चक्रवाती तूफान मुरासु कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदला। 5 नवंबर 2026 को दक्षिण भारत के 7 राज्यों में बारिश का येलो अलर्ट, बाकी जगह मौसम साफ।
चक्रवाती तूफान मुरासु कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदला, मछुआरों के लिए समुद्री चेतावनी हटाई गई
देशभर में चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का प्रभाव अब काफी हद तक कम हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में सक्रिय रहा मुरासु अब पूरी तरह कमजोर होकर एक सामान्य 'लो प्रेशर एरिया' में तब्दील हो चुका है। इसके कमजोर होने से देश के अधिकांश हिस्सों में वायुमंडलीय स्थितियों में स्थिरता आई है और मौसम साफ हो गया है। हालांकि, दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में आज भी बारिश, आंधी और बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट जारी है।
सिस्टम की स्थिति और कमजोर होने का क्रम
मौसम विभाग के मुताबिक, यह मौसमी प्रणाली 4 नवंबर को पूर्वी तेलंगाना और उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर 'डीप डिप्रेशन' से कमजोर होकर 'डिप्रेशन' में बदली थी। इसके बाद यह 'वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया' बनी और अब उसी क्षेत्र में और अधिक कमजोर होकर एक साधारण 'लो प्रेशर एरिया' के रूप में सक्रिय है। मछलीपट्टनम और विशाखापत्तनम में रडार निगरानी के जरिए इस प्रणाली के धीरे-धीरे कमजोर होने और समाप्त होने की प्रक्रिया को लगातार ट्रैक किया जा रहा है।
इन 7 राज्यों और क्षेत्रों में येलो अलर्ट
मध्य और पूर्वी भारत में भारी बारिश की गतिविधियां थम चुकी हैं, लेकिन मौसम विभाग ने 5 नवंबर के लिए दक्षिण भारत के प्रमुख उप-क्षेत्रों में 'येलो वॉर्निंग' जारी की है। जिन क्षेत्रों में सतर्कता बरतने को कहा गया है, उनमें तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तथा केरल और माहे शामिल हैं। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ छिटपुट आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।
देश के बाकी हिस्सों में मौसम साफ
मुरासु तूफान के कमजोर पड़ने के बाद देश के अन्य सभी मौसम विज्ञान उप-क्षेत्रों में मौसम शुष्क और साफ बना हुआ है। उत्तर-पश्चिम भारत के जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मौसम पूरी तरह साफ है। मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तथा पश्चिम भारत के गुजरात, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी बारिश की कोई संभावना नहीं है। इसके अलावा पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर राज्यों (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा), साथ ही उत्तर आंतरिक कर्नाटक और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी आसमान साफ रहने के आसार हैं।मछुआरों और समुद्री गतिविधियों के लिए राहत
मौसम विभाग द्वारा 5 नवंबर की सुबह 05:30 बजे से 6 नवंबर की सुबह 05:30 बजे तक के लिए जारी आधिकारिक समुद्री चेतावनी के अनुसार, अब किसी भी समुद्री क्षेत्र के लिए मछुआरों हेतु कोई चेतावनी नहीं दी गई है। पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और तटीय इलाकों में चलने वाली तेज हवाओं और समुद्र की खराब स्थिति पूरी तरह शांत हो चुकी है। इस सुधार के साथ ही पूरे भारतीय तट पर मछली पकड़ने, बंदरगाहों के संचालन और शिपिंग से जुड़ी सभी गतिविधियां पूरी तरह सामान्य हो गई हैं।