उत्तर प्रदेश की सियासत में समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। इसी कड़ी में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) को बड़ा झटका देते हुए पार्टी के कई प्रमुख पदाधिकारियों ने अपने समर्थकों के साथ एलजेपी का साथ छोड़कर शिवसेना का दामन थाम लिया है। इस राजनीतिक उलटफेर से इलाके के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
शिवसेना मुरादाबाद मंडल में शामिल हुए नए चेहरे
सोमवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान लोक जनशक्ति पार्टी के कई दिग्गजों ने आधिकारिक रूप से शिवसेना (शिंदे गुट) की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी में शामिल होने वाले इन नए चेहरों का स्वागत शिवसेना के मुरादाबाद मंडल प्रमुख गुड्डू सैनी ने किया। मंडल प्रमुख ने सभी नए पदाधिकारियों को पार्टी की सदस्यता दिलाई और उन्हें शिवसेना परिवार का हिस्सा बनने पर बधाई दी।
शिवसेना में शामिल होने वाले प्रमुख पदाधिकारियों में:
- डोली राज पथिक - महासचिव, लोक जनशक्ति पार्टी (पश्चिमी उत्तर प्रदेश)
- एडवोकेट कमलेश गुप्ता - जिला अध्यक्ष, लोक जनशक्ति पार्टी (महिला प्रकोष्ठ)
- लक्ष्मी रानी - जिला उपाध्यक्ष, लोक जनशक्ति पार्टी
इन महिला नेताओं के पार्टी छोड़ने से स्थानीय स्तर पर लोक जनशक्ति पार्टी के संगठन को गहरा धक्का लगा है, खासकर महिला विंग के मोर्चे पर पार्टी कमजोर होती नजर आ रही है।
एकनाथ शिंदे की नीतियों में जताई गहरी आस्था
शिवसेना की सदस्यता लेने के बाद इन नेताओं ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के मुख्य नेता एकनाथ शिंदे की कार्यशैली और नीतियों में अपनी गहरी आस्था व्यक्त की। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने यह विश्वास दिलाया कि वे पूरी निष्ठा के साथ संगठन के लिए काम करेंगे।
इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए नेताओं ने कहा कि वे शिवसेना के संस्थापक, दिवंगत बालासाहेब ठाकरे के विचारों और हिंदुत्व के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और पार्टी की नीतियों को आम जनता तक पहुंचाना होगा।
महिला उत्थान और सशक्तिकरण पर रहेगा जोर
शिवसेना में शामिल होने के बाद महिला प्रकोष्ठ की पूर्व जिलाध्यक्ष एडवोकेट कमलेश गुप्ता और अन्य पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य फोकस महिलाओं को बड़ी संख्या में संगठन के साथ जोड़ना होगा।
उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं के उत्थान और उनके हितों की रक्षा के लिए शिवसेना के मंच से कड़े और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मौजूद
इस मिलन समारोह और सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम को सफल बनाने में शिवसेना के कई स्थानीय और प्रांतीय स्तर के नेताओं की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान संगठन की मजबूती और आगामी रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्य रूप से निम्नलिखित पदाधिकारी उपस्थित रहे:
- राज्य सचिव - रामप्रसाद प्रजापति
- जिला प्रमुख - नन्हें चौधरी
- महानगर प्रमुख - मनोज कुमार
इन सभी वरिष्ठ नेताओं ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि शिवसेना का परिवार लगातार बढ़ रहा है और आम जनता का भरोसा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर लगातार गहराता जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के दलबदल से आगामी स्थानीय चुनावों या सांगठनिक विस्तार में बड़ा असर पड़ सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जहां क्षेत्रीय दल अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं शिवसेना का इस प्रकार अपने कुनबे को बढ़ाना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
मुरादाबाद में हुए इस राजनीतिक घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की सियासत और अधिक दिलचस्प होने वाली है। अब देखना यह होगा कि लोक जनशक्ति पार्टी इस झटके के बाद अपने संगठन को किस तरह से दोबारा मजबूती देती है और शिवसेना इन नए नेताओं के जरिए अपनी पकड़ कितनी दूर तक फैला पाती है।