उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर से एक बेहद झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे चिकित्सा जगत और स्थानीय नागरिकों को स्तब्ध कर दिया है। किदवई नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पॉश इलाके निराला नगर में एक सरकारी डॉक्टर ने पारिवारिक कलह के चलते ऐसा खौफनाक कदम उठाया कि हर कोई सन्न रह गया। पेशे से कुशल सर्जन और कानपुर देहात जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे डॉक्टर संदीप सिंह ने अपनी ही लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह दर्दनाक घटना अक्टूबर 2026 के शुरुआती दिनों में घटी है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को पल भर में मातम में बदल दिया है।
निराला नगर के ब्लॉसम अपार्टमेंट में घटी खौफनाक घटना
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 42 वर्षीय डॉक्टर संदीप सिंह निराला नगर स्थित ब्लॉसम अपार्टमेंट में अपनी दूसरी पत्नी कंचन और महज छह महीने के मासूम बेटे के साथ रहते थे। डॉक्टर संदीप मूल रूप से कानपुर देहात के जिला अस्पताल में तैनात थे और अपनी मेडिकल फील्ड में एक बेहतरीन और काबिल सर्जन के रूप में जाने जाते थे। रविवार की रात इस अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन अंदर सुलग रही पारिवारिक अशांति किसी बड़े तूफान का संकेत दे रही थी।
रविवार और सोमवार की दरमियानी रात, ठीक मध्यरात्रि करीब 2:00 बजे के आसपास, इस शांत अपार्टमेंट की फिजा को एक तेज धमाके ने चीर दिया। गोली चलने की इस आवाज से पूरे अपार्टमेंट में हड़कंप मच गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक अंदर से चीख-पुकार की आवाजें आने लगीं।
आधी रात को कमरे में गूंजी गोली की आवाज
घटना की जो शुरुआती परतें पुलिस जांच में सामने आई हैं, उनके अनुसार रविवार की रात डॉक्टर संदीप और उनकी पत्नी कंचन के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस और विवाद हुआ था। बहस इतनी बढ़ गई कि तनाव चरम पर पहुंच गया। विवाद के बाद डॉक्टर संदीप गुस्से में या मानसिक तनाव के चलते अपने कमरे में अलग चले गए।
रात के करीब दो बजे अचानक गोली चलने की आवाज सुनकर पत्नी कंचन घबराकर उस कमरे की तरफ दौड़ीं। अंदर का दृश्य बेहद डरावना था। डॉक्टर संदीप खून से लथपथ फर्श पर तड़प रहे थे और उनके पास ही उनकी लाइसेंसी रिवॉल्वर पड़ी थी। कंचन की चीख-पुकार सुनकर अपार्टमेंट के अन्य कमरों और फ्लैटों में रहने वाले लोग भी नींद से जागकर बाहर आ गए। आनन-फानन में बिना एक भी पल गंवाए, पत्नी ने पड़ोसियों की मदद से गंभीर रूप से घायल डॉक्टर को कानपुर के एक प्रतिष्ठित रीजेंसी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद डॉक्टर संदीप सिंह को मृत घोषित कर दिया।
दर्दनाक अतीत और दूसरा वैवाहिक जीवन
इस पूरे मामले की गहराई में जाने पर डॉक्टर संदीप सिंह के निजी जीवन के कई उलझे हुए पहलू सामने आते हैं। उनके पिता राज बहादुर सिंह ने मीडिया और पुलिस को दिए गए अपने बयानों में बताया कि संदीप चार भाई थे, जिनमें से दो भाइयों की पहले ही मृत्यु हो चुकी है।
डॉक्टर संदीप की जिंदगी का यह दूसरा अध्याय था। करीब पांच साल पहले उन्होंने अपनी पहली पत्नी से आपसी सहमति से तलाक ले लिया था। पहली पत्नी से उनकी एक बेटी भी है। तलाक के कुछ समय पश्चात उन्होंने कासगंज की रहने वाली कंचन से प्रेम विवाह किया था। कंचन के साथ शादी के बाद से ही डॉक्टर संदीप अपने मूल परिवार से अलग रहने लगे थे। वे अपने माता-पिता और पुराने परिवार से दूर निराला नगर के इस अपार्टमेंट में अपनी नई गृहस्थी बसाए हुए थे, जिसमें उनका छह महीने का छोटा बेटा भी शामिल था। किसी को अंदाजा नहीं था कि जिस परिवार को उन्होंने नए सिरे से बसाया था, वही तनाव उनकी जान का दुश्मन बन जाएगा।
पुलिस और फोरेंसिक टीम की ताबड़तोड़ कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही किदवई नगर थाने की पुलिस तुरंत हरकत में आई और भारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन फोरेंसिक विशेषज्ञों (Forensic Team) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से तमाम जरूरी साक्ष्य जुटाए।
कानपुर के पुलिस उपायुक्त (DCP) दक्षिण, दीपेंद्र नाथ चौधरी ने इस पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक बयान देते हुए बताया कि पुलिस को जैसे ही इस दुखद घटना की सूचना मिली, स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। शुरुआती जांच और साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हो रहा है कि डॉक्टर संदीप सिंह ने अपनी ही लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या की है। आत्महत्या की मुख्य वजह शुरुआती तौर पर पत्नी के साथ हुआ मामूली विवाद ही सामने आ रहा है, जो बाद में विकृत रूप ले चुका था।
पुलिस ने मृतक डॉक्टर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक लैब की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के पुख्ता कारणों और अन्य कानूनी पहलुओं से पर्दा उठ सकेगा। इसके आधार पर ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक संवाद की जरूरत
इस घटना ने एक बार फिर समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कितने ही पढ़े-लिखे और उच्च पदों पर बैठे लोग मानसिक दबाव और पारिवारिक तनाव के आगे घुटने टेक देते हैं। एक डॉक्टर, जो दूसरों की जान बचाता है, वह खुद अपनी जान पर नियंत्रण नहीं रख पाया। यह मामला इस बात की गवाही देता है कि रिश्तों में संवादहीनता और बढ़ता मानसिक तनाव कितना घातक साबित हो सकता है।
जांच के मुख्य बिंदु:
- घटना का समय: रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि (लगभग 2:00 बजे)।
- स्थान: निराला नगर, ब्लॉसम अपार्टमेंट, किदवई नगर थाना क्षेत्र, कानपुर।
- हथियार: डॉक्टर की अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर।
- मुख्य कारण: पत्नी के साथ आपसी विवाद और पारिवारिक कलह।
- वर्तमान स्थिति: शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और पुलिस-फोरेंसिक टीम हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
फिलहाल, इस सनसनीखेज घटना के बाद से निराला नगर के उस अपार्टमेंट और मृतक डॉक्टर के पैतृक परिवार में कोहराम मचा हुआ है। एक छह महीने के मासूम बच्चे के सिर से पिता का साया उठ चुका है और पुलिस इस पूरे मामले की कड़ियों को आपस में जोड़ने में जुटी हुई है ताकि सच्चाई पूरी तरह से सामने आ सके।