LIVE 24x7 गुरुवार, 05 नवंबर 2026
संस्करण: राष्ट्रीय / उत्तर प्रदेश Google News Follow
बड़ी ख़बरें
► इंदौर भाजपा में सियासी हलचल: विजयवर्गीय के गढ़ में विरोधी नेताओं का शक्ति प्रदर्शन ► बैंकिंग और नॉन-बैंकिंग सॉफ्टवेयर पर साइबर अपराधियों की नजर, AI से हो रहे हमले ► मुरासु तूफान का असर कम, देश में मौसम साफ; 7 राज्यों में येलो अलर्ट ► सर्दियों में रूखी त्वचा से राहत: महंगे मॉइश्चराइजर की जगह अपनाएं नेचुरल फेस ऑयल ► Maharashtra Weather: मुंबई में खिलेगी तेज धूप, कोल्हापुर और सिंधुदुर्ग में बारिश के आसार ► हरियाणा में वायु प्रदूषण गंभीर, 6 जिलों में एक्यूआई 300 के पार ► अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: 7 प्रमुख आंकड़ों से समझें रिपब्लिकन पार्टी की शिकस्त ► मिडटर्म चुनाव में हार के बाद हाउस स्पीकर माइक जॉनसन का इस्तीफा ► मॉरीशस में भारतीय डॉक्टरों की टीम ने बचाई गोली लगने से घायल महिला की जान ► पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान तेज ► इंदौर भाजपा में सियासी हलचल: विजयवर्गीय के गढ़ में विरोधी नेताओं का शक्ति प्रदर्शन ► बैंकिंग और नॉन-बैंकिंग सॉफ्टवेयर पर साइबर अपराधियों की नजर, AI से हो रहे हमले ► मुरासु तूफान का असर कम, देश में मौसम साफ; 7 राज्यों में येलो अलर्ट ► सर्दियों में रूखी त्वचा से राहत: महंगे मॉइश्चराइजर की जगह अपनाएं नेचुरल फेस ऑयल ► Maharashtra Weather: मुंबई में खिलेगी तेज धूप, कोल्हापुर और सिंधुदुर्ग में बारिश के आसार ► हरियाणा में वायु प्रदूषण गंभीर, 6 जिलों में एक्यूआई 300 के पार ► अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: 7 प्रमुख आंकड़ों से समझें रिपब्लिकन पार्टी की शिकस्त ► मिडटर्म चुनाव में हार के बाद हाउस स्पीकर माइक जॉनसन का इस्तीफा ► मॉरीशस में भारतीय डॉक्टरों की टीम ने बचाई गोली लगने से घायल महिला की जान ► पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान तेज

मॉरीशस में भारतीय डॉक्टरों की टीम ने बचाई गोली लगने से घायल महिला की जान

मॉरीशस में भारतीय डॉक्टरों की टीम ने बचाई गोली लगने से घायल महिला की जान
अपडेटेड: Thu, 05 Nov 2026 07:18 AM
📌 बड़ी बातें (Key Highlights)

मॉरीशस में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल एलोड थॉमस की जान बचाने के लिए भारत से 13 सदस्यीय मेडिकल टीम वहां पहुंची और सफल सर्जरी की।

पोर्ट लुइस में गोलीबारी की घटना के बाद भारत से पहुंचे 13 चिकित्सा विशेषज्ञों ने जटिल सर्जरी कर बचाई गंभीर रूप से घायल मरीज की जान।

मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुइस के पास एक वैन में यात्रा कर रही 27 वर्षीय एलोड थॉमस को 9 अक्टूबर को एक गोली लग गई, जिसके बाद उनकी स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। इस गोलीबारी की घटना के बाद मॉरीशस में कई दशकों का सबसे गंभीर नागरिक तनाव पैदा हो गया था, जिसके चलते देश में प्रदर्शन, सड़क जाम और पुलिस संपत्ति पर हमले जैसी घटनाएं सामने आईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने लोगों से संयम बरतने की अपील की। कानून व्यवस्था संभालने के साथ-साथ सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस गंभीर रूप से घायल महिला की जान बचाना थी।

