केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले राज्यों को कर हस्तांतरण के रूप में 1.09 लाख करोड़ रुपये जारी किए। सूखे से जूझ रहे महाराष्ट्र को मिले 7,022 करोड़ रुपये।
दिवाली से पहले केंद्र सरकार का बड़ा कदम, कर हस्तांतरण के तहत राज्यों को भेजी गई 1,09,019 करोड़ रुपये की अतिरिक्त किस्त
केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन और दिवाली से ठीक पहले देश के विभिन्न राज्यों के लिए कर हस्तांतरण (Tax Devolution) के रूप में 1,09,019 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी की है। इस वित्तीय आवंटन के तहत सूखे की मार झेल रहे महाराष्ट्र को 7,022 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण हिस्सा प्राप्त हुआ है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस आर्थिक सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया है। केंद्र सरकार की ओर से कर राजस्व का यह हिस्सा राज्यों को समय पर उपलब्ध कराया गया है ताकि स्थानीय स्तर पर वित्तीय प्रबंधन मजबूत हो सके।
विभिन्न राज्यों को मिला फंड
केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा जारी इस अतिरिक्त अग्रिम राशि में सबसे बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश के खाते में गया है। उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक 19,208 करोड़ रुपये की राशि मिली है। इसके बाद बिहार को 10,845 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़ रुपये और पश्चिम बंगाल को 7,866 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। इस राष्ट्रव्यापी कर हस्तांतरण का उद्देश्य सभी राज्यों को उनकी विकासात्मक और कल्याणकारी प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना है।
महाराष्ट्र में बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि केंद्र से मिली इस समय पर आर्थिक मदद से महाराष्ट्र में बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी। इस फंड का उपयोग सड़क और पुल निर्माण, सिंचाई परियोजनाओं, शहरी विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के वित्तपोषण के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, इस राशि का उपयोग पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) को बढ़ाने और राज्य में चल रही विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने में भी किया जाएगा।
लोक-कल्याणकारी और ग्रामीण विकास योजनाओं पर जोर
विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा कर राजस्व का यह हिस्सा मिलने से राज्यों को अपने वार्षिक बजट और विकास लक्ष्यों को साधने में सहूलियत होती है। इस अतिरिक्त वित्तीय सहायता से राज्य सरकार सामाजिक कल्याण, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों की योजनाओं के लिए संसाधनों का बेहतर आवंटन कर सकेगी। इससे न केवल अटकी हुई परियोजनाओं में तेजी आएगी, बल्कि उनके समय पर पूरा होने की संभावना भी काफी हद तक बढ़ जाएगी, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा।