इंदौर संभाग के पांच जिलों में मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पारे में आएगी गिरावट
मध्य प्रदेश में मानसून की आधिकारिक विदाई के बाद भी अप्रत्याशित मौसम का दौर लगातार बना हुआ है। प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में पिछले एक सप्ताह से बारिश और आंधी की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। इसी क्रम में मौसम विभाग ने शुक्रवार को इंदौर संभाग के पांच प्रमुख जिलों—आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर—में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
साइक्लोनिक सर्कुलेशन और आगामी पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, वर्तमान में बने एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंधी और बारिश का यह दौर बना हुआ है। बीते गुरुवार को भी इंदौर और धार सहित पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। वहीं, राजधानी भोपाल में दिनभर तेज धूप खिली रही, लेकिन शाम ढलते-ढलते आसमान में बादल छा गए।
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगामी 24 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है। इस नए तंत्र का असर दो से तीन दिनों के भीतर उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश समेत राज्य के अन्य हिस्सों में दिखाई देगा। अक्टूबर महीने के अंतिम सप्ताह में भी बारिश होने की संभावना बनी हुई है, जिससे महीने के अंत तक ठंड का असर और अधिक तेज हो सकता है।
तापमान में आई गिरावट, कटनी में सबसे कम पारा
मौसम में हो रहे इन बदलावों का सीधा असर दिन और रात के तापमान पर पड़ रहा है। प्रदेशभर में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। बीती रात इस सीजन में पहली बार राज्य का न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया।
कटनी जिले के करौंदी क्षेत्र में सबसे कम 13.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा अमरकंटक में 14.5 डिग्री, रीवा में 15 डिग्री, उमरिया में 15.4 डिग्री और शहडोल जिले के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 15.9 डिग्री सेल्सियस रहा। रात के तापमान में आगामी दिनों में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट आने का अनुमान जताया गया है। अधिकतम तापमान में भी नरमी आई है, जिसके तहत इंदौर और टीकमगढ़ में दिन का पारा 34 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है।