अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आज भारत की तकनीकी ताकत का डंका बज रहा है। इसी कड़ी में नई दिल्ली के भव्य भारत मंडपम में आयोजित हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत सरकार ने अपने तकनीकी कौशल का ऐसा नजारा पेश किया है, जिसे देख दुनिया भर के दिग्गज हैरान हैं। देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को ग्लोबल लेवल पर नई उड़ान देने के लिए 'भारत इनोवेट्स एक्सपोजिशन' नाम से एक विशेष प्रदर्शनी का आगाज किया गया है। इस मेगा इवेंट के जरिए भारत का मुख्य उद्देश्य अपने डीप-टेक इनोवेशन और स्टार्टअप्स के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार और निवेशकों की तलाश करना है, जो आने वाले समय में वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर भारत की स्थिति को और मजबूत करेगा।
अंतरिक्ष से लेकर स्वास्थ्य तक: 37 अनोखे डीप-टेक इनोवेशन
शिक्षा और विदेश मंत्रालय की संयुक्त पहल के तहत इस प्रदर्शनी में देश के कोने-कोने से चुने गए 37 अत्याधुनिक डीप-टेक इनोवेशन और स्टार्टअप्स को जगह दी गई है। इन नवाचारों में अंतरिक्ष अनुसंधान से लेकर स्वास्थ्य देखभाल तक के क्षेत्र शामिल हैं। प्रदर्शनी का दायरा केवल तकनीकी नुमाइश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा भू-आर्थिक एजेंडा काम कर रहा है। सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष, वैश्विक उद्योगों के शीर्ष अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ इस प्रदर्शनी का दौरा कर रहे हैं और भारतीय मेधा का लोहा मान रहे हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इस उच्च-स्तरीय प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन किया। मंत्रालय से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत में हो रहे मौलिक शोध (Research) और ग्राउंडब्रेकिंग इनोवेशन को एक वैश्विक मंच प्रदान करना है। जब दुनिया भर के निवेशक भारतीय स्टार्टअप्स की क्षमता को देखेंगे, तो देश के भीतर रोजगार के नए अवसरों के साथ-साथ तकनीकी विकास को भी जबरदस्त गति मिलेगी।
फ्रांस के बाद अब ब्रिक्स के मंच पर भारत का हुनर
भारतीय तकनीकी और स्टार्टअप्स की यह ग्लोबल ब्रांडिंग कोई पहली बार नहीं हो रही है। इससे पहले, इसी वर्ष 14 से 16 जून 2026 को फ्रांस के नाइस शहर में 'भारत इनोवेट्स' के नाम से इन सभी डीप-टेक इनोवेशन की धमाकेदार ब्रांडिंग की जा चुकी है। उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने खुद इन स्टार्टअप्स की हौसलाअफजाई की थी। अब ब्रिक्स सम्मेलन के जरिए भारत ने ग्लोबल साउथ और दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच अपनी तकनीकी बादशाहत का एक और मजबूत संदेश दिया है।
प्रदर्शनी के वे खास इनोवेशन जो खींच रहे हैं सबका ध्यान
इस प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए गए कुछ चुनिंदा डीप-टेक समाधान अपनी अनूठी खूबियों के कारण ग्लोबल लीडर्स और निवेशकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं:
- एआई-इनेबल्ड सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग: यह एक क्रांतिकारी हेल्थकेयर टूल है जो मात्र 60 सेकंड से भी कम समय में सर्वाइकल कैंसर के जोखिम का सटीक आकलन करने की क्षमता रखता है।
- एआई-इनेबल्ड फीटल मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म: गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य पर पैनी नजर रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस यह तकनीक चिकित्सा जगत में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो रही है।
- एडवांस्ड फ्लोटिंग सोलर पीवी प्लेटफॉर्म: रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में भारत की प्रतिबद्धता को दिखाता यह तैरता हुआ सोलर प्लांट भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मददगार है।
- फुल-स्टैक मरीन रोबोटिक प्लेटफॉर्म: समुद्र के भीतर बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की जांच और सुरक्षा के लिए तैयार किया गया यह रोबोटिक सिस्टम मरीन इंजीनियरिंग का नायाब नमूना है।
- रेयर-अर्थ फ्री ई-पावर ट्रेन: इलेक्ट्रिक वाहनों की दुनिया में रेयर-अर्थ खनिजों पर निर्भरता खत्म करने की दिशा में यह एक अभूतपूर्व तकनीकी खोज है।
वैश्विक निवेशकों के लिए खुला नया द्वार
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिक्स जैसे ताकतवर मंच पर इस तरह की प्रदर्शनी आयोजित करने से भारतीय स्टार्टअप्स को क्रॉस-बॉर्डर फंडिंग मिलने में आसानी होगी। आज का भारत केवल एक कंज्यूमर मार्केट नहीं रह गया है, बल्कि वह दुनिया के लिए डीप-टेक समाधान गढ़ने वाला 'टेक्नोलॉजी हब' बन चुका है। जिस प्रकार से वैश्विक प्रतिनिधि इन स्टार्टअप्स में रुचि दिखा रहे हैं, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में भारत दुनिया की तकनीकी और आर्थिक महाशक्तियों की कतार में सबसे आगे खड़ा नजर आएगा।