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सीएम मोहन यादव का जबलपुर दौरा: अमर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, बलिदान दिवस पर हुआ भव्य आयोजन

सीएम मोहन यादव का जबलपुर दौरा: अमर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, बलिदान दिवस पर हुआ भव्य आयोजन

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का विशेष जबलपुर दौरा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आज यानी 18 सितंबर 2026 को अपने एक दिवसीय दौरे पर ऐतिहासिक नगरी जबलपुर पहुंचे। यहाँ पहुँचकर उन्होंने अमर शहीद राजा शंकर शाह और उनके सुपुत्र कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित मुख्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान उनके साथ राज्य सरकार के कई अन्य वरिष्ठ मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में आम नागरिक भी मौजूद रहे जिन्होंने महान योद्धाओं को नमन किया।

जबलपुर के इस पावन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत पारंपरिक और बेहद गर्मजोशी भरे अंदाज में किया गया। स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति ने आगंतुकों की सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले इन दोनों वीर सपूतों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया और दीप प्रज्वलित कर उनके अदम्य साहस को याद किया।

इतिहास के पन्नों में अमर है राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह का बलिदान

वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महाकौशल अंचल के इन महान नायकों का योगदान भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। राजा शंकर शाह और उनके बेटे कुंवर रघुनाथ शाह ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंका था। उनकी वीरता से घबराकर अंग्रेजों ने उन्हें बेहद क्रूरता के साथ तोप के मुंह से उड़ाकर शहीद कर दिया था।

जबलपुर की धरती इन दोनों वीर सपूतों के बलिदान की गवाह रही है। हर साल 18 सितंबर का दिन इस क्षेत्र के लोगों के लिए किसी पर्व से कम नहीं होता, जब पूरा महाकौशल इन महान क्रांतिकारियों की शहादत को याद कर भावुक हो उठता है। मुख्यमंत्री मोहन यादव का इस कार्यक्रम में शामिल होना यह दर्शाता है कि राज्य सरकार अपनी ऐतिहासिक धरोहर और वीर नायकों के सम्मान के प्रति कितनी गंभीर है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का संबोधन: युवाओं को दी प्रेरणा

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि महाकौशल की यह भूमि वीरों की जननी रही है। राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह का बलिदान हमें हमेशा मातृभूमि के प्रति सर्वस्व न्यौछावर करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने आगे कहा कि आज की युवा पीढ़ी को हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्षों के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए ताकि वे देश के विकास में अपना शत-प्रतिशत योगदान दे सकें।

  • ऐतिहासिक विरासत: राज्य सरकार प्रदेश के सभी स्वतंत्रता सेनानियों के स्मारकों का जीर्णोद्धार करा रही है।
  • पाठ्यक्रम में शामिल: वीर शहीदों के इतिहास को स्कूली पाठ्यक्रम में प्रमुखता से पढ़ाया जा रहा है।
  • जन-कल्याणकारी घोषणाएं: इस अवसर पर क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं।

स्थानीय जनता और आदिवासी समाज में दिखा भारी उत्साह

मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर जबलपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में गजब का उत्साह देखने को मिला। विशेष तौर पर आदिवासी समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पारंपरिक लोक नृत्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए अमर शहीदों को अनूठे अंदाज में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल नई पीढ़ी को अपने इतिहास से जुड़ने का मौका मिलता है, बल्कि सामाजिक समरसता और देशभक्ति की भावना भी मजबूत होती है। मुख्यमंत्री का यह दौरा राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टियों से काफी अहम माना जा रहा है।

आगे की रूपरेखा और विकास कार्य

कार्यक्रम के समापन के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक भी की। इस बैठक में जबलपुर संभाग के चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई और आगामी परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार महाकौशल क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस प्रकार, जबलपुर का यह दौरा ऐतिहासिक स्मृतियों को ताजा करने के साथ-साथ भविष्य के विकास कार्यों की रूपरेखा तय करने के लिहाज से बेहद सफल और महत्वपूर्ण रहा।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

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निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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