वियतनाम की धरती पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले रांची के युवा राजा कुमार बंसी का पार्थिव शरीर स्वदेश लाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी तेजी के साथ चल रही हैं। इस दुखद घटना के बाद से झारखंड की राजधानी रांची के कैलाश नगर इलाके में मातम पसरा हुआ है, और पीड़ित परिवार हर संभव मदद की गुहार लगा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है ताकि शोकाकुल परिवार को इस मुश्किल वक्त में थोड़ी राहत मिल सके और वे अपने बेटे का अंतिम संस्कार अपने शहर में कर सकें।
वियतनाम में कब और कैसे हुआ यह हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रांची के कैलाश नगर के रहने वाले राजा कुमार बंसी किसी सिलसिले में वियतनाम गए हुए थे। बीते 25 सितंबर 2026 को वहां एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। विदेशी धरती पर हुई इस अचानक दुर्घटना ने उनके परिवार को झकझोर कर रख दिया। स्थानीय स्तर पर अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन गंभीर चोटों के कारण 26 सितंबर 2026 की सुबह उनकी सांसें थम गईं। मौत की इस मनहूस खबर ने पूरे परिवार और मोहल्ले को गहरे सदमे में डाल दिया है।
परिजनों ने डीसी से की मुलाकात, लगाई गुहार
विदेश में हुई इस आकस्मिक मृत्यु के बाद पार्थिव शरीर को वापस रांची लाना परिजनों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। इसी सिलसिले में मृतक के परिजन और स्थानीय प्रतिनिधि मंगलवार को रांची के समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने रांची के उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजन्त्री से मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान परिजनों ने जिला प्रशासन के समक्ष अपनी पीड़ा रखी और नम आंखों से अपील की कि उनके बेटे के शव को जल्द से जल्द रांची लाया जाए ताकि वे अंतिम दर्शन कर सकें। इस दौरान शांति समिति के प्रतिष्ठित सदस्य जय सिंह यादव और रांची नगर निगम के वार्ड संख्या 27 के पार्षद भी परिजनों के साथ मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का अनुरोध किया।
जिला प्रशासन और सरकार की त्वरित पहल
परिजनों की गुहार पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। जिला प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत काम किया जा रहा है। वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy), विदेश मंत्रालय और अन्य संबंधित केंद्रीय विभागों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि कागजी कार्रवाई (Documentation) और एम्बुलेंस या कार्गो फ्लाइट की प्रक्रिया में कोई देरी न हो।
"शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति से उबरने में प्रशासनिक स्तर पर जो भी आवश्यक सहयोग और राहत बन सकती है, उसे सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। पार्थिव शरीर को वियतनाम से रांची लाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।" - जिला प्रशासन, रांची
क्या होती हैं विदेश से शव लाने की प्रक्रियाएं?
किसी भारतीय नागरिक की विदेश में मृत्यु होने पर उसे स्वदेश लाना एक लंबी और कानूनी औपचारिकताओं से भरी प्रक्रिया होती है। इसमें निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं:
- दूतावास की भूमिका: संबंधित देश में मौजूद भारतीय दूतावास स्थानीय पुलिस और अस्पताल से डेथ सर्टिफिकेट और एम्बामिंग सर्टिफिकेट (Embalming Certificate) प्राप्त करता है।
- स्थानीय प्रशासन का समन्वय: राज्य सरकार और जिला प्रशासन विदेश मंत्रालय के जरिए एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरलाइंस से समन्वय बनाते हैं।
- परिवहन खर्च और कागजात: क्लीयरेंस मिलने के बाद कार्गो फ्लाइट के माध्यम से पार्थिव शरीर को भारत के संबंधित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचाया जाता है, जहां से सड़क मार्ग द्वारा गृह जिला भेजा जाता है।
कैलाश नगर में शोक की लहर
राजा कुमार बंसी की अचानक मौत से उनका पूरा परिवार टूट चुका है। माता-पिता और अन्य संबंधियों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों और पड़ोसियों का तांता उनके घर पर लगा हुआ है। हर कोई यही प्रार्थना कर रहा है कि राजा का पार्थिव शरीर सुरक्षित और जल्द से जल्द उनके घर पहुंचे ताकि परिजन अपने बेटे का अंतिम संस्कार विधि-विधान से कर सकें। रांची जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द शव को रांची पहुंचा दिया जाएगा।