त्योहारों का सीजन नजदीक आते ही घर जाने की चिंता हर उस शख्स को सताने लगती है जो अपने परिवार से दूर नौकरी या पढ़ाई के सिलसिले में दूसरे शहरों में रह रहा है। भारतीय रेलवे के काउंटर हों या फिर ऑनलाइन बुकिंग विंडो, कुछ ही मिनटों में 'वेटिंग लिस्ट' का बोर्ड लग जाना आम बात हो चुकी है। ऐसे में यात्रियों की इस भारी परेशानी को कम करने के लिए रेलवे प्रशासन ने एक बेहद राहत भरा कदम उठाया है। दक्षिण पूर्व रेलवे (South Eastern Railway) ने आगामी दशहरा, दीपावली और महापर्व छठ को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के रास्ते देश के अलग-अलग हिस्सों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए छह प्रमुख विशेष (स्पेशल) ट्रेनों के फेरों में विस्तार कर दिया है। इसके साथ ही, रेल सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए उच्च अधिकारियों ने मैदानी स्तर पर निरीक्षण तेज कर दिए हैं ताकि यात्रियों की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और सुगम हो सके।
इन छह स्पेशल ट्रेनों के बढ़ाए गए फेरे: रूट और शेड्यूल की पूरी जानकारी
त्योहारों के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट की समस्या से निपटने के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे ने 'ट्रेन ऑन डिमांड' के तहत कई गाड़ियों के फेरे बढ़ाए हैं। इससे रांची, खड़गपुर, चक्रधरपुर और आसपास के रेल मंडलों के हजारों यात्रियों को सीधा फायदा पहुंचेगा। आइए नजर डालते हैं इन ट्रेनों की पूरी सूची और उनके संचालन के दिनों पर:
- सांतरागाछी - अजमेर स्पेशल (ट्रेन संख्या 08611): यह ट्रेन 05 अक्टूबर से 30 नवंबर और इसके बाद 07 से 28 दिसंबर 2026 तक विशेष किराए के साथ परिचालित की जाएगी।
- अजमेर - सांतरागाछी स्पेशल (ट्रेन संख्या 08612): वापसी की दिशा में यह गाड़ी 08 अक्टूबर से 26 नवंबर और फिर 03 से 28 दिसंबर 2026 तक पटरियों पर दौड़ेगी।
- शालिमार - चर्लपल्ली सुपरफास्ट स्पेशल (ट्रेन संख्या 08045): इस विशेष ट्रेन का संचालन 02 अक्टूबर से 27 नवंबर 2026 तक तय किया गया है।
- चर्लपल्ली - शालिमार स्पेशल (ट्रेन संख्या 08046): यह ट्रेन 03 अक्टूबर से 28 नवंबर 2026 के बीच यात्रियों को अपनी सेवाएं देगी।
- रांची - आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल (ट्रेन संख्या 02877): राजधानी दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन 03 अक्टूबर से 28 नवंबर 2026 तक विशेष फेरे लगाएगी।
- आनंद विहार टर्मिनल - रांची स्पेशल (ट्रेन संख्या 02878): वापसी के सफर के लिए यह गाड़ी 04 अक्टूबर से 29 नवंबर 2026 तक पटरियों पर उपलब्ध रहेगी।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इन ट्रेनों के फेरे बढ़ने से मुख्य मार्गों पर ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ का दबाव काफी हद तक कम होगा और यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ जाएगी।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि: राउरकेला-बंडामुंडा रेलखंड पर कड़ा निरीक्षण
त्योहारी सीजन में ट्रेनों के फेरे बढ़ाना जहां एक तरफ यात्रियों के लिए राहत की खबर है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए रेलवे के शीर्ष अधिकारी खुद मैदान में उतर चुके हैं। हाल ही में दक्षिण पूर्व रेलवे के प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर (PCSO) कमल किशोर सिन्हा ने एक दिवसीय दौरे के तहत राउरकेला-बंडामुंडा रेलखंड का बेहद बारीकी से निरीक्षण किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीसीएसओ ने सुबह लगभग आठ बजे एक विशेष निरीक्षण ट्रेन (स्पीक) के जरिए राउरकेला पहुंच कर अपना अभियान शुरू किया। इसके बाद उन्होंने विंडो इंस्पेक्शन करते हुए बंडामुंडा, ए-कैबिन और डुमेरता तक के पूरे रेल मार्ग की एक-एक गतिविधि और तकनीकी पहलुओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मिली खामियां, अधिकारियों को लगाई फटकार
दौरे के दौरान सुरक्षा मानकों में जरा सी भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की गई। डुमेरता सेक्शन में किलोमीटर संख्या 404/31 के पास स्थित ब्रिज संख्या-3 का उन्होंने विशेष रूप से मुआयना किया। इसके बाद डुमेरता रेलवे फाटक के पास किलोमीटर संख्या 411/27 पर मौजूद पॉइंट संख्या-101 की कार्यप्रणाली को परखा गया।
जांच के दौरान:
- जॉइंट लाइन संख्या-2 की स्थिति देखी गई।
- रेलवे लेवल क्रॉसिंग गेट संख्या आरबी थ्री सी की सुरक्षा परखी गई।
- रेलवे ओएचई (ओवरहेड इक्विपमेंट) व्यवस्था की बारीकी से जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान कुछ तकनीकी और प्रबंधकीय खामियां सामने आने पर पीसीएसओ ने मौके पर मौजूद संबंधित विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि पाई गई कमियों को तुरंत प्रभाव से सुधारा जाए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा गया कि ट्रेन परिचालन में सुरक्षा हमेशा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। रेलवे के तय सुरक्षा मानकों का किसी भी स्तर पर उल्लंघन नहीं होना चाहिए। इसके बाद उनका काफिला लाठीकाटा रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां उन्होंने स्टेशन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
लाठीकाटा के बाद बिमलगढ़ होते हुए वे बारसुआ रेलवे स्टेशन पहुंचे। बारसुआ में उन्होंने रेलवे फाटक, पूरे स्टेशन परिसर तथा बिजली और सिग्नलिंग से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण उपकरणों की गहन जांच की। शाम करीब पांच बजे यह सघन निरीक्षण अभियान पूरा करने के बाद वे वापस राउरकेला के लिए रवाना हुए।
त्योहारी सीजन में कैसे करें टिकट बुक?
यदि आप भी इस त्योहारी सीजन में अपने घर जाने का मन बना चुके हैं, तो सलाह दी जाती है कि अंतिम समय की भागदौड़ से बचने के लिए अभी से अपनी टिकट बुक कर लें। इन बढ़ाई गई स्पेशल ट्रेनों की बुकिंग रेलवे के अधिकृत काउंटर और आईआरसीटीसी (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप के माध्यम से आसानी से की जा सकती है। त्योहारों के इस उल्लास के बीच रेलवे का यह कदम यात्रियों के सफर को सुगम और सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।