नवेगांव-नागझिरा टाइगर रिजर्व के कोका अभयारण्य स्थित आमगांव तालाब में जल पर्यटन विकसित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
नवेगांव-नागझिरा टाइगर रिजर्व के कोका वन्यजीव अभयारण्य में पर्यटन गतिविधियों को विस्तार देने की दिशा में एक नया कदम उठाया गया है। अभयारण्य के अंतर्गत आने वाले आमगांव तालाब में जल पर्यटन परियोजना शुरू करने का प्रस्ताव तैयार कर शासन की मंजूरी के लिए भेजा गया है। इस परियोजना के मूर्त रूप लेने पर पर्यटकों को प्राकृतिक और शांत वातावरण के बीच नौकायन का आनंद लेने का अवसर मिलेगा।
भंडारा जिले में स्थित कोका अभयारण्य अपनी समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहां पर्यटन को बढ़ावा देने और सैलानियों को आकर्षित करने के उद्देश्य से वन विभाग ने आमगांव तालाब को इस परियोजना के लिए चुना है। पर्यटन विकास योजना के तहत इस जलाशय को जल पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे नागपुर, भंडारा और आसपास के अन्य जिलों से आने वाले प्रकृति प्रेमियों को एक नया अनुभव मिल सके।
चयनित स्थल और प्रस्तावित बुनियादी ढांचा
जल पर्यटन परियोजना के लिए कोका अभयारण्य के कक्ष क्रमांक 167 और 168 में स्थित आमगांव तालाब का चयन किया गया है। यह जलाशय काफी विस्तृत है और इसके चारों ओर फैला प्राकृतिक सौंदर्य सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस स्थान की भौगोलिक स्थिति और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ही सभी विकास कार्य पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल रखने की योजना बनाई गई है।
तालाब में बोटिंग की सुविधा शुरू करने के लिए आधुनिक और सुरक्षित इंतजाम किए जाएंगे। परियोजना के प्रस्ताव के अनुसार, यहां एक तैरता हुआ घाट यानी फ्लोटिंग जेटी बनाई जाएगी। पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस जेटी पर मजबूत रेलिंग लगाई जाएगी। नौकाओं को सुरक्षित रूप से खड़ा करने और बांधने के लिए विशेष चेन व एंकरिंग सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, नौकाओं को पानी में आसानी से उतारने और वापस बाहर निकालने के लिए आरसीसी रैंप का निर्माण किया जाएगा।
सुरक्षा और पर्यटकों के लिए अन्य सुविधाएं
जल गतिविधियों के दौरान सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। इसे ध्यान में रखते हुए तालाब में तैरते हुए सुरक्षा बोय लगाए जाएंगे। साथ ही, बोटिंग के संचालन क्षेत्र की सटीक सीमा तय करने वाले अवरोध भी स्थापित किए जाएंगे ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। प्रस्ताव के अनुसार, एक समय में कुल 10 नौकाओं को करीने से खड़ा करने की व्यवस्था की जाएगी।
केवल बोटिंग तक ही इस योजना को सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि तालाब परिसर में पर्यटकों के ठहरने, उनके मनोरंजन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने का भी प्रस्ताव है। प्रकृति के सान्निध्य में समय बिताने के इच्छुक पर्यटकों के लिए यह स्थल एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसर
इस जल पर्यटन परियोजना के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बल मिलने की उम्मीद है। पर्यटन बढ़ने से क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिसका लाभ स्थानीय युवाओं को मिलेगा। पर्यटन से जुड़े विभिन्न छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में यह पूरा प्रस्ताव शासन की स्वीकृति के लिए लंबित है, और हरी झंडी मिलते ही आगे की प्रशासनिक और विकास प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।