मध्य प्रदेश के कटनी जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के बरही वन परिक्षेत्र में एक बार फिर से बाघ की मौजूदगी ने स्थानीय ग्रामीणों और किसानों की नींद उड़ा दी है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे इस इलाके में महज कुछ ही दिनों के अंतराल में दूसरी बार बाघ के देखे जाने से लोगों में भारी दहशत का माहौल है। खासकर खेतों की तरफ जाने वाले किसान अब सहमे हुए हैं और एहतियात बरत रहे हैं।
केवलारी मार्ग पर दिखा वयस्क बाघ, वीडियो वायरल
ताजा मामला कटनी जिले के बरही वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले केवलारी गांव के पास का है। गुरुवार को सड़क के किनारे एक वयस्क बाघ को शांत मुद्रा में खड़ा देखा गया, जिससे वहां से गुजर रहे राहगीरों के होश उड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब कुछ लोग वाहन से उस रास्ते से गुजर रहे थे, तो उन्होंने झाड़ियों के पास बाघ को टहलते हुए देखा।
गनीमत यह रही कि बाघ ने किसी भी तरह की आक्रामकता नहीं दिखाई और कुछ देर वहां रुकने के बाद वह खुद ही घनी झाड़ियों की तरफ ओझल हो गया। हालांकि, इस दौरान वहां से गुजर रहे कुछ लोगों ने अपनी समझदारी दिखाते हुए सुरक्षित दूरी से इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया। यह वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद वन विभाग के कान खड़े हो गए।
महज चार दिनों में दूसरी बार दिखा बाघ
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरही क्षेत्र में इन दिनों वन्यजीवों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। केवलारी की यह घटना अपनी जगह है, लेकिन ठीक इससे चार दिन पहले यानी 5 सितंबर को समीपवर्ती बरमानी गांव में भी बाघ की मौजूदगी दर्ज की गई थी। बरमानी में किसान मनीष यादव के खेत के ठीक पास बाघ को घूमते हुए देखा गया था, जिससे किसानों में खौफ पैदा हो गया था।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि बांधवगढ़ के रास्ते बाघ रिहायशी इलाकों और खेतों के आसपास लगातार मूवमेंट कर रहे हैं। सितंबर के महीने में धान और अन्य फसलों की देखरेख के लिए किसानों का खेतों में आना-जाना लगातार लगा रहता है, ऐसे में यह स्थिति और भी ज्यादा चिंताजनक बन जाती है।
प्रशासन और वन विभाग की कड़ी निगरानी
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और ग्रामीणों की शिकायत मिलने के तुरंत बाद वन विभाग की टीम एक्शन मोड में आ गई। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से केवलारी और बरमानी समेत आसपास के जंगलों से सटे इलाकों में सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है।
वन विभाग के अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि राहत की बात यह है कि ताजा मूवमेंट के दौरान बाघ आबादी वाले क्षेत्र से निकलकर वापस सुरक्षित रूप से घने जंगल की ओर लौट चुका है। फिर भी, किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए विभाग ने अपनी विशेष टीमों को मौके पर तैनात कर दिया है। लगातार पगमार्क और अन्य गतिविधियों के जरिए बाघ की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि उसकी सटीक लोकेशन का पता लगाया जा सके।
ग्रामीणों और किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइंस
वन विभाग ने केवलारी, बरमानी और उनके आस-पास के दर्जनों गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अत्यधिक सावधानी बरतें और प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
- अकेले बाहर जाने से बचें: विशेषकर सुबह के वक्त और शाम ढलने के बाद जंगल से लगे रास्तों या खेतों की तरफ अकेले जाने से पूरी तरह परहेज करें।
- समूह में करें आवाजाही: यदि खेतों की तरफ जाना जरूरी हो, तो अकेले जाने के बजाय हमेशा समूह (ग्रुप) में जाएं।
- सुरक्षा उपकरण रखें साथ: अपने साथ हमेशा लाठी, डंडा और टॉर्च जैसी जरूरी चीजें जरूर रखें।
- उकसाने की भूल न करें: यदि कहीं भी बाघ या कोई अन्य जंगली जानवर दिखाई दे, तो उसके करीब जाने, उसे भगाने या उसका वीडियो और फोटो लेने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें।
- तत्काल दें सूचना: वन्यजीव की किसी भी गतिविधि या उसके पदचिह्नों की जानकारी मिलने पर तुरंत स्थानीय वन विभाग के अधिकारियों को सूचित करें।
बरही का यह इलाका पहले से ही जंगली जानवरों की आवाजाही के लिए जाना जाता है, लेकिन जिस तरह से पिछले कुछ दिनों में बाघों ने बस्तियों के नजदीक अपनी आमद दर्ज कराई है, उसने स्थानीय प्रशासन और आम जनता दोनों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। फिलहाल वन विभाग की टीमें इलाके में लगातार गश्त कर रही हैं ताकि इंसानों और वन्यजीवों के बीच किसी भी संभावित संघर्ष को टाला जा सके।