श्रीनगर सांसद आगा रुहुल्ला मेहदी के नेशनल कॉन्फ्रेंस और लोकसभा से इस्तीफे पर जेएंडके डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने कहा कि उन्हें बीजेपी ने गुमराह किया है।
श्रीनगर सांसद के इस्तीफे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस और बीजेपी के बीच सियासी बयानबाजी तेज
जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने बुधवार को श्रीनगर से लोकसभा सांसद आगा Syed रुहुल्ला मेहदी के इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने रुहुल्ला को एक 'सज्जन' और 'सम्मानित व्यक्ति' बताते हुए कहा कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा गुमराह किया गया है। रुहुल्ला ने मंगलवार को बडगाम में एक जनसभा के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) की प्राथमिक सदस्यता और लोकसभा सांसद पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी।
जम्मू में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि आगा साहब एक नेक और शरीफ आदमी थे। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने उन्हें गुमराह किया है, क्योंकि कल खुद बीजेपी के एक नेता ने यह बयान दिया था कि आगा साहब उनके आदमी हैं। चौधरी का इशारा बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव के उस बयान की तरफ था, जो उन्होंने मंगलवार को दिया था कि रुहुल्ला के कार्यक्रम को 'बीजेपी के लोगों का आशीर्वाद' प्राप्त था।
बीजेपी के बयानों पर उठाए सवाल
डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने सवाल किया कि यदि बीजेपी के लोग रुहुल्ला के कार्यक्रम में शामिल थे, तो इसका मतलब है कि पूरा जलसा ही बीजेपी का था। ऐसी स्थिति में रुहुल्ला को नेशनल कॉन्फ्रेंस से कैसे जोड़ा जा सकता है? उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत दावा नहीं है, बल्कि बीजेपी के राष्ट्रीय नेता ने खुद स्वीकार किया है कि उनके कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में गए थे।
जब पत्रकारों ने उनका ध्यान इस बात की ओर खींचा कि राम माधव ने रुहुल्ला के साथ मिलकर सरकार बनाने की किसी भी संभावना से इनकार किया है, तो चौधरी ने बीजेपी से अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि आगा साहब आपके आदमी हैं, तो आप इस तरह का ड्रामा क्यों कर रहे हैं?
सुनील शर्मा पर कसा तंज
उपमुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा पर भी तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने मीडिया से कहा कि वे बीजेपी से इस मामले में सवाल पूछें। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता हमेशा अपने पास एक 'लॉलीपॉप' रखते हैं और अब उन्होंने वही लॉलीपॉप आगा साहब को भी थमा दिया है।
रुहुल्ला का राजनीतिक सफर और इस्तीफा
आगा रुहुल्ला मेहदी कश्मीर के एक प्रमुख शिया समुदाय के नेता हैं और पिछले 24 वर्षों से नेशनल कॉन्फ्रेंस से जुड़े हुए थे। वर्ष 2000 में संदिग्ध आतंकवादी हमले में उनके पिता आगा सैयद मेहदी की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद रुहुल्ला ने 2002 के विधानसभा चुनाव में बडगाम सीट से चुनाव लड़ा था। उन्होंने अपने इस्तीफे के लिए अपने पिता की पुण्यतिथि के दिन को चुना और हजारों समर्थकों की मौजूदगी में बडगाम के मंच से अपना दो पेज का इस्तीफा सौंपा।
गौरतलब है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के 10 विधायकों की नाराजगी और पार्टी नेतृत्व, विशेषकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को बहाल करने के वादे से मुकरने के आरोपों की खबरों के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है। इस पर डिप्टी सीएम ने दोहराया कि उनकी पार्टी पहले ही कह रही है कि इन सबके पीछे बीजेपी का हाथ है।