सैलाना के एकलव्य मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों ने शिक्षा और छात्रावास की बदहाल व्यवस्थाओं के खिलाफ अनूठा कदम उठाते हुए सोमवार को करीब 20 किलोमीटर की पदयात्रा की और रतलाम कलेक्ट्रेट पहुंचे। छात्रों का आरोप है कि स्कूल में शिक्षकों की नियमित मौजूदगी न होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जबकि छात्रावास में साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है।
विद्यार्थियों ने अपनी इन समस्याओं को लेकर प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपी है और सीधे कलेक्टर से मुलाकात करने की जिद पर अड़े रहे। हालांकि, इस दौरान कलेक्टर के शहर से बाहर होने की जानकारी मिली, लेकिन इसके बावजूद छात्र कलेक्ट्रेट परिसर में ही डटे रहे। प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ आदिवासी संगठन जयस के पदाधिकारी भी मौजूद थे। विद्यार्थियों का कहना है कि वे पिछले एक महीने से इन समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई ठोस सुनवाई न होने के कारण उन्हें यह लंबा पैदल मार्च निकालना पड़ा।
रास्ते में प्रशासनिक अधिकारियों ने रोकी राह, छात्रों ने ठुकराई बस
छात्रों के रतलाम की ओर पैदल कूच करने की भनक लगते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। रास्ते में अधिकारियों ने छात्रों से मुलाकात की और उन्हें कलेक्ट्रेट तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए बस का प्रबंध भी किया गया। हालांकि, छात्रों ने बस में बैठने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद विद्यार्थी पैदल ही आगे बढ़ते रहे, जबकि उनके ठीक पीछे एक खाली बस और अधिकारियों के वाहन सुरक्षा व निगरानी के रूप में चलते रहे। इस दौरान स्कूल प्रबंधन की तरफ से छात्रों को रास्ते में नाश्ता भी मुहैया कराया गया। छात्रों का साफ कहना था कि वे किसी वाहन में बैठने के बजाय सीधे अपनी बात जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाना चाहते हैं।
जनजातीय कार्य विभाग और स्कूल प्रबंधन का पक्ष
मामले को गंभीरता से लेते हुए जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त डॉ. प्रियंका राय ने पूरे घटनाक्रम की जांच कराने का भरोसा दिया है। उन्होंने बताया कि करीब एक महीने पहले भी स्कूल का निरीक्षण किया गया था। अब वे खुद विद्यार्थियों के साथ स्कूल जाकर वहां के हालात और शिकायतों की जमीनी हकीकत देखेंगी। उनका मानना है कि इस स्थिति के पीछे स्टाफ और विद्यार्थियों के बीच संवादहीनता भी एक कारण हो सकती है।
वहीं, स्कूल के प्राचार्य नरेंद्र गंगवार ने बताया कि छात्रावास के बाथरूम से जुड़ी कुछ छोटी-मोटी दिक्कतों को तुरंत दूर करवा दिया गया है। इसके विपरीत, बड़े स्तर के निर्माण और मरम्मत कार्य लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के जरिए होने हैं, जिसके लिए संबंधित विभाग को आधिकारिक पत्र भेजा जा चुका है। प्राक्कलन (एस्टीमेट) तैयार होने और फंड मिलने के बाद इन कार्यों को पूरा कराया जाएगा।
पढ़ाई के मोर्चे पर प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि अर्थशास्त्र के नियमित शिक्षक को अन्यत्र अटैच किए जाने के कारण फिलहाल व्यवस्था के तहत अतिथि शिक्षक से पढ़ाई कराई जा रही है। इसके अलावा छात्रों ने भौतिकी विषय की पढ़ाई को लेकर भी नाराजगी जताई है, जिस पर संबंधित शिक्षक से चर्चा कर हल निकाला जाएगा। प्राचार्य के आंकड़ों के मुताबिक, स्कूल में कुल 398 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनमें कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के लगभग 200 विद्यार्थी शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि विद्यार्थियों को तय समय पर यूनिफॉर्म, दैनिक जरूरत का सामान और नियमित भोजन दिया जा रहा है। खानपान से जुड़ी शिकायतों पर नजर रखने के लिए एक मेस कमेटी भी गठित की गई है।