वीगन और क्रुएल्टी-फ्री कॉस्मेटिक्स के बीच का अंतर समझें। लिपस्टिक, मस्कारा और स्किनकेयर प्रोडक्ट्स खरीदते समय सामग्री, सर्टिफिकेशन और 7 जरूरी बातों की पूरी जानकारी।
ब्यूटी प्रोडक्ट्स की दुनिया में वीगन और क्रुएल्टी-फ्री मेकअप का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन दोनों के बीच के बुनियादी अंतर और खरीदारी के नियमों को लेकर अक्सर असमंजस की स्थिति बनी रहती है।
ब्यूटी और स्किनकेयर की दुनिया में अब खरीदार केवल आकर्षक विज्ञापनों और अच्छे परिणामों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे प्रोडक्ट्स के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उनके तौर-तरीकों के प्रति भी बेहद जागरूक हो चुके हैं। बाजार में लिपस्टिक, फाउंडेशन, मस्कारा और स्किनकेयर के कई विकल्प वीगन और क्रुएल्टी-फ्री दावों के साथ उपलब्ध हैं, जिन्हें खरीदते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना आवश्यक है।
क्या होता है वीगन मेकअप
वीगन मेकअप ऐसे कॉस्मेटिक्स को कहा जाता है जिनके निर्माण या मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के एनिमल प्रोडक्ट या पशु-आधारित सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। ऐसे उत्पादों में शहद, बीवैक्स (मधुमक्खी का मोम), लैनोलिन, कैरमाइन और एनिमल बेस्ड कोलेजिन जैसी सामग्रियां शामिल नहीं होती हैं। इनकी जगह सुरक्षित प्लांट-बेस्ड (पौधे-आधारित) या सिंथेटिक विकल्पों का प्रयोग किया जाता है, जो पूरी तरह से वनस्पति या प्रयोगशाला में तैयार होते हैं।
वीगन और क्रुएल्टी-फ्री कॉस्मेटिक्स में अंतर
अक्सर लोग वीगन और क्रुएल्टी-फ्री मेकअप को एक ही मान लेते हैं, जबकि दोनों के मायने और दायरे पूरी तरह अलग हैं। वीगन का सीधा संबंध उस सामग्री से है जो उत्पाद को बनाने में उपयोग की गई है, जबकि क्रुएल्टी-फ्री का संबंध जानवरों पर होने वाले परीक्षण यानी एनिमल टेस्टिंग से है।
इसे आसान भाषा में इस तरह समझा जा सकता है कि यदि किसी लिपस्टिक में बीवैक्स का इस्तेमाल हुआ है, लेकिन उसके निर्माण या परीक्षण के लिए किसी जानवर को नहीं सताया गया, तो वह क्रुएल्टी-फ्री तो कहलाएगी लेकिन वीगन नहीं होगी। इसके विपरीत, यदि किसी उत्पाद में कोई पशु-आधारित सामग्री नहीं है, लेकिन उसके परीक्षण चरण में जानवरों पर टेस्टिंग की गई है, तो वह वीगन उत्पाद तो होगा लेकिन क्रुएल्टी-फ्री नहीं माना जाएगा।
क्रुएल्टी-फ्री और वीगन प्रोडक्ट्स खरीदते समय ध्यान रखने योग्य 7 बातें
बाजार में सही और प्रामाणिक ब्यूटी प्रोडक्ट्स चुनने के लिए निम्नलिखित सात बिंदुओं को ध्यान में रखना जरूरी है:
- सबसे पहले प्रोडक्ट का लेबल पढ़ें: पैकेजिंग पर छपे सिर्फ वीगन या क्रुएलिटी-फ्री जैसे दावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। हमेशा पूरी इंग्रेडिएंट लिस्ट और ब्रांड की पृष्ठभूमि की जांच करें, क्योंकि एक जैसे दिखने वाले कई तत्वों के स्रोत अलग-अलग हो सकते हैं।
- लिपस्टिक में कैरमाइन और बीवैक्स जांचें: लिपस्टिक को लाल रंग देने वाला पिगमेंट कैरमाइन कोचीनियल कीड़ों से प्राप्त होता है, जबकि बीवैक्स मधुमक्खियों से मिलता है। वीगन लिपस्टिक खरीदते समय इनके प्लांट-बेस्ड या सिंथेटिक विकल्पों की पुष्टि कर लें।
- मस्कारा में एनिमल बेस्ड वैक्स पहचानें: कुछ मस्कारा उत्पादों में बीवैक्स या अन्य एनिमल बेस्ड वैक्स का इस्तेमाल किया जाता है। वीगन मस्कारा चुनते समय उसकी सामग्री की जांच करें, क्योंकि बाजार में प्लांट-बेस्ड और सिंथेटिक वैक्स वाले विकल्प भी मौजूद हैं।
- मॉइस्चराइजर में लैनोलिन की जांच करें: त्वचा को मुलायम बनाने वाले कुछ मॉइस्चराइजर में लैनोलिन मिलाया जाता है, जो भेड़ की ऊन से निकाला जाता है। वीगन विकल्प के रूप में प्लांट-बेस्ड ऑयल और बटर वाले प्रोडक्ट्स चुने जा सकते हैं।
- फेस क्रीम में कोलेजिन का सोर्स जानें: एंटी-एजिंग क्रीम में इस्तेमाल होने वाले कोलेजिन और इलास्टिन का स्रोत देखना जरूरी है, क्योंकि कई कोलेजिन एनिमल बेस्ड होते हैं। वीगन विकल्पों में प्लांट-बेस्ड या बायोटेक्नोलॉजी से तैयार सामग्री का उपयोग होता है।
- वीगन और क्रुएल्टी-फ्री सर्टिफिकेशन देखें: पैकेजिंग पर वीगन सोसायटी या लीपिंग बनी (Leaping Bunny) जैसे आधिकारिक संगठनों के लोगो और सर्टिफिकेशन की जांच करें। इन प्रमाणनों की पुष्टि संबंधित संगठनों की आधिकारिक वेबसाइट पर भी की जा सकती है।
- ब्रांड की टेस्टिंग पॉलिसी पढ़ें: किसी एक उत्पाद के दावे के आधार पर पूरे ब्रांड की नीति का आकलन न करें। कंपनी की आधिकारिक एनिमल टेस्टिंग पॉलिसी को पढ़ें और यह देखें कि वह अपने तैयार उत्पादों के साथ-साथ सामग्रियों की टेस्टिंग को लेकर क्या स्पष्टीकरण देती है।
क्या वीगन मेकअप त्वचा के लिए ज्यादा अच्छा होता है?
यह आवश्यक नहीं है कि वीगन मेकअप हर प्रकार की त्वचा के लिए पूरी तरह सुरक्षित या बेहतर ही साबित हो। वीगन उत्पादों में भी ऐसे कई इंग्रेडिएंट्स हो सकते हैं जो कुछ लोगों की संवेदनशील त्वचा पर जलन या एलर्जी का कारण बन सकते हैं। इसलिए हमेशा अपनी स्किन टाइप के अनुसार ही प्रोडक्ट्स का चुनाव करें, उनकी एक्सपायरी डेट की जांच करें और किसी भी नए उत्पाद को चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट अवश्य करें।