वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वंदे भारत स्लीपर और मेमू ट्रेन का शुभारंभ किया। जानिए इसकी विशेषताएं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ वंदे भारत स्लीपर और मेमू ट्रेन का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे के आधुनिकीकरण और नई परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
वाराणसी में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि 16 कोच वाली नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 823 यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे। इस ट्रेन के संचालन से देश की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक राजधानी काशी और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बीच की कनेक्टिविटी और अधिक बेहतर होगी। छात्रों समेत विभिन्न वर्गों के यात्रियों के लिए यह सेवा आधुनिक सुविधाओं से लैस है।
काशी-प्रयागराज मेमू ट्रेन और अन्य रेल परियोजनाओं के लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नगरों—काशी और प्रयागराज को आपस में जोड़ने के लिए नई मेमू ट्रेन की शुरुआत की गई है। इस ट्रेन के चलने से लाखों श्रद्धालुओं के साथ-साथ प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने वाले अधिवक्ताओं और वादकारियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। वाराणसी से राजातालाब तक शुरू हुई इस मेमू सेवा से हर वर्ग के यात्रियों को लाभ पहुंचेगा। दीपावली और छठ पर्व से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यह सौगात क्षेत्र के लोगों को मिली है।
बुलेट ट्रेन और रेलवे का आधुनिकीकरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उत्तर भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना (दिल्ली-वाराणसी) को कार्ययोजना की मंजूरी मिल गई है, जो यात्रा के समय को और कम करने में मददगार साबित होगी। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और रेल मंत्री के नेतृत्व में आधुनिक रूप ले रही है। देश में नमो भारत, वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों का सुगम संचालन हो रहा है, तथा स्वदेशी कोचों का निर्माण समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है।
सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए सीएम ने बताया कि मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग को फ्लाईओवर या अंडरपास से जोड़कर दुर्घटनाओं को रोकने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा ब्रॉडगेज लाइनों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण किया जा चुका है। ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर के जरिए मालगाड़ियों की गति को नई लाइनें दी गई हैं, और सिंगल लाइन के स्थान पर डबल लाइनों का जाल बिछाया गया है। रेलवे के संचालन में स्केल को स्किल के साथ जोड़ते हुए यात्रियों के समय और श्रम की बचत सुनिश्चित की जा रही है।