Breaking
► दिवाली-छठ पर कंफर्म टिकट की टेंशन खत्म! रेलवे ने इन 6 स्पेशल ट्रेनों के बढ़ाए फेरे ► लखनऊ यूनिवर्सिटी का बड़ा कमाल: NET-JRF में 48 छात्रों ने गाड़ा झंडा, देशभर में बजा डंका ► जमशेदपुर के बड़े स्टोरों में बिक रहे थे भ्रामक खाद्य उत्पाद, FSSAI की सख्ती के बाद D-Mart और Reliance को नोटिस ► मादक पदार्थ का विरोध करने पर घर में घुसकर सामाजिक कार्यकर्ता को मारी गोली, आरा-सासाराम हाईवे जाम ► ब्रिक्स मंच पर भारत का जलवा: डीप-टेक स्टार्टअप्स से वैश्विक निवेशक हैरान ► LPG Gas Subsidy Alert: 14 सितंबर से पहले घर बैठे पूरा करें ई-केवाईसी ► IND vs AFG: रहाणे ने चुनी ओपनिंग जोड़ी, संजू-अभिषेक को मौका और वैभव को दी बड़ी सलाह ► बिहार एमएलसी चुनाव से पहले जन सुराज ने उठाया बड़ा मुद्दा, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का दावा ► रतलाम में अनोखी परंपरा: दिन में जलमग्न हुए शिवलिंग, रात में झूम उठा आसमान ► तहसील के चक्कर काटने से हमेशा के लिए आज़ादी, सीएम योगी का बड़ा तोहफा ► दिवाली-छठ पर कंफर्म टिकट की टेंशन खत्म! रेलवे ने इन 6 स्पेशल ट्रेनों के बढ़ाए फेरे ► लखनऊ यूनिवर्सिटी का बड़ा कमाल: NET-JRF में 48 छात्रों ने गाड़ा झंडा, देशभर में बजा डंका ► जमशेदपुर के बड़े स्टोरों में बिक रहे थे भ्रामक खाद्य उत्पाद, FSSAI की सख्ती के बाद D-Mart और Reliance को नोटिस ► मादक पदार्थ का विरोध करने पर घर में घुसकर सामाजिक कार्यकर्ता को मारी गोली, आरा-सासाराम हाईवे जाम ► ब्रिक्स मंच पर भारत का जलवा: डीप-टेक स्टार्टअप्स से वैश्विक निवेशक हैरान ► LPG Gas Subsidy Alert: 14 सितंबर से पहले घर बैठे पूरा करें ई-केवाईसी ► IND vs AFG: रहाणे ने चुनी ओपनिंग जोड़ी, संजू-अभिषेक को मौका और वैभव को दी बड़ी सलाह ► बिहार एमएलसी चुनाव से पहले जन सुराज ने उठाया बड़ा मुद्दा, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का दावा ► रतलाम में अनोखी परंपरा: दिन में जलमग्न हुए शिवलिंग, रात में झूम उठा आसमान ► तहसील के चक्कर काटने से हमेशा के लिए आज़ादी, सीएम योगी का बड़ा तोहफा

बिहार एमएलसी चुनाव से पहले जन सुराज ने उठाया बड़ा मुद्दा, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का दावा

बिहार एमएलसी चुनाव से पहले जन सुराज ने उठाया बड़ा मुद्दा, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का दावा

बिहार की राजनीति में आगामी विधान परिषद (MLC) चुनावों को लेकर पारा अभी से हाई होने लगा है। चुनाव की सरगर्मी के बीच प्रशांत किशोर की अगुवाई वाली जन सुराज पार्टी ने प्रशासनिक मशीनरी और चुनाव आयोग के सामने एक बेहद गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। पार्टी ने सीधे तौर पर मतदाता सूची (Voter List) में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है.

जन सुराज प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से की मुलाकात

शुक्रवार को जन सुराज पार्टी का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में सीधे राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) विनोद सिंह गुंजियाल से मिलने पहुंचा। इस मुलाकात के दौरान पार्टी ने चुनाव आयोग को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें मतदाता सूचियों में पाई गई कथित विसंगतियों और गंभीर अनियमितताओं को तत्काल प्रभाव से दूर करने की मांग की गई है।

यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब कुछ दिन पहले ही पार्टी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जनता और मीडिया के सामने इस मुद्दे का खुलासा किया था। पार्टी का दावा है कि उनके द्वारा की गई आंतरिक जांच और आंकड़ों के विश्लेषण में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि चुनावी डेटाबेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

