नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले के आयोजन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इसी कड़ी में आगामी 31 अक्टूबर को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति में महाध्वजारोहण समारोह प्रस्तावित किया गया है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को लेकर रामकुंड परिसर में सुरक्षा, यातायात और धार्मिक अनुष्ठानों का पूर्वाभ्यास किया जा चुका है, जबकि तपोवन स्थित साधुग्राम में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए नगर निगम ने करोड़ों रुपये के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।
रामकुंड परिसर में हुआ पूर्वाभ्यास और समय निर्धारण
राष्ट्रपति के संभावित दौरे और महाध्वजारोहण समारोह को त्रुटिहीन बनाने के लिए जिला प्रशासन ने रामकुंड परिसर में रिहर्सल की। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठानों, सुरक्षा घेरे, यातायात नियंत्रण और विशिष्ट अतिथियों के बैठने की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया। निर्धारित शुरुआती कार्यक्रम के अनुसार, कार्यक्रम की शुरुआत लगभग 10 मिनट के यज्ञ से होगी, जिसके बाद पांच मिनट तक गौतमी गोदावरी का पूजन संपन्न किया जाएगा। इसके उपरांत दोपहर ठीक 12:02 बजे महाध्वजारोहण का समय प्रस्तावित किया गया है। राष्ट्रपति के स्वागत, पारंपरिक शंखनाद और गोदावरी आरती के बीच हर गतिविधि का समय तालमेल के साथ तय किया जा रहा है।
कुंभ मेला आयुक्त शेखर सिंह के दिशा-निर्देशों के तहत अपर जिलाधिकारी हेमांगी पाटिल ने रामकुंड क्षेत्र का मुआयना किया। उन्होंने यज्ञकुंड, गौतमी गोदावरी मंदिर, धर्मध्वज स्तंभ और आरती स्थल पर की गई तैयारियों को परखा। इस निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। उपविभागीय अधिकारी अर्पिता दुबे इस पूर्वाभ्यास के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को सौंपेंगी। इसके पश्चात इस कार्यक्रम का प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए राष्ट्रपति सचिवालय को भेजा जाएगा। राष्ट्रपति भवन से हरी झंडी मिलने के बाद स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) और सुरक्षा एजेंसियां स्थल का जायजा लेंगी और आवश्यकतानुसार अंतिम रूपरेखा तय की जाएगी।
साधुग्राम के विकास के लिए 3.29 करोड़ रुपये मंजूर
महाध्वजारोहण की तैयारियों के साथ-साथ तपोवन स्थित साधुग्राम में साधु-संतों के लिए मूलभूत ढांचा तैयार करने का काम भी शुरू हो गया है। महानगरपालिका की स्थायी समिति ने साधुग्राम में अखाड़ों की सुविधाओं के विकास से जुड़े प्रस्ताव को आधिकारिक स्वीकृति दे दी है। इस पूरे विकास कार्य पर लगभग 3.29 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
महानगरपालिका के निर्माण विभाग द्वारा इस कार्य के लिए ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई थी। इस प्रक्रिया में कुल सात निविदाएं प्राप्त हुईं, जिनमें से तकनीकी और प्रशासनिक मानदंडों के आधार पर पांच निविदाएं पात्र घोषित की गईं। इनमें मेसर्स संजय वासुदेव गडाख की बिड सबसे कम दरों वाली रही। इसके तहत निर्माण कार्य की लागत 3 करोड़ 22 लाख 98 हजार 17 रुपये तय की गई है, जबकि वास्तुकार (आर्किटेक्ट) के शुल्क के रूप में 5 लाख 97 हजार 751 रुपये का प्रावधान किया गया है।
अखाड़ों के लिए जुटाई जा रही हैं जरूरी सुविधाएं
सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले दिगंबर, निर्मोही और निर्वाणी अखाड़ों के साधु-संतों, महंतों व खालसों के तपोवन स्थित साधुग्राम में ठहरने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए वहां पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। स्वीकृत बजट के जरिए साधुग्राम के भीतर आंतरिक सड़कों का निर्माण, जलापूर्ति पाइपलाइन, जल निकासी व्यवस्था, बिजली आपूर्ति और विशाल मंडपों की स्थापना की जाएगी।
इन बुनियादी सुविधाओं के विकसित होने से मेले के दौरान संतों के विश्राम और उनकी दैनिक धार्मिक गतिविधियों के संचालन में सुगमता आएगी। वर्तमान में जिला प्रशासन के समक्ष तय समय सीमा के भीतर सभी निर्माण कार्यों को पूरा करने और राष्ट्रपति के दौरे से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की बड़ी जिम्मेदारी है।