वाराणसी की आध्यात्मिक नगरी में बाबा विश्वनाथ के दरबार में आने वाले भक्तों के लिए दर्शन और सुविधाओं को और अधिक सुगम बनाने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज हो गई है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास एवं श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद के नवनियुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) सत्यम मिश्र ने अपने पदभार संभालने के तुरंत बाद एक्शन मोड में नजर आते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम का औचक और गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में सुरक्षा, स्वच्छता और दर्शन व्यवस्था से जुड़ी हर एक बारीकी का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
दर्शन और कतार प्रबंधन की कड़ी समीक्षा
मंगलवार को धाम पहुंचे मुख्य कार्यपालक अधिकारी सत्यम मिश्र ने संपूर्ण क्षेत्र का पैदल भ्रमण किया। उन्होंने सबसे पहले श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित प्रवेश और निकास मार्गों की व्यवस्था को परखा। वर्तमान समय में लाखों की संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए कतार प्रबंधन (Queue Management) सबसे बड़ी चुनौती रहता है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिग-जैग दर्शन व्यवस्था, बैरिकेडिंग, और श्रद्धालुओं के आवागमन के रास्तों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से वर्तमान व्यवस्थाओं और भविष्य की जरूरतों पर लंबी चर्चा की। सत्यम मिश्र ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले किसी भी भक्त को अनावश्यक रूप से लंबी कतारों में परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए कतार प्रबंधन को और अधिक स्मार्ट और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।
पेयजल और स्वच्छता पर रहा विशेष जोर
गर्मी और भारी भीड़ के मौसम को देखते हुए धाम परिसर में श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। सीईओ सत्यम मिश्र ने परिसर में घूम-घूमकर शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, स्वच्छता के मानकों और विश्राम स्थलों का मुआयना किया। उन्होंने सफाई कर्मियों और संबंधित प्रबंधकों को निर्देश दिया कि धाम के चप्पे-चप्पे पर साफ-सफाई 24 घंटे और उच्च स्तर की होनी चाहिए।
निरीक्षण के इसी क्रम में उन्होंने वृद्ध, दिव्यांग और जरूरतमंद श्रद्धालुओं के लिए संचालित व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने मुमुक्षु भवन का भी निरीक्षण किया और वहां बुजुर्गों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विशेष श्रेणी के श्रद्धालुओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर मदद पहुंचाई जानी चाहिए ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
नियमित निगरानी और सुधार के सख्त निर्देश
अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान सत्यम मिश्र ने निर्देश दिए कि धाम के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर सुरक्षा कर्मियों और प्रबंधन से जुड़े लोगों की मुस्तैदी बढ़ाई जाए। भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक तकनीकों और बेहतर मानव संसाधन प्रबंधन का उपयोग किया जाए।
"धाम में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक दर्शन उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। व्यवस्थाओं में जहां भी गुंजाइश होगी, उसे तत्काल सुधारा जाएगा और लगातार इनकी मॉनिटरिंग की जाएगी।"
उन्होंने मातहत अधिकारियों को दो टूक कहा कि वे केवल दफ्तर तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर उतरकर खुद व्यवस्थाओं का जायजा लें और आम श्रद्धालुओं से फीडबैक भी प्राप्त करें ताकि समय रहते जरूरी बदलाव किए जा सकें।
मौजूद रहे प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी
इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान मंदिर प्रशासन से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। प्रमुख रूप से डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण, उप जिलाधिकारी पवन प्रकाश पाठक के अलावा मंदिर न्यास और विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद के तमाम अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी इस दौरे में शामिल रहे। सभी ने मिलकर धाम की वर्तमान व्यवस्थाओं को और अधिक उन्नत बनाने के संकल्प को दोहराया।
श्री काशी विश्वनाथ धाम के पुनरुद्धार के बाद से यहां आने वाले भक्तों (Footfall) में लगातार भारी इजाफा दर्ज किया जा रहा है। ऐसे में नए सीईओ सत्यम मिश्र द्वारा संभाली गई इस कमान और उनके पहले ही दिन किए गए सख्त और सक्रिय निरीक्षण से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में शिव भक्तों को काशी में और भी बेहतर, सुरक्षित और दिव्य अनुभव मिलने वाला है।
