मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन। राहुल गांधी की अपील और सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम।
दिल्ली के रामलीला मैदान में आज मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर कांग्रेस और विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन द्वारा एक विशाल रैली का आयोजन किया जा रहा है।
राजधानी दिल्ली में आयोजित इस बड़े शक्ति प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बिंदु मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) है। विपक्षी दलों का गंभीर आरोप है कि इस प्रशासनिक प्रक्रिया की आड़ में बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिसका सीधा लाभ सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को मिल रहा है। विपक्ष ने इसे 'वोट चोरी' का गंभीर मामला करार दिया है।
विपक्ष के आरोप और चुनाव आयोग का पक्ष
कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का कहना है कि यह लड़ाई केवल किसी एक राजनीतिक दल की नहीं है, बल्कि देश में चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही का सवाल है। इसी उद्देश्य से इस प्रदर्शन में विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों और नागरिक समाज से जुड़े लोगों को भी आमंत्रित किया गया है।
दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित और दुरुस्त बनाने के लिए यह प्रक्रिया पूरी तरह आवश्यक है। आयोग के आधिकारिक रुख के अनुसार, इस पुनरीक्षण के तहत केवल मृत व्यक्तियों और अपने पुराने पते से स्थायी रूप से अन्यत्र जा चुके मतदाताओं के नाम ही सूची से हटाए जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद भी पिछले कुछ महीनों से इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव लगातार गहराता जा रहा है।
सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त और यातायात प्रबंधन
इस विशाल आयोजन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। रामलीला मैदान और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मैदान के भीतर और बाहरी परिसरों में दिल्ली पुलिस के जवानों के अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की कई कंपनियों को तैनात किया गया है।
यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रमुख मार्गों पर कड़ी बैरिकेडिंग की गई है और प्रवेश बिंदुओं पर गहन जांच-पड़ताल की व्यवस्था की गई है। आयोजकों और पुलिस प्रशासन के बीच हुई सहमति के अनुसार, इस रैली का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि राजधानी की सामान्य आवाजाही पूरी तरह बाधित न हो।
राहुल गांधी की व्यापारियों से जुड़ी अपील
रैली में शामिल होने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इस अवसर पर लोगों से एक अनूठी अपील की है। उन्होंने राजधानी आने वाले समर्थकों से कहा है कि वे केवल राजनीतिक प्रदर्शन तक सीमित न रहें, बल्कि दिल्ली के प्रसिद्ध बाजारों से खरीदारी भी करें, ताकि त्योहारी सीजन के दौरान स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों को आर्थिक लाभ मिल सके।
गौरतलब है कि इससे पहले चांदनी चौक, सदर बाजार, करोल बाग और चावड़ी बाजार जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों के व्यापारी संगठनों ने आशंका जताई थी कि इतनी बड़ी भीड़ और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण लगने वाले जाम से उनकी दिवाली और छठ पूजा की बिक्री बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। व्यापारियों ने राजनीतिक दलों से रैली का समय या स्थान बदलने की मांग भी की थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बाजार बंद रहने और परेशानी का मुख्य कारण राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि सरकार द्वारा लगाए जाने वाले अत्यधिक बैरिकेड और रास्तों की नाकेबंदी हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राजनीतिक विरोध और त्योहारी खरीदारी का यह अनूठा संतुलन राजधानी के बाजारों और कारोबारियों की चिंताओं को कितना दूर कर पाता है।