मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में 1663 करोड़ रुपये की 88 विकास परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास और लोकार्पण। गोड़धोइया नाला और सीवर योजना शामिल।
चौरी चौरा आरओबी से लेकर गोड़धोइया नाला सीवर परियोजना तक, जानें क्या-क्या मिलेगा नया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गोरखपुर दौरे के दौरान 1663 करोड़ रुपये की लागत वाली कुल 88 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इस दौरे में शहर की जल निकासी, सीवर व्यवस्था, सड़क कनेक्टिविटी और रेल यातायात से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत होगी, जिससे स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
चौरी चौरा में रेल ओवरब्रिज और अन्य विकास कार्य
मुख्यमंत्री का पहला कार्यक्रम सुबह चौरी चौरा के भोपा बाजार में निर्धारित है। यहां वे गोरखपुर-भटनी रेल खंड पर समपार संख्या 147बी पर 59.44 करोड़ रुपये की लागत से बने रेल ओवरब्रिज (आरओबी) का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा, इस क्षेत्र में कुल 287.56 करोड़ रुपये की लागत वाली 84 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा।
इन परियोजनाओं में जगदीशपुर से सरैया ब्लॉक होते हुए देवरिया मार्ग तक फोरलेन चौड़ीकरण, बेहतर रोड कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचा विकास और बाढ़ बचाव से जुड़े कार्य शामिल हैं। कार्यक्रमों की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री चौरी चौरा बलिदानी स्मारक जाकर अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
गोड़धोइया नाला परियोजना और सीवर योजना का दूसरा बड़ा कार्यक्रम
दिन का दूसरा मुख्य कार्यक्रम दोपहर बाद गोड़धोइया नाला के समीप होगा। मुख्यमंत्री यहां 495.24 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण गोड़धोइया नाला परियोजना के पहले चरण का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही, 92.72 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के दूसरे चरण, गोड़धोइया नाला के दोनों किनारों पर 65.93 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सड़कों और 721.40 करोड़ रुपये की लागत की गोरखपुर सीवरेज योजना जोन ए तीन का शिलान्यास किया जाएगा।
350 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन से जुड़ेंगे 43 हजार से अधिक घर
गोरखपुर सीवरेज योजना जोन ए तीन के तहत शहर के 17 वार्डों को कवर किया जाएगा। इस वृहद योजना के अंतर्गत लगभग 350 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इस नेटवर्क से क्षेत्र के 43 हजार 604 घरों से निकलने वाले गंदे पानी के पाइपों को सीधे सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा, जिससे गोड़धोइया नाला और आसपास के इलाकों में जलभराव एवं प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।