तिरहुत निर्वाचन क्षेत्र में 1,668 डुप्लीकेट एंट्री का सनसनीखेज दावा

जन सुराज पार्टी ने अपने आरोपों के समर्थन में पुख्ता आंकड़े भी पेश किए हैं। पार्टी के मुताबिक, विशेष रूप से तिरहुत निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची की जब गहन जांच की गई, तो उसमें कुल 1,668 डुप्लीकेट एंट्री (Duplicate Entries) पाई गईं। इसका सीधा सा मतलब यह है कि एक ही व्यक्ति का नाम, पता या विवरण एक से अधिक बार वोटर लिस्ट में दर्ज कर लिया गया है।

  • क्या है मामला: एक ही मतदाता का नाम कई स्थानों पर या एक ही सूची में दो बार दर्ज होना।
  • प्रभावित क्षेत्र: मुख्य रूप से तिरहुत शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र।
  • मांग: इस तरह के सभी फर्जी और दोहरे नामों को तुरंत सूची से बाहर किया जाए।

पार्टी ने न केवल प्रशासनिक स्तर पर बल्कि सार्वजनिक रूप से भी इन डुप्लीकेट नामों की पूरी सूची मीडिया के साथ साझा की है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और चुनाव प्रक्रिया की शुचिता पर कोई आंच न आए।

चुनाव अधिकारियों ने दिया सुधार का भरोसा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ हुई इस अहम बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि चुनाव आयोग के अधिकारियों ने उनकी आपत्तियों को बेहद गंभीरता से सुना है। अधिकारियों ने प्राथमिक तौर पर मतदाता सूची में सामने आई इन विसंगतियों को स्वीकार भी किया है।

मनोज भारती ने आगे जानकारी दी कि चुनाव आयोग के प्रतिनिधियों ने उन्हें आश्वस्त किया है कि इन सभी त्रुटियों को दूर करने की प्रक्रिया इस समय युद्ध स्तर पर चल रही है। आयोग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जब तक चुनाव की आधिकारिक घोषणा नहीं हो जाती, तब तक वोटर लिस्ट में नए नाम जोड़ने, गलत नामों को हटाने और किसी भी प्रकार के सुधार का कार्य निरंतर जारी रहेगा।"चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। आयोग ने हमें भरोसा दिलाया है कि अंतिम रूप से वही मतदाता सूची मान्य होगी जो सभी सुधारों को पूरा करने के बाद आधिकारिक रूप से प्रकाशित की जाएगी। हम पूरी प्रक्रिया पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।" - मनोज भारती, प्रदेश अध्यक्ष, जन सुराज

इन आठ MLC सीटों पर होने हैं कड़े मुकाबले

बिहार विधान परिषद की जिन आठ सीटों पर आने वाले महीनों में चुनाव होने वाले हैं, उनका राजनीतिक महत्व बहुत अधिक है। ये सभी सीटें शिक्षक और स्नातक (Graduate) निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत आती हैं, जिन्हें राज्य के बुद्धिजीवियों का प्रतिनिधित्व माना जाता है।

वर्तमान में इन सीटों का समीकरण बेहद दिलचस्प है:

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र

  • पटना: नवल किशोर यादव (भारतीय जनता पार्टी)
  • दरभंगा: मदन मोहन झा (कांग्रेस)
  • सारण: अफाक अहमद (निर्दलीय)
  • तिरहुत: संजय कुमार सिंह (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी - CPI)

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र

  • पटना: नीरज कुमार (जनता दल यूनाइटेड - JDU)
  • दरभंगा: सर्वेश कुमार (निर्दलीय)
  • कोसी: एनके यादव (भारतीय जनता पार्टी)
  • तिरहुत: बंशीधर ब्रजवासी (निर्दलीय)

राजनीतिक समीकरण और आगे की राह

इन आठ सीटों की मौजूदा तासीर को अगर आंका जाए, तो फिलहाल तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों का कब्जा है, दो सीटों पर बीजेपी के प्रतिनिधि हैं, जबकि जेडीयू, कांग्रेस और सीपीआई के पास एक-एक सीट है। आगामी चुनाव में अपनी सियासी जमीन मजबूत करने के लिए सभी दल पूरी ताकत झोंक रहे हैं।

ऐसे में जन सुराज पार्टी द्वारा उठाया गया यह कदम सत्ता पक्ष और निर्वाचन आयोग दोनों के लिए एक वेक-अप कॉल माना जा रहा है। यदि समय रहते मतदाता सूची की इन खामियों को पूरी तरह दुरुस्त नहीं किया गया, तो चुनाव परिणाम आने के बाद परिणामों की वैधता पर कानूनी या राजनीतिक सवाल खड़े हो सकते हैं। फिलहाल, सभी की निगाहें चुनाव आयोग के अगले कदम और सुधारी गई अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन पर टिकी हुई हैं।

About the Author

रोली सिंह

रोली सिंह

Writer (स्थानीय खबरें)

रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

Read More