सुबह की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब नाश्ता बनाने की बात आती है, तो सबसे पहले पोहा, उपमा, पराठा या इडली का ख्याल आता है। रोज़-रोज़ एक ही तरह का खाना खाकर बोरियत होना लाजिमी है। अगर आप भी अपने परिवार को कुछ नया, हटके और बेहद पौष्टिक खिलाना चाहते हैं, तो इस बार दक्षिण भारत के पारंपरिक स्वाद का रुख कीजिए। कर्नाटक की एक ऐसी खास और अनोखी रेसिपी इन दिनों रसोईघरों में काफी पसंद की जा रही है, जो न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहतरीन है। हम बात कर रहे हैं 'नुचिनुंडे' (Nuchinunde) की, जो चना और तूर दाल से बनने वाली एक बेहतरीन स्टीमड डिश है।
इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे तैयार करने के लिए एक बूंद भी तेल की जरूरत नहीं पड़ती है। डीप फ्राई या ज्यादा तेल-मसाले के झंझट से दूर यह डिश उन लोगों के लिए एकदम परफेक्ट है जो फिटनेस को लेकर जागरूक हैं या जो अपने खान-पान में हेल्दी बदलाव चाहते हैं। आइए जानते हैं कि कर्नाटक की इस पारंपरिक रेसिपी को घर पर आसानी से कैसे तैयार किया जा सकता है और इसके लिए किन-किन चीजों की आवश्यकता होती है।
नुचिनुंडे बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस पारंपरिक नाश्ते को बनाने के लिए आपको किचन में मौजूद आम दालों और मसालों की ही जरूरत होगी:
- तूर दाल: 1/2 कप
- चना दाल: 1/2 कप
- ताजा कद्दूकस नारियल: 1/2 कप
- सवा या डिल लीव्स (Dill Leaves): 2 से 3 बड़े चम्मच बारीक कटे हुए
- हरा धनिया: 2 बड़े चम्मच
- करी पत्ता: 7 से 8
- हरी मिर्च: 2
- अदरक: लगभग 1 इंच का टुकड़ा
- जीरा: 1 छोटा चम्मच
- हींग: 1 चुटकी
- नमक: स्वादानुसार
- तेल: केवल हाथ और स्टीमर प्लेट को ग्रीस करने के लिए
- पानी: दाल भिगोने के लिए आवश्यकतानुसार
सबसे पहले दाल को सही तरीके से भिगोएं
किसी भी पारंपरिक रेसिपी की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसकी शुरुआती तैयारियां कितनी सटीक हैं। नुचिनुंडे के लिए सबसे पहले चना दाल और तूर दाल को एक साथ मिलाकर 2 से 3 बार साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद दोनों दालों को पर्याप्त पानी में डुबोकर लगभग 3 घंटे के लिए भिगोकर रख दें।
तय समय के बाद दाल का सारा पानी पूरी तरह छानकर निकाल लें। यहां एक बेहद जरूरी टिप ध्यान रखने योग्य है कि दाल को पीसते समय उसमें बहुत ज्यादा पानी बिल्कुल न मिलाएं। नुचिनुंडे के लिए हमें इडली या डोसे की तरह पतला बैटर नहीं चाहिए। मिश्रण ऐसा होना चाहिए जिसे हाथ से दबाकर आसानी से एक निश्चित आकार दिया जा सके।
दाल को एकदम बारीक न पीसें
भीगी हुई दाल को मिक्सर जार में ट्रांसफर करें। इसी के साथ हरी मिर्च और अदरक का टुकड़ा भी डाल दें। अब मिक्सर को लगातार चलाने के बजाय 'पल्स मोड' (Pulse mode) पर चलाएं। जरूरत महसूस हो तो केवल एक या दो चम्मच पानी का छींटा दें।
दाल को पूरी तरह चिकना (Smooth paste) नहीं बनाना है, बल्कि इसे हल्का दरदरा (Coarse texture) रखना है। यही दरदरापन तैयार होने के बाद नुचिनुंडे को सामान्य स्टीमड डिशेज से बिल्कुल अलग और अनूठा स्वाद व बनावट देता है। अगर मिक्सी चलाने में दिक्कत आए, तो एक साथ पानी डालने की गलती न करें, बल्कि चम्मच की मदद से थोड़ा-थोड़ा पानी छिड़कें।
नारियल और सवा के पत्ते कब और कैसे मिलाएं?
