नगर निगम गुरुग्राम की पहल से शहर के रास्तों को रोशन करने का काम तेजी से चल रहा है, जिससे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने और नागरिकों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शहर के विभिन्न हिस्सों में बेहतर रोशनी की व्यवस्था करने के उद्देश्य से पहले चरण के तहत कुल 19 प्रमुख सड़कों के फुटपाथ और सेंट्रल वर्ज पर 2480 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं। इस योजना के धरातल पर उतरने से रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है और अंधेरे रहने वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
किन इलाकों में हो रहा है लाइटों का काम
योजना के मुताबिक, कुल 19 चिह्नित सड़कों में से 10 सड़कों के फुटपाथों पर 2050 स्ट्रीट लाइटें लगाई जानी हैं, जबकि नौ सड़कों के सेंट्रल वर्ज पर 430 लाइटें स्थापित की जाएंगी। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, मेदांता रोड के फुटपाथ पर स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य पहले ही सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
फुटपाथों को रोशन करने के लिए जिन दस प्रमुख मार्गों को चिह्नित किया गया है, उनमें हुडा सिटी सेंटर से सिग्नेचर चौक, हुडा सिटी सेंटर से गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, हुडा सिटी सेंटर से बख्तावर सिंह चौक, बख्तावर सिंह चौक से मेदांता ट्रैफिक लाइट, हीरो होंडा चौक से बख्तावर चौक, बख्तावर चौक से मेफील्ड गार्डन रोड और मेफील्ड गार्डन से एसपीआर रोड शामिल हैं। इसके अलावा सोहना रोड पर पार्क अस्पताल से मेफील्ड गार्डन, पार्क अस्पताल चौक से एसपीआर रोड तथा धर्म मार्ग को भी इस सूची में जगह दी गई है।
सेंट्रल वर्ज और डिवाइडर पर भी रहेगी रोशनी
सड़क के बीच के हिस्से को रोशन करने के लिए नौ सड़कों के सेंट्रल वर्ज को चुना गया है। इनमें सेक्टर डिवाइडिंग रोड 45-46, 45-53, 51-52-57, 53-56, 44-52, 51-52, 45-48, गुरुग्राम विश्वविद्यालय रोड और सेक्टर डिवाइडिंग रोड 51-46 शामिल हैं। इन क्षेत्रों में लाइटें लगने से चालकों को दूर तक साफ दिखाई देगा।
नागरिकों से मांगे गए सुझाव
नगर निगम प्रशासन ने इस योजना के अगले चरण को लेकर जनता से भी सहयोग मांगा है। निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी क्षेत्र की कोई सड़क इस पहले चरण की सूची में शामिल होने से छूट गई है, तो स्थानीय निवासी इसकी जानकारी नगर निगम को दे सकते हैं। प्राप्त होने वाले सुझावों और शिकायतों की समीक्षा के बाद छूटी हुई सड़कों को आगामी दूसरे चरण की योजना में शामिल किया जाएगा।