अनधिकृत निर्माण और फर्जीवाड़े पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार का बड़ा कदम
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र में बढ़ती धोखाधड़ी और अवैध निर्माणों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एक कड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत अब किसी भी अनधिकृत या अवैध फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं की जाएगी। राज्य शासन ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि आम नागरिकों को फर्जीवाड़े का शिकार होने से बचाया जा सके।
सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के लिए सख्त निर्देश
नए आदेश के अनुसार, राज्य के सभी उप-पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) कार्यालयों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि वे किसी भी ऐसे प्रोजेक्ट या फ्लैट के दस्तावेज पंजीकृत न करें जो कानूनी रूप से अनधिकृत हैं। यदि इसके बावजूद किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन कर अनधिकृत फ्लैटों की रजिस्ट्री की जाती है, तो संबंधित दोषी सब-रजिस्ट्रार के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बिल्डरों पर होगी सीधी विभागीय कार्रवाई
इस फैसले का मुख्य उद्देश्य उन डेवलपर्स और बिल्डरों पर नकेल कसना है जो बिना वैध अनुमति, नक्शे पास कराए बिना या तय नियमों के विपरीत फ्लैटों का निर्माण और बिक्री करते हैं। ऐसे बिल्डरों द्वारा भोले-भाले खरीदारों को अपने जाल में फंसाकर धोखाधड़ी किए जाने के मामले लगातार सामने आ रहे थे। अब नियमों की अनदेखी करने वाले ऐसे बिल्डरों पर भी सख्त प्रशासनिक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।