पिसी हुई दरदरा दाल को एक बड़े बर्तन में निकाल लें। अब इसमें कद्दूकस किया हुआ ताजा नारियल, बारीक कटे हुए सवा के पत्ते, हरा धनिया, करी पत्ता, जीरा, हींग और स्वादानुसार नमक मिलाएं। इन सभी सामग्रियों को अपने हाथों या चम्मच की मदद से बहुत अच्छी तरह आपस में मिला लें।
मिश्रण तैयार होने के बाद इसकी कंसिस्टेंसी चेक करना बेहद जरूरी है। थोड़ा सा मिश्रण अपनी हथेली पर रखकर दबाएं। अगर वह बिखरने के बजाय अपना बेलनाकार या गोल आकार बनाए रख रहा है, तो इसका मतलब है कि आपका मिश्रण बिल्कुल सही तैयार हुआ है। यदि मिश्रण बहुत ज्यादा गीला हो गया है, तो इसे कुछ देर के लिए छोड़ सकते हैं, लेकिन इसमें अपनी तरफ से कोई भी आटा या सूजी मिलाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इससे इसका पारंपरिक स्वाद बदल सकता है।
नुचिनुंडे को दें परफेक्ट बेलनाकार आकार
अब अपने हाथों पर बहुत थोड़ा सा तेल लगा लें ताकि मिश्रण हथेलियों पर चिपके नहीं। दाल के मिश्रण का थोड़ा सा हिस्सा लें और उसे हथेली के बीच दबाते हुए पहले एक मोटी लोई जैसा बनाएं। इसके बाद इसे धीरे-धीरे हथेलियों के बीच रोल करते हुए छोटे बेलन या सिलेंडर (Cylinder) का आकार दें।
ध्यान रखें कि इसे बहुत ज्यादा लंबा या बहुत मोटा न बनाएं। मध्यम आकार रखने से स्टीम यानी भाप अंदर तक आसानी से पहुंचती है और डिश अंदर तक पक जाती है। इसी तरह बाकी बचे हुए सारे मिश्रण से नुचिनुंडे तैयार कर लें।
स्टीमर तैयार करने का सही तरीका और पकाने की विधि
इडली स्टीमर, मोमोज स्टीमर या किसी भी बड़े भगोने में पानी उबलने के लिए रख दें। स्टीमर की प्लेट पर बहुत हल्का सा तेल लगा लें ताकि पकने के बाद डिश आसानी से बाहर निकाली जा सके। अब तैयार किए गए नुचिनुंडे को प्लेट पर एक-दूसरे से थोड़ी दूरी पर रखें। इन्हें आपस में चिपकाएं नहीं और न ही एक के ऊपर एक रखें।
जब पानी में अच्छी तरह भाप बनने लगे, तब इस प्लेट को स्टीमर के अंदर रख दें। स्टीमर को ढक्कन से अच्छी तरह बंद कर दें और मध्यम आंच पर इसे करीब 15 से 20 मिनट तक पकने दें। समय इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपने इन्हें कितना बड़ा आकार दिया है।
पकने के बाद इन डंपलिंग्स का बाहरी रंग थोड़ा बदल जाएगा और छूने पर इनकी बाहरी सतह काफी फर्म (Firm) महसूस होगी। आप चाहें तो एक नुचिनुंडे को चाकू की मदद से बीच से काटकर भी चेक कर सकती हैं। यदि अंदर से कच्ची दाल जैसा गीलापन नजर न आए, तो समझ लीजिए कि आपकी डिश तैयार है। आंच बंद करने के तुरंत बाद इन्हें प्लेट से बाहर न निकालें, बल्कि 2 से 3 मिनट के लिए इन्हें थोड़ा ठंडा होने दें।
कुक करते समय किन बातों का रखें खास ध्यान?
- मिश्रण का पतला होना: अगर नुचिनुंडे बनाते समय बिखर रही है या आकार नहीं ले पा रही है, तो इसका मुख्य कारण दाल पीसते समय ज्यादा पानी का इस्तेमाल करना हो सकता है।
- ज्यादा बारीक पीसना: दाल को यदि बहुत ज्यादा मुलायम पीस दिया जाए, तो भी इसका पारंपरिक टेक्सचर बिगड़ जाता है।
- बहुत ज्यादा ड्राई होना: दाल को जरूरत से ज्यादा लंबे समय तक स्टीम करने से यह अंदर से बहुत सूखी हो सकती है। इसलिए 15 मिनट के बाद एक बार जरूर चेक कर लें।
क्यों खास हैं सवा (Dill Leaves) के पत्ते?
कर्नाटक की इस ऑथेंटिक रेसिपी में सवा के पत्तों का इस्तेमाल इसके खास और सौंधी खुशबू के लिए किया जाता है। हालांकि कुछ घरों में मसालों के अनुपात में थोड़ा बदलाव मिल सकता है, लेकिन डिल लीव्स इस रेसिपी की जान हैं। यदि आप पहली बार इस पारंपरिक स्वाद का असली मजा लेना चाहती हैं, तो इन्हें स्किप करने से बचें।
किस चीज के साथ परोसें नुचिनुंडे?
कर्नाटक के पारंपरिक खान-पान में नुचिनुंडे को आमतौर पर 'मज्जिगे हुली' (Majjige huli) यानी कढ़ी जैसे दही आधारित व्यंजनों के साथ परोसा जाता है। हालांकि, रोजमर्रा की व्यस्तता में आप इसे घर पर बनी ताजी नारियल की चटनी के साथ भी परोस सकती हैं। इसके अलावा, गरमागरम नुचिनुंडे को बीच से हल्का चीरा लगाकर उसपर थोड़ा सा शुद्ध घी डालकर खाना भी एक बेहतरीन अनुभव देता है।
तो इस बार सुबह के नाश्ते में उन पुरानी और बोरिंग रेसिपीज को अलविदा कहें और कर्नाटक की इस हेल्दी, ऑयल-फ्री नुचिनुंडे को अपने घर की डाइनिंग टेबल पर जगह दें। परिवार के सभी सदस्यों को यह नया और पारंपरिक स्वाद जरूर पसंद आएगा।