देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज यानी 3 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एक दिवसीय दौरे पर हैं। उनके इस दौरे को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भोपाल के लाल परेड ग्राउंड या निर्धारित मुख्य स्थल पर आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में शिरकत करने के लिए प्रदेशभर से भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इस मेगा इवेंट में 35 हजार से अधिक पशुपालक और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्य सीधे तौर पर शामिल हो रहे हैं। सहकारिता और डेयरी सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में इस कार्यक्रम को एक बड़े मील का पत्थर के रूप में देखा जा रहा है।
भव्य गोपालक सम्मेलन: 35 हजार से अधिक पशुपालकों का जुटान
अमित शाह के इस दौरे का मुख्य आकर्षण 'राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन' है। इस ऐतिहासिक आयोजन में न सिर्फ भोपाल बल्कि इसके आसपास के तमाम जिलों जैसे सीहोर, बैतूल, राजगढ़, हरदा, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन और नर्मदापुरम से किसानों और गोपालकों का बड़ा हुजूम उमड़ा है। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद इस आयोजन की तैयारियों की बारिकी से समीक्षा की है। सम्मेलन स्थल पर पेयजल, स्वच्छता, सुगम यातायात और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले पशुपालकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
लाखों किसानों का डेटा और फार्मर आईडी पर फोकस
मध्य प्रदेश में कृषि और सहकारिता क्षेत्र को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। राज्य के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में 1 करोड़ 11 लाख से अधिक किसानों की 'फार्मर आईडी' बनाई जा चुकी है, जबकि शेष किसानों को इस दायरे में लाने की प्रक्रिया युद्धस्तर पर जारी है। केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप, मध्य प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें पारदर्शी तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध नजर आ रही है।
पशुपालकों के लिए तोहफों की बौछार: बोनस और आर्थिक सहायता
इस सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पशुपालकों के लिए कई बड़ी घोषणाओं और सौगातों की शुरुआत करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण इस प्रकार हैं:
- बोनस वितरण: भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े हजारों पशुपालकों के खातों में बोनस राशि का वितरण किया जाएगा।
- गौशालाओं को आर्थिक मदद: राज्य की पंजीकृत गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके संचालन के लिए आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
- गोपालक दीदियों का सम्मान: डेयरी सेक्टर में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के लिए 'गोपालक दीदियों' को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
- योजनाओं के स्वीकृति पत्र: डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के तहत चयनित हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र बांटे जाएंगे।
करोड़ों की डेयरी परियोजनाओं की सौगात
सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए इस दौरे पर कई नई डेयरी परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी और तैयार प्रोजेक्ट्स जनता को समर्पित किए जाएंगे। उज्जैन में लगभग 255 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से बनने वाले अत्याधुनिक डेयरी प्लांट का प्रोजेक्ट इसमें शामिल है। इसके अलावा, भोपाल दुग्ध संघ परिसर में फर्मेंटेड मिल्क प्रोडक्ट (किण्वित दुग्ध उत्पाद) तैयार करने वाली नई यूनिट की शुरुआत की जा रही है, जिस पर लगभग 16.80 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों को उनके दूध का बेहतर मूल्य और बाजार उपलब्ध हो सकेगा।
कृषक कल्याण वर्ष और अन्य कार्यक्रम
मध्य प्रदेश में मनाए जा रहे 'कृषक कल्याण वर्ष' के तहत अब तक हुए कार्यों और 'बलराम कृषि महोत्सव' की प्रगति रिपोर्ट भी केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुँचाने और ग्रामीण अंचल के युवाओं को इस सेक्टर से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह का यह भोपाल दौरा सहकारिता आधारित अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगा। एक तरफ जहां ग्रामीण इलाकों के पशुपालकों को आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ आधुनिक डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने से मध्य प्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में और अधिक मजबूती के साथ उभरकर सामने आएगा। कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर स्थानीय प्रशासन और पार्टी कार्यकर्ताओं में भी भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।