प्रक्रिया के दौरान नियमों के उल्लंघन और दबाव की राजनीति का लगाया गया आरोप
छत्रपति संभाजीनगर में एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस प्रक्रिया के संचालन पर गंभीर आपत्ति जताई है। पार्टी का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक नियमों की अनदेखी की जा रही है और विशेष राजनीतिक दल के दबाव में काम किया जा रहा है। इसी सिलसिले में AIMIM के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय तहसीलदार को औपचारिक शिकायत सौंपी है, जिसमें पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
तहसीलदार को सौंपी गई विस्तृत शिकायत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, AIMIM के नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर एक लिखित ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में यह मुद्दा उठाया गया है कि छत्रपति संभाजीनगर में एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर स्थानीय नागरिकों को परेशान किया जा रहा है और प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ दल यानी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर प्रशासन पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है, जिससे निष्पक्ष रूप से काम होना संभव नहीं रह गया है।
जांच, दोषियों पर कार्रवाई और लिखित जवाब की मांग
तहसीलदार को सौंपी गई शिकायत में AIMIM ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहला, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान सामने आई अनियमितताओं और कथित दबाव की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। दूसरा, यदि इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों या अन्य लोगों द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उनके खिलाफ तुरंत वैधानिक कार्रवाई की जाए। तीसरा, इस पूरी शिकायत पर प्रशासन की ओर से एक स्पष्ट लिखित जवाब दिया जाए ताकि स्थिति पारदर्शी हो सके।
स्थानीय स्तर पर इस शिकायत के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इस मामले में प्रशासन या भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जवाबी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। AIMIM ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित ध्यान नहीं दिया गया, तो पार्टी इस मुद्दे को और आगे बढ़ाएगी।