रसोई घर का बजट संभालने वाले हर परिवार के लिए एक बेहद जरूरी और ताज़ा अपडेट सामने आया है। यदि आपके घर में भी एलपीजी गैस सिलेंडर आता है और उस पर सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी का लाभ आपके बैंक खाते में पहुंचता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। गैस एजेंसियों और पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से एक सख्त निर्देश जारी किया गया है, जिसके तहत 14 सितंबर से पहले हर हाल में ई-केवाईसी (E-KYC) की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यदि आपने तय समय सीमा के भीतर यह काम नहीं किया, तो आपकी सब्सिडी का पैसा बीच में ही अटक सकता है।
लाखों उपभोक्ताओं का सत्यापन अभी भी बाकी
सरकारी आंकड़ों और पेट्रोलियम कंपनियों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रशासनिक सख्ती और लगातार जागरूकता अभियानों के बावजूद एक बड़ा आंकड़ा ऐसा है, जहां अभी तक उपभोक्ताओं ने अपनी गैस आईडी का सत्यापन नहीं कराया है। अकेले एक बड़े राज्य की बात करें तो वहां करीब 26.50 लाख घरेलू और उज्ज्वला गैस उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी होना अभी बाकी है।
राज्य के कुल परिदृश्य को देखें तो वहां 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी कनेक्शन की कुल संख्या लगभग 1.09 करोड़ के आसपास है। राहत की बात यह है कि इनमें से करीब 86 लाख उपभोक्ताओं ने तो अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन लगभग 22.50 लाख से अधिक उपभोक्ता ऐसे हैं जिनका वेरिफिकेशन अभी भी पेंडिंग चल रहा है। यही वजह है कि तेल विपणन कंपनियों ने अब चेतावनी के साथ इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की है।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए कड़े नियम
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त या रियायती दरों पर गैस कनेक्शन पाने वाले लाभार्थियों के लिए नियमों को थोड़ा और स्पष्ट किया गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय और संबंधित कंपनियों के दिशा-निर्देशों के अनुसार, उज्ज्वला योजना के सभी लाभुकों के लिए हर साल कम से कम एक बार ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है।
कई बार लोग यह सोचते हैं कि एक बार कनेक्शन मिल गया और सब्सिडी आ रही है तो सब ठीक है, लेकिन तकनीकी सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार समय-समय पर डेटाबेस को अपडेट करती है। यदि उज्ज्वला या सामान्य घरेलू कनेक्शन धारक इस वार्षिक प्रक्रिया को नजरअंदाज करते हैं, तो उनका नाम सब्सिडी की सूची से अस्थायी तौर पर हटाया जा सकता है।
गैस एजेंसी जाने की बिल्कुल नहीं है जरूरत
आम तौर पर जब भी कोई सरकारी दस्तावेज या बैंक से जुड़ा सत्यापन कराना होता है, तो लोगों के मन में लंबी कतारों और घंटों की माथापच्ची का ख्याल आने लगता है। लेकिन एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर यह है कि इस ई-केवाईसी के लिए आपको किसी भी गैस एजेंसी के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
पेट्रोलियम कंपनियों ने डिजिटल इंडिया की तर्ज पर पूरी प्रक्रिया को बेहद आसान और यूजर-फ्रेंडली बना दिया है। आप अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल करके घर बैठे ही कुछ ही मिनटों में यह काम पूरा कर सकते हैं। इसके लिए आपको केवल अपनी एलपीजी प्रदाता कंपनी (जैसे इंडेन, भारत गैस या एचपी) के आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल करना होगा।
घर बैठे मोबाइल से ई-केवाईसी कैसे करें? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
- सबसे पहले अपने स्मार्टफोन के गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर पर जाएं।
- वहां से अपनी संबंधित गैस कंपनी (Indane, HP, or Bharat Gas) का आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें।
- ऐप ओपन करने के बाद अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन या साइन-अप करें।
- इसके बाद होमपेज पर दिए गए 'E-KYC' के विकल्प या मेनू पर क्लिक करें।
- मोबाइल कैमरे की मदद से या आधार फेस ऑथेंटिकेशन (यदि उपलब्ध हो) के जरिए अपनी पहचान का सत्यापन पूरा करें।
- सफलतापूर्वक प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपको स्क्रीन पर कंफर्मेशन मैसेज मिल जाएगा।
समय सीमा समाप्त होने का न करें इंतजार
अक्सर देखा गया है कि लोग डेडलाइन (अंतिम तिथि) का इंतजार करते हैं और जब आखिरी दिन आते हैं, तो सर्वर डाउन होने या तकनीकी समस्याओं की वजह से वे चूक जाते हैं। 14 सितंबर की तारीख नजदीक है, इसलिए किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए आज ही अपने फोन का इस्तेमाल करें और इस अनिवार्य प्रक्रिया को पूरा कर लें।
यदि आपके परिवार में या आस-पड़ोस में ऐसे कई लोग हैं जिन्हें इस नियम की जानकारी नहीं है, तो उन तक भी यह महत्वपूर्ण सूचना जरूर पहुंचाएं ताकि किसी भी उपभोक्ता की गैस सब्सिडी बिना वजह न रुके। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और डिजिटल माध्यमों का लाभ उठाकर समय रहते अपने सभी दस्तावेज अपडेट रखें।