भारत से त्वरित चिकित्सा सहायता की पहल

हालात की नजाकत को समझते हुए 10 अक्टूबर की रात मॉरीशस के स्वास्थ्य मंत्री अनिल बचू ने पोर्ट लुइस में स्थित भारतीय उच्चायुक्त अनुराग श्रीवास्तव से संपर्क किया। इसके बाद भारतीय अधिकारियों ने तुरंत हैदराबाद स्थित किम्स हॉस्पिटल (KIMS Hospital) से संपर्क साधा। भारतीय मिशन के अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय डॉक्टरों और हैदराबाद के विशेषज्ञों के बीच हुई चर्चा के बाद यह निष्कर्ष निकला कि मरीज को भारत एयरलिफ्ट करना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए एक विशेषज्ञ मेडिकल टीम को जल्द से जल्द मॉरीशस भेजने का निर्णय लिया गया।

13 सदस्यीय मेडिकल टीम की मॉरीशस यात्रा

अधिकारियों के मुताबिक, 12 अक्टूबर को हैदराबाद के अस्पताल समूह से 13 सदस्यीय टीम मॉरीशस पहुंच गई और स्थानीय डॉक्टरों के साथ मिलकर इलाज शुरू किया। इस दल में पांच डॉक्टर और आठ अन्य चिकित्सा विशेषज्ञ व तकनीशियन शामिल थे। ऑपरेशन के बाद कुछ सदस्य तुरंत वापस लौट आए, जबकि पोस्ट-ऑपरेटिव केयर (शस्त्रक्रिया के बाद की देखरेख) से जुड़े कुछ विशेषज्ञ कुछ और दिनों तक वहीं रुके रहे। भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख डॉ. राकेश जल्ला ने बताया कि अब एलोड थॉमस के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है और वह कुछ कदम चलने में सक्षम हैं।

जटिल सर्जरी और न्यूरोलॉजिकल खतरे

न्यूरोसर्जन डॉ. कपिल खंडेलवाल और डॉ. राकेश जल्ला ने बताया कि इस मामले में सबसे बड़ी चुनौतियां मोबिलाइजेशन की गति, ऑपरेशन की जटिलता और मरीज की जान को100% जोखिम थे। गोली कान के पास से घुसकर पैरोटिड ग्रंथि क्षेत्र को पार करते हुए संवेदनशील संरचनाओं की ओर बढ़ रही थी। डॉ. खंडेलवाल के अनुसार, प्राथमिकता इस चोट का इलाज करना था जिसमें अत्यधिक सटीकता की आवश्यकता थी ताकि न्यूरोलॉजिकल संरचनाओं को कोई नुकसान न पहुंचे, क्योंकि इससे मरीज में स्थायी कमजोरी आ सकती थी।

दूरसंचार के जरिए पहले ही शुरू हो गई थी तैयारी

विशेषज्ञों के पहुंचने से पहले ही रिमोट माध्यमों से डॉक्टरों के बीच संवाद शुरू हो गया था। साइट पर मौजूद डॉक्टरों के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया, जिसके जरिए डॉ. खंडेलवाल ने ऑपरेशन से पहले ही वहां की टीम का मार्गदर्शन किया। उन्हें मरीज की स्थिति, न्यूरोलॉजिकल स्टेटस, वाइटल पैरामीटर्स और स्कैन व ब्लड एनालिसिस के परिणाम लगातार मिलते रहे। सभी जोखिमों के बावजूद ऑपरेशन सफल रहा और उसके बाद किसी भी प्रकार की न्यूरोलॉजिकल कमी या संक्रमण नहीं देखा गया।

राजनीतिक और कूटनीतिक प्रतिक्रियाएं

मॉरीशस के अधिकारियों से यह सवाल भी पूछा गया कि उन्होंने पड़ोसी रीयूनियन द्वीप (Reunion Island) की बजाय भारत से विशेषज्ञता क्यों मांगी। इस पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल बचू ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि इस मामले की असाधारण जटिलता को देखते हुए उनकी प्राथमिकता ऐसे सुपर-विशेषज्ञों को शामिल करने की थी जिनका इस प्रकार की सर्जरी में सिद्ध ट्रैक रिकॉर्ड हो। उच्चायुक्त अनुराग श्रीवास्तव ने इस सहयोगात्मक कदम को भारत और मॉरीशस की साझीदारी और पारिवारिक संबंधों की बेहतरीन मिसाल बताया।

About the Author

अनुराधा दुबे

अनुराधा दुबे

Content Writer

अनुराधा दुबे एक समर्पित और अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जो भारत से जुड़ी राजनीतिक, सामाजिक और नीतिगत खबरों को गहराई से समझकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। उन...

Read More

ज़रूर पढ़ें (You May Also Like)

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →