सर्दियों की आमद से ठीक पहले और घनी धुंध के आगोश में समाने से पहले हरियाणा के कैथल जिले में सड़कों की सूरत बदलने की बड़ी कवायद शुरू हो चुकी है। सड़क हादसों के काले आंकड़ों पर ब्रेक लगाने के लिए प्रशासनिक अमला अब पूरी तरह से हरकत में आ गया है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा के मामलों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में धुंध के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अभी से युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, ताकि वाहन चालकों को सुरक्षित सफर मिल सके।
सड़क सुरक्षा वाहन समिति की अहम बैठक
स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में सोमवार को सड़क सुरक्षा वाहन समिति की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) डॉ. सुशील कुमार ने की। बैठक के दौरान जिलेभर की प्रमुख सड़कों, हाईवे और ग्रामीण मार्गों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की गई। एडीसी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़कों का तुरंत प्रभाव से सुरक्षा ऑडिट (Safety Audit) करवाएं।
समीक्षा बैठक के दौरान सड़कों पर मौजूद गड्ढों, खतरनाक मोड़ों, झाड़ियों और खराब स्ट्रीट लाइट्स जैसे गंभीर मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी तकनीकी या रख-रखाव की कमी के कारण बेकसूर लोगों की जान न जाए।
धुंध के कोहरे से पहले चमचमाएंगी सड़कें
मौसम के जानकारों और कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, अगले एक महीने के भीतर मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और धुंध का दौर शुरू हो जाएगा। उत्तर भारत की सर्दियों में छाने वाली यह घनी धुंध अक्सर सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण बनती है। इस खतरे को भांपते हुए एडीसी डॉ. सुशील कुमार ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और अन्य सड़क निर्माण एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि धुंध शुरू होने से पहले सड़कों के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह चाक-चौबंद कर लिया जाए।
- सड़कों के दोनों किनारों और बीच में स्पष्ट सफेद पट्टियां (White Strips) बनाई जाएं।
- रात और धुंध के समय चमकने वाले रिफ्लेक्टरों की समय पर मरम्मत हो।
- साइन बोर्ड और गति सीमा संकेतक (Speed Limit Boards) ऐसी जगह लगाए जाएं जो दूर से ही वाहन चालकों को साफ दिखाई दें।
राजौंद से कैथल-चीका रोड तक: विकास कार्यों की सुगबुगाहट
बैठक के दौरान जिले की कई महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण और मरम्मत को लेकर भी अहम फैसले लिए गए। राजौंद की सड़क का मामला उठाए जाने पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब वहां पेवर ब्लॉक की जगह उच्च गुणवत्ता वाली तारकोल की सड़क बनाई जाएगी। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का काम महज एक सप्ताह के भीतर धरातل पर उतर जाएगा और आगामी दो महीनों के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं, बहुप्रतीक्षित कैथल-चीका रोड को लेकर अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल आम जनता को तात्कालिक राहत देने के लिए जरूरत के हिसाब से पैचवर्क (Patchwork) कराया जा रहा है। इस मार्ग को फोरलेन में तब्दील करने के लिए पेड़ों की कटाई, बिजली के खंभे हटाने और अन्य प्रशासनिक स्वीकृतियां लगभग मिल चुकी हैं। हालांकि, वन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि पेड़ों की कटाई पर वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय की रोक लगी हुई है। जैसे ही अदालत की तरफ से यह रोक हटाई जाएगी, फोरलेन निर्माण की आगामी और तेज प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा, सड़क निर्माण के लिए करीब 22 करोड़ रुपये की लंबित अनुमति भी अगले 15 दिनों में मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
इन प्रमुख मार्गों पर भी रहेगा प्रशासन का विशेष फोकस
केवल मुख्य मार्गों तक ही सीमित न रहते हुए, प्रशासन ने ग्रामीण और आंतरिक संपर्क मार्गों पर भी अपनी पैनी नजर गड़ा दी है। बैठक में जिन प्रमुख सड़कों की स्थिति सुधारने के कड़े निर्देश दिए गए हैं, उनमें निम्नलिखित मार्ग शामिल हैं:
- कौल मार्ग
- पूंडरी-काकौत रोड
- पूंडरी-करनाल मार्ग
- चीका-भागल रोड
- टीक-कठवाड़ मार्ग
- मटरवा खेड़ी सड़क
- पाई और हरसौला के मार्ग
- प्यौदा-सेगा संपर्क मार्ग
एडीसी ने इन सभी सड़कों के किनारों पर उग आई झाड़ियों और बढ़ी हुई पेड़ों की टहनियों की तुरंत प्रभाव से छंटाई करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सड़कों के किनारों (Berms) को दुरुस्त करने को कहा गया है ताकि बारिश या धुंध के वक्त वाहन यदि सड़क से नीचे उतर भी जाएं, तो वाहन चालकों को अनियंत्रित होने का खतरा न रहे।
वन विभाग और अन्य महकमों को सख्त अनुपालन के निर्देश
सड़क सुरक्षा के इस वृहद अभियान में कई विभागों को एक साथ मिलकर काम करना होगा। प्रशासन ने वन विभाग को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वे सड़कों के किनारे खड़े पेड़ों की छंटाई नियमित रूप से करें ताकि वे चालकों की दृष्टि (Visibility) में बाधा न बनें। इसके साथ ही नगर पालिका, हाउसिंग बोर्ड (HSVP), लोक निर्माण विभाग, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSMB) और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र की सड़कों की सुरक्षा रिपोर्ट तय समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) के अधिकारी गिरीश कुमार, एसडीएम संजय कुमार, सीटीएम कैप्टन प्रमेश सिंह सहित विभिन्न विभागों के तमाम प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने प्रशासन के इन निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने का भरोसा दिलाया है। कैथल प्रशासन की इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले सर्दियों के सीजन में सड़क हादसों में उल्लेखनीय कमी आएगी और आम जनता का सफर सुरक्षित और सुगम बन सकेगा।