बिहार में चक्रवाती तूफान अर्णब के प्रभाव से 2 नवंबर तक छिटपुट बारिश जारी रहने की संभावना है। जानिए तापमान और बारिश का ताजा अपडेट।
चक्रवाती तूफान अर्णब के प्रभाव से बिहार में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में दो नवंबर तक हल्की से छिटपुट वर्षा की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है, जिसके बाद मौसम में बदलाव आने के संकेत हैं।
बिहार में चक्रवाती तूफान अर्णब का मुख्य प्रभाव भले ही कमजोर पड़ गया हो, लेकिन इसके अवशेषों और नमी के कारण राज्य के विभिन्न जिलों में छिटपुट वर्षा का दौर बना हुआ है। शनिवार को राजधानी पटना समेत प्रदेश के अधिकांश भागों में हल्के बादलों की आवाजाही के बीच मौसम मिला-जुला और सामान्य रहा।
प्रमुख शहरों में तापमान की स्थिति
तूफान के प्रभाव और बादलों के छटने के साथ ही शनिवार को पटना सहित राज्य के लगभग सभी जिलों के अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी पटना के अधिकतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई, जिसके बाद यहां का तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, पूरे प्रदेश में सबसे अधिक तापमान कैमूर जिले में 32.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तापमान में इस उतार-चढ़ाव से लोगों को कभी हल्की उमस तो कभी राहत का अहसास हो रहा है।
रफ्तार भरी हवाएं और बारिश के आंकड़े
शनिवार को राज्य के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं भी चलीं। रोहतास और भोजपुर जिलों में हवा की रफ्तार 46 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई, जिससे मौसम में ठंडक का अहसास बढ़ा। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में वर्षा दर्ज की गई, जिसमें राजधानी पटना में 4.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। वहीं, बक्सर जिले के सिमरी प्रखंड में सबसे अधिक 87.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो इस दौरान राज्य में सबसे ज्यादा है।
मौसम विभाग का अगला पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के मुताबिक आगामी दो नवंबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में छिटपुट और हल्की बारिश का यह दौर रुक-रुक कर जारी रह सकता है। इसके बाद जैसे ही चक्रवाती तूफान का असर पूरी तरह समाप्त होगा, राज्य में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है, जिससे सर्दियों की शुरुआत का अहसास होने लगेगा। किसानों और आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे बदलते मौसम के इस दौर में सावधानी बरतें।