाल उपाध्याय मार्ग और आसपास के इलाकों में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है। उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित चिल्ला बॉर्डर पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, जहां दिल्ली जाने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है और पुलिस हाई अलर्ट पर है।
मध्य दिल्ली के डीसीपी रोहित राजबीर ने सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि रामलीला मैदान को 14 जोन में बांटा गया है और सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन के लिए करीब 4 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा प्रमुख चौराहों पर 150 अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी मुस्तैद हैं। मैदान और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र को 200 से 250 सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ बॉडी वॉर्न कैमरों से कवर किया गया है। आयोजकों के साथ समन्वय के लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, और पुलिस के साथ-साथ 'सेवा दल', सिविल डिफेंस कमेटी के सदस्य तथा स्थानीय रेजिडेंट्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि भीड़ को नियंत्रित करने में सहयोग कर रहे हैं।