मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर रविवार को अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग की। इस घटना में अभिनेता बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर को मामूली चोटें आई हैं। मुंबई पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश के लिए तेजी से छानबीन की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को जुहू क्षेत्र में यह वारदात हुई। हमले के दौरान अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाया गया। शुरुआती तकनीकी और चिकित्सीय जांच में सामने आया है कि इस घटना के बाद टाइगर के दाहिने हाथ पर गनपाउडर के जलने के निशान पाए गए हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि हमला बेहद करीब से या गनपाउडर के सीधे संपर्क में आने से हुआ था। इस पूरी घटना में अभिनेता सुरक्षित हैं, लेकिन उनके ड्राइवर को चोट लगने के कारण अस्पताल में चिकित्सा सहायता दी गई है।
अंधेरी रेलवे स्टेशन से जब्त हुई पल्सर बाइक
वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी हमले में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल को अंधेरी रेलवे स्टेशन के बाहर छोड़कर फरार हुए थे। जुहू पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए रेलवे स्टेशन के पास से उस बाइक को बरामद कर लिया है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि यह बाइक मुंबई में ही रजिस्टर्ड है। पुलिस अब वाहन की नंबर प्लेट के साथ-साथ उसके चेसिस नंबर और इंजन नंबर के माध्यम से मालिक और उसके पिछले रिकॉर्ड की गहनता से पड़ताल कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बाइक किसके नाम पर थी और इसे वारदात के समय कौन इस्तेमाल कर रहा था।
सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध कैद
घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं। फुटेज में दो संदिग्ध हमलावर साफ तौर पर नजर आ रहे हैं। दोनों ने सफेद रंग की शर्ट पहन रखी थी। पुलिस का मानना है कि इन दोनों शूटर्स ने ही टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां चलाई थीं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों के भागने के रास्तों और उनके सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है।
जुहू पुलिस स्टेशन में गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज
इस सनसनीखेज मामले में मुंबई के जुहू पुलिस स्टेशन में तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास) और 3(5) (समान इरादे से कई लोगों द्वारा किया गया अपराध) के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के सुसंगत प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया है। कानून के जानकारों के अनुसार, इस प्रकार के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया जाता है जो तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद लेती हैं।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस हमले के पीछे रंजिश, उगाهी या अन्य कोई आपराधिक मंशा थी या नहीं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मुंबई पुलिस की कई टीमें जुहू से लेकर अंधेरी और अन्य संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।