चंडीगढ़ पुलिस के 60वें स्थापना दिवस पर मुख्य अतिथि होंगे गृह मंत्री, सेक्टर-17 के तिरंगा पार्क में भव्य समारोह की तैयारियां तेज
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आगामी 1 नवंबर को चंडीगढ़ के दौरे पर पहुंचेंगे। वह यहां चंडीगढ़ पुलिस के 60वें स्थापना दिवस यानी रेजिंग डे के अवसर पर आयोजित होने वाले भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। गृह मंत्री के इस प्रस्तावित दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं, जबकि विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं।
1 नवंबर 1966 को चंडीगढ़ को एक केंद्र शासित प्रदेश के रूप में स्थापित किए जाने के साथ ही चंडीगढ़ पुलिस का भी पुनर्गठन किया गया था। इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के चलते वर्ष 2026 का यह रेजिंग डे विशेष महत्व रखता है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री इस गरिमामयी समारोह में पहुंचेंगे और भव्य परेड की सलामी लेंगे।
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय
गृह मंत्री के दौरे के मद्देनजर वीवीआईपी कार्यक्रम स्थल यानी सेक्टर-17 स्थित तिरंगा पार्क की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पार्क में साफ-सफाई, निर्बाध बिजली आपूर्ति, आगंतुकों के बैठने की समुचित व्यवस्था, मंच निर्माण तथा प्रवेश एवं निकास द्वारों के प्रबंधन की लगातार समीक्षा की जा रही है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय बैठकें हो रही हैं, ताकि कार्यक्रम के दौरान यातायात प्रबंधन और पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त रहे। वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियां संभावित मार्गों का निरीक्षण भी कर रही हैं।
सजावट पर खर्च होंगे 14.60 लाख रुपये
इस उच्च स्तरीय आयोजन की तैयारियों के तहत तिरंगा पार्क में फूलों और भव्य मंच की सजावट पर लगभग 14.60 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। प्रशासनिक स्तर पर बजट और अन्य व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
चंडीगढ़वासियों को बड़ी राहत की उम्मीद
इस आधिकारिक दौरे को लेकर चंडीगढ़ के नागरिकों और स्थानीय कारोबारियों में भी खासी उम्मीदें हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस मंच से गृह मंत्री शहरवासियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर कोई बड़ी या राहतभरी घोषणा कर सकते हैं। वर्तमान में पुनर्वास कॉलोनियों के मकानों में रहने वाले लोगों को मालिकाना हक दिए जाने से जुड़ी फाइल गृह मंत्रालय के पास विचाराधीन है। इसके अतिरिक्त शहर के उद्योगपतियों और व्यापारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामले भी इस समय गृह मंत्रालय में लंबित पड़े हैं, जिन पर प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं।