नासिक के पंचवटी क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली और अधिकारियों की लाचारी के खिलाफ पार्षदों ने महानगरपालिका प्रशासन के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया है।
नासिक शहर के पंचवटी इलाके में सड़कों पर बने गहरे गड्ढों, अनियमित और दूषित जलापूर्ति, जगह-जगह फैली गंदगी तथा कचरा वाहनों की अनियमित आवाजाही से परेशान स्थानीय पार्षदों ने महानगरपालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंचवटी प्रभाग समिति की मासिक बैठक के दौरान क्षेत्र की गंभीर समस्याओं का समाधान न होने पर पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान सभागार में 'प्रशासन का धिक्कार हो' के नारे लगाए गए और धरने पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया गया। बाद में महापौर और शहर अभियंता के लिखित आश्वासन मिलने पर दोपहर 2:10 बजे यह आंदोलन स्थगित किया गया।
प्रभाग समिति की बैठक में बुनियादी मुद्दों पर तीखी बहस
मंगलवार को स्वर्गीय पंडितराव खैरे विभागीय कार्यालय में पंचवटी प्रभाग समिति की पांचवीं बैठक आयोजित की गई थी। सभापति रोहिणी पिंगले की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पार्षदों ने क्षेत्र की बदतर बुनियादी स्थिति को लेकर प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया।
बैठक के दौरान पार्षद प्रियंका माने ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि आगामी आठ दिनों के भीतर प्रमुख सड़कों के गड्ढे नहीं भरे गए, तो क्षेत्र में बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा। वहीं, पार्षद गुरमीत बग्गा ने सड़कों की मरम्मत के लिए आवश्यक सामग्री जैसे गिट्टी और डामर की उपलब्धता पर सवाल उठाए। ऐश्वर्या लाड-जेजुरकर ने आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के बीच भी पंचवटी क्षेत्र में साफ-सफाई न होने और लगातार बनी गंदगी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। इसके अलावा, गौरव गोवर्धने ने स्थानीय उद्यानों के रखरखाव में बरती जा रही कथित अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
दूषित जलापूर्ति और टैंकर से पानी पर वसूली का गंभीर आरोप
बैठक में पेयजल की किल्लत, अनियमित जलापूर्ति और दूषित पानी की आपूर्ति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। पार्षदों सागर लामखड़े, चित्रा तांदले और सरला सोनवणे ने संयुक्त रूप से हमालवाड़ी तथा समर्थनगर क्षेत्रों में टैंकर से पानी मुहैया कराने के एवज में 500 रुपये तक वसूले जाने की गंभीर शिकायत दर्ज कराई। इस पर संज्ञान लेते हुए सभापति रोहिणी पिंगले ने अवैध वसूली में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, पार्षद रिद्धीश निमसे ने कचरा वाहन कर्मचारियों द्वारा नागरिकों के साथ किए जा रहे कथित दुर्व्यवहार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। चित्रा तांदले ने कचरा वाहनों के समय पर न आने और अनियमित संचालन की शिकायत की। पार्षदों ने क्षेत्र में जेसीबी और ट्रैक्टर की अनुपलब्धता तथा स्थानीय अस्पताल की मरम्मत से जुड़ी जानकारियां समय पर उपलब्ध न कराए जाने का मुद्दा भी उठाया।
महापौर के वीडियो कॉल और आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित
सभागार में चल रहे धरने और हंगामे के बीच महापौर हिमगौरी आहेर-आडके ने वीडियो कॉल के माध्यम से सभापति रोहिणी पिंगले और अन्य पार्षदों से बातचीत की। शहर अभियंता रवींद्र धारणकर ने सभी शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया। प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद दोपहर 2:10 बजे पार्षदों ने अपना धरना-प्रदर्शन स्थगित कर दिया।
सभापति रोहिणी पिंगले ने बताया कि उठाई गई समस्याओं पर विस्तृत चर्चा करने और आगे की कार्रवाई तय करने के लिए मंगलवार शाम 4 बजे राजीव गांधी भवन स्थित महानगरपालिका मुख्यालय में एक और बैठक बुलाई गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में सभी शिकायतों की समीक्षा कर उनके समाधान की रूपरेखा तैयार की जानी